धनबाद में हवाई अड्डा विकसित करने का प्रस्ताव अब तक नहीं मिला

Updated at : 30 Jul 2024 2:28 AM (IST)
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धनबाद में हवाई अड्डा विकसित करने का प्रस्ताव अब तक नहीं मिला

नागर विमानन राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल ने राज्यसभा सदस्य आदित्य साहू के सवाल पर सदन में दी जानकारी

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केंद्रीय नागर विमानन मंत्रालय में राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा है कि भारत सरकार ने देश भर में नये ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों की स्थापना के लिए नीति तैयार की है. इस नीति के अनुसार राज्य सरकार सहित यदि कोई हवाई अड्डा बनाना चाहता है, तो उसे उपयुक्त साइट (स्थल) का चुनाव करना है. इसके लिए पूर्व-व्यवहार्यता अध्ययन करना आवश्यक है. भारत सरकार को झारखंड राज्य के धनबाद और जमशेदपुर में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के निर्माण के लिए राज्य सरकार या किसी हवाईअड्डा विकासकर्ता से कोई साइट क्लीयरेंस का प्रस्ताव नहीं मिला है. श्री माेहोल सदन में पूछे गये एक सवाल का जवाब दे रहे थे. धनबाद एवं जमशेदपुर में हवाई अड्डा विकसित करने से संबंधित सवाल राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने सोमवार को पूछा था.

राज्य सरकार ने धनबाद हवाई अड्डे के लिए नहीं दी है सहमति :

राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने बताया कि जमशेदपुर हवाई अड्डे का स्वामित्व टाटा स्टील लिमिटेड के पास है. छोटे विमानों (20 सीटों से कम) के लिए धनबाद हवाई अड्डे के लिए बोलियां मिली हैं. राज्य सरकार से अनुरोध किया गया था कि वह छोटे विमानों (2बी) के परिचालन और भविष्य में श्रेणी में विस्तार के लिए भूमि की उपलब्धता के बारे में अपनी सहमति और पुष्टि प्रदान करे. झारखंड सरकार ने धनबाद हवाई अड्डा को विकसित करने के लिए सहमति प्रदान नहीं की है.

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ढुलू महतो ने संसद में की धनबाद में केंद्रीय चिड़ियाघर बनाने की मांग

धनबाद. सांसद ढुलू महतो ने केंद्र सरकार से धनबाद में केंद्रीय चिड़ियाघर बनाने की मांग की है. सांसद ने सोमवार को लोकसभा में अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि पिछले दिनों केंद्रीय जू प्राधिकरण की टीम धनबाद आयी थी. आमाघाटा के पास जमीन का मुआयना किया. यह स्थान जीटी रोड से सटा है. बताया कि धनबाद में कई सार्वजनिक कंपनियां हैं. भारत सरकार के कई बड़े दफ्तर हैं. कोयला क्षेत्र में पर्यटन की असीम संभावना है. अगर यहां चिड़ियाघर बन जाता है तो पर्यटन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा. धनबाद से बंगाल के कई इलाके सटे हैं. वहां के पर्यटकों को भी धनबाद आने में सहूलियत होगी. कहा कि वह मामले को केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री के समक्ष भी उठा चुके हैं.

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