Dhanbad News: 15 वर्षों बाद खुल सकता है कांग्रेस, आइएमए भवन

Published by : ANAND KUMAR UPADHYAY Updated At : 10 May 2026 1:04 AM

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Dhanbad News: जिला परिषद बोर्ड की बैठक में बनी सहमति, जमीन पर बैठ जिप सदस्य मो इसराफिल.

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धनबाद, एलसी रोड स्थित कांग्रेस कार्यालय का भवन करीब 15 वर्षों बाद फिर से खुल सकता है. शनिवार को जिला परिषद की बोर्ड की विशेष बैठक में इस मुद्दे पर सकारात्मक चर्चा हुई. मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी सह उपविकास आयुक्त सन्नी राज ने आश्वस्त किया कि अगली बैठक तक विभागीय प्रक्रिया पूरी कर भवन खोलने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी. कांग्रेस भवन के साथ-साथ इंटक और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) भवन के खुलने की उम्मीद भी बढ़ गयी है.

अप्रैल 2011 से सील है कांग्रेस भवन

धनबाद का कांग्रेस भवन अप्रैल 2011 से सील है. उस समय जिला परिषद ने अपनी संपत्तियों को वापस लेने के लिए झारखंड हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी. कोर्ट का फैसला जिला परिषद के पक्ष में आया था. इसके बाद जिला परिषद की जमीन पर संचालित कांग्रेस, इंटक और आइएमए के कार्यालयों को सील कर दिया गया था.

जिला परिषद बोर्ड बैठक में जमकर हुआ हंगामा

जिला परिषद अध्यक्ष शारदा सिंह की अध्यक्षता में हुई इस विशेष बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को मुख्य एजेंडा रखा गया था. इस मुद्दे पर सदस्यों ने काफी हंगामा किया. सदस्यों का आरोप था कि अभी ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर जल नल योजना अभी तक पूरा नहीं हो पाया है. अधिकतर जगहों पर यह अब भी आधार अधूरा है. चापाकल भी खराब हैं. नये बोरिंग नहीं हो रहे हैं. इस मुद्दे के साथ ही अन्य समस्याओं के समाधान में देरी, योजनाओं के शिलान्यास और उद्घाटन कार्यक्रमों की जानकारी नहीं मिलने तथा निर्वाचित सदस्यों की अनदेखी को लेकर कई सदस्यों ने तीखी नाराजगी जतायी.

जिप उपाध्यक्ष के पति पर लगाए आरोप

बैठक के दौरान जिला परिषद सदस्य मो इसराफिल उर्फ लाला खान सबसे अधिक आक्रोशित दिखे. उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है. उन्होंने विशेष रूप से जिला परिषद उपाध्यक्ष सरिता देवी के पति सुभाष रवानी का नाम लेते हुए कहा कि वे लगभग हर शिलान्यास कार्यक्रम में मौजूद रहते हैं, जबकि संबंधित क्षेत्र के निर्वाचित सदस्यों को आमंत्रित तक नहीं किया जाता. मो इसराफिल बैठक के बीच में ही कुर्सी छोड़कर जमीन पर बैठ गए. इस दौरान उनकी उपाध्यक्ष सरिता देवी से तीखी बहस भी हुई.

कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल

बैठक में परिषद अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यशैली भी सवालों के घेरे में रही. सदस्य मीना हेम्ब्रम ने कहा कि जिला परिषद के कार्यक्रमों की सूचना सदस्यों को समय पर नहीं मिलती, जबकि सांसद और विधायक को इसकी जानकारी पहले दे दी जाती है. सदस्य विकास महतो, स्वाति कुमारी और लक्ष्मी मुर्मू समेत अन्य सदस्यों ने भी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया.

इन महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मिली मंजूरी

15वें वित्त आयोग मद से वर्ष 2025-26 की अनुपूरक वार्षिक कार्य योजना, 15वें वित्त आयोग के तहत अनुशंसित योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति को अनुमोदन, स्थल परिवर्तन से संबंधित योजनाओं की तकनीकी और प्रशासनिक स्वीकृति पर सहमति बनी, जिला परिषद की नव निर्मित दुकानों की जमानत राशि तय कर नीलामी प्रक्रिया आगे बढ़ाने पर सहमति.

बोलीं अध्यक्ष

जिला परिषद अध्यक्ष शारदा सिंह ने कहा कि विशेष बैठक का मुख्य एजेंडा ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक पेयजल आपूर्ति था. लेकिन, इसमें का कई अरचन है. अभी टेंडर हो रहा है. ऐसे में गर्मी के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों में नये चापाकल नहीं लग पाएंगे. साथ ही हर घर जल नल योजना के पूरा होने में विलंब है. सदस्य इनको लेकर नाराज हैं.

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