ePaper

स्वास्थ्य समस्या होने पर झिझकें नहीं, चिकित्सक से मिलें

Updated at : 31 Aug 2024 1:24 AM (IST)
विज्ञापन
स्वास्थ्य समस्या होने पर झिझकें नहीं, चिकित्सक से मिलें

जीएन कॉलेज बैंकमोड़ में प्रभात खबर के स्वास्थ्य जागरूकता अभियान में सैकड़ों छात्राएं शामिल हुईं. इस दौरान छात्राओं को सर्वाइकल कैंसर- पीसीओडी की जानकारी दी गयी और उनके बचने के उपाय बताये गये.

विज्ञापन

धनबाद.

बैंकमोड़ स्थित जीएन कॉलेज में शुक्रवार को प्रभात खबर की ओर से छात्राओं के लिए हेल्थ अवेयरनेस कैंप ””स्वस्थ बेटियां खुशहाल परिवार”” का आयोजन किया गया. इसमें कॉलेज की सैकड़ों छात्राएं शामिल हुईं. वरिष्ठ स्त्री व प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ नीतू सहाय ने छात्राओं को युवावस्था में होनेवाली समस्या, समाधान के साथ वैक्सीनेशन की जानकारी दी. वहीं छात्राओं ने अपनी समस्या से चिकित्सक को अवगत कराया. चिकित्सक ने न सिर्फ उनके सवालों के जवाब दिये, बल्कि स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने के टिप्स भी दिये. कहा कि किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या होने पर झिझकें नहीं. घर की महिला सदस्य को अपनी समस्या बतायें, फिर चिकित्सक से मिलें. मौके पर कॉलेज की किरण कुमारी, नुसरत परवीन, पुष्पा तिवारी, सिमरन छाबड़ा, सुरभि कुमारी, सपना कुमारी, आयुषी आदि प्रोफेसर्स उपस्थित थीं. सभी ने कार्यक्रम की सराहना की और कई सवाल भी पूछे.

सर्वाइकल कैंसर से बचने के लिए वैक्सीनेशन जरूरी :

शिविर में बताया गया कि सर्वाइकल कैंसर एकमात्र ऐसा कैंसर है, जो पेपीलोमा वायरस से होता है. हर आठ में से एक महिला सर्वाइकल कैंसर का शिकार हो रही हैं. इससे बचने के लिए वैक्सीनेशन जरूरी है. 10 से 45 साल तक इसका तीन डोज लगाया जाता है. साथ ही पीसीओडी की समस्या भी युवतियों में बढ़ती जा रही है. पीसीओडी (पॉलि सिस्टिक ओवरी डिसआर्डर) के तहत हार्मोनल चैंजेज आते हैं. इसके कारण मोटापा, अनियमित माहवारी, चेहरे पर हेयर ग्रो होना, प्रेग्नेंसी में परेशानी, सिरदर्द, ब्लड प्रेशर आदि की समस्या होती है. इससे बचने के लिए लाइफ स्टाइल को बदलें. तनाव न लें, मेडिटेशन कर पौष्टिक आहार लें. स्वाद नहीं सेहत का ध्यान रखें.

जो समस्या सामने आयी : छात्राओं ने कई समस्याओं को चिकित्सक के समक्ष रखा और उससे संबंधित जानकारी ली. इस दौरान पीरियड्स, व्हाइट डिस्चार्ज, मोटापा, हाइट का नहीं बढ़ना, पीरियड्स की तारीख में अंतर आदि से जुड़े सवाल पूछे गये.

छात्राओं ने जताया आभार :

कॉलेज की छात्राओं ने कहा कि आज का कार्यक्रम हमारे लिए बहुत उपयोगी रहा. हमारे मन में कई जिज्ञासा थी, जिनके जवाब कार्यक्रम में मिले. हमें स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी गयी. प्रभात खबर का भी आभार, जिसके सौजन्य इतनी महत्वपूर्ण जानकारी हम छात्राओं को उपलब्ध करायी गयी.

