Dhanbad News: झांकी में दिखी धर्म, संस्कृति व पर्यावरण संरक्षण की झलक

Published by : OM PRAKASH RAWANI Updated At : 17 Jan 2026 2:46 AM

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Dhanbad News: बीबीएमकेयू का तीन दिवसीय युवा महोत्सव 2026 शुरू, धनबाद व बोकारो के 14 कॉलेज ले रहे हिस्सा

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Dhanbad News: बीबीएमकेयू का तीन दिवसीय युवा महोत्सव 2026 शुरू, धनबाद व बोकारो के 14 कॉलेज ले रहे हिस्सा Dhanbad News: बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय का तीन दिवसीय छठा अंतर महाविद्यालय युवा महोत्सव का शानदार आगाज शुक्रवार से हो गया. महोत्सव के पहले दिन सांस्कृतिक झांकी ने शहर को रंग, संगीत और संदेशों से सराबोर कर दिया. जिला परिषद मैदान से कुलपति प्रो राम कुमार सिंह ने हरी झंडी दिखाकर झांकियों को रवाना किया. विभिन्न कॉलेजों की झांकी रणधीर वर्मा चौक, कला भवन होते हुए कार्यक्रम स्थल न्यू टाउन हॉल पहुंची. सांस्कृतिक झांकी में विभिन्न कॉलेजों के विद्यार्थियों ने समाज, संस्कृति, पर्यावरण, महिला सम्मान और समसामयिक विषयों को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया.

कार्यक्रम में ऑनलाइन शामिल हुए मुख्य अतिथि

युवा महोत्सव के उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि झारखंड के प्रसिद्ध लोक कलाकार पद्मश्री मुकुंद नायक थे. वे कार्यक्रम में ऑनलाइन शामिल हुए. उद्घाटन विशिