असम चुनाव पर सरयू राय का बयान, जेएमएम की भूमिका पर उठाए सवाल

Updated at : 23 Mar 2026 10:59 AM (IST)
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Assam Election

धनबाद में सरयू राय (बाएं) को फूलों का गुलदस्ता देकर स्वागत करते लोग. फोटो: प्रभात खबर

Assam Election: असम चुनाव को लेकर सरयू राय ने जेएमएम की भूमिका पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि असम के आदिवासी स्थानीय मुद्दों को प्राथमिकता देते हैं. साथ ही, हेमंत सोरेन के दौरे को बदले की राजनीति बताया, जबकि कांग्रेस-जेमएम गठबंधन पर भी तंज कसा, जिससे राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.

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धनबाद से प्रतीक पोपट की रिपोर्ट

Assam Election: जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के नेता और जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने सोमवार को असम चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है. धनबाद के आईआईटी (आईएसएम) में विश्व जल दिवस के अवसर पर आयोजित दो दिवसीय विशेष कार्यक्रम में शामिल होने सरयू राय ने असम विधानसभा चुनाव को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) की भूमिका पर बेबाक टिप्पणी की. उन्होंने असम चुनाव में जेएमएम की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं.

स्थानीय मुद्दों को महत्व देते हैं असम के आदिवासी

मीडिया से बातचीत के दौरान सरयू राय ने कहा कि असम में रहने वाले आदिवासी समुदाय के लोग भले ही झारखंड और ओडिशा से गए हों, लेकिन अब वे स्थानीय परिवेश में पूरी तरह रच-बस गए हैं. उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि वहां के लोग स्थानीय मुद्दों और नेतृत्व को ही प्राथमिकता देते हैं, बाहरी हस्तक्षेप को ज्यादा महत्व नहीं देते.

बदले की राजनीति का हिस्सा है असम में जेएमएम का जाना

इस दौरान उन्होंने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि वे असम जाने की कोशिश कर रहे हैं. राय ने इसे एक तरह की राजनीतिक प्रतिक्रिया बताया. उन्होंने कहा कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा भी पहले झारखंड आ चुके हैं. ऐसे में यह “बदले की राजनीति” का हिस्सा हो सकता है.

जेएमएम-कांग्रेस गठबंधन पर सरयू राय का तंज

असम चुनाव में जेएमएम और कांग्रेस के संभावित गठबंधन के सवाल पर सरयू राय ने कांग्रेस की स्थिति पर भी तंज कसा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस इतनी “दिमागी दिवालिया” नहीं हुई है कि वह हवा का रुख देखकर गठबंधन करने लगे.

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हेमंत सोरेन की आलोचना करना उचित नहीं

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि हेमंत सोरेन की भूमिका की पूरी तरह आलोचना करना उचित नहीं होगा. उनके अनुसार, मुख्यमंत्री शायद यह मानते हैं कि असम में रह रहे आदिवासी समाज के मुद्दों को उठाने से उन्हें राजनीतिक समर्थन मिल सकता है. साथ ही, वे यह भी उम्मीद कर रहे होंगे कि दूसरे राज्यों में कुछ सीटें जीतकर उनकी पार्टी को राष्ट्रीय पहचान मिल सके. इस बयान के बाद असम चुनाव में जेएमएम की रणनीति को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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