चिकित्सक ने दिये सुझाव :

डॉ नीतू सहाय ने छात्राओं के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि पीरियड्स के समय स्वच्छता का ख्याल रखें. पीरियड्स आने के पहले पेट दर्द की समस्या होती है. अधिक होने पर चिकित्सक से सलाह लेकर दवा लें. माह के खास दिनों में स्वच्छता का ख्याल रखना बेहद जरूरी है नहीं तो संक्रमण फैल सकता है. सेनेटरी नैपकिन का इस्तेमाल करें और हर पांच -छह घंटे में उसे बदलें. पीरियडस के पहले व्हाइट डिस्चार्ज होता है, अगर यह ज्यादा हो, इंचिग हो रहा हो तो अपने परिजन को बतायें. पौष्टिक व संतुलित आहार लें. नियमित योग करें. रोज 10 से 12 गिलास पानी पीयें.

यूटीआइ इंफेक्शन से बचें :

ई- कोलाई बैक्टीरिया के कारण यूरीनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (यूटीआइ) होता है. महिलाओं में यूटीआइ होना कॉमन है. इंफेक्शन होने से ठंड के साथ बुखार आना, यूरीन के साथ ब्लड आना, उल्टी आदि की समस्या हो सकती है. इससे बचने के लिए माहवारी के समय गंदे पैड का इस्तेमाल न करें. इंफेक्शन का सोर्स गंदगी होता है, इसलिए स्वच्छता का पूरा ख्याल रखें. खूब पानी पीयें. पानी का कम सेवन भी इंफेक्शन का कारण हो सकता है. पेशाब आये तो उसे रोके नहीं. टाॅयलेट का इस्तेमाल करते समय पानी डाल दें.

आयरन युक्त आहार लें :

डॉ नीतू सहाय ने बताया कि फीमेल को आयरन युक्त आहार के साथ विटामिन व मिनरल की जरूरत अधिक होती है. आयरन के लिए पालक, गुड़, खजूर, बीट, मोटा अनाज व आलू, सेब खायें. विटामिन सी के लिए नींबू, हरी मिर्च व आंवला का उपयोग करें. गुड़ में नींबू का रस मिलाकर शरबत बनाकर सेवन करें. फास्ट फूड व जंक फूड से परहेज करें. पिज्जा, बर्गर, चाउमिन, पास्ता व कोल्ड ड्रिंक्स का इस्तेमाल नहीं करें. फास्ट व जंक फूड से मोटापा, अनियमित मासिक, खून की कमी, लंबाई का नहीं बढ़ना जैसी समस्या होती है.

बेटियों में जरूरी है स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता :

जीएन कॉलेज के प्रिंसिपल संजय प्रसाद ने बताया कि मौजूदा समय में बेटियों में स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता जरूरी है. प्रभात खबर की ओर से बेटियों के लिए हेल्थ अवेयरनेस प्रोग्राम चलाया जाना प्रशंसनीय है. इस उम्र में बच्चियों में झिझक होती है. ऐसे कार्यक्रमों से उनकी समस्या का समाधान होगा, झिझक भी मिटेगी. कॉलेज की ओर से सुरक्षा, स्वास्थ्य पर कार्यक्रम किये जाते हैं.

सार्थक पहल :

प्रोफेसर इंचार्ज डॉ रंजना दास ने कहा कि स्वास्थ्य को लेकर प्रभात खबर द्वारा बहुत ही सार्थक पहल की जा रही है. बढ़ती बेटियों का सही मार्गदर्शन करन जरूरी है. प्रभात खबर का जागरूकता अभियान सराहनीय है.

बढ़ेगी जागरूकता :

शिक्षिका डॉ मीना मालखंडी ने कहा कि छात्राओं के लिए ऐसे कार्यक्रम काफी महत्वपूर्ण हैं. इस उम्र की समस्या झिझक के कारण वह नहीं बोल पाती हैं. इस तरह के कार्यक्रम से उनमें जागरूकता आयेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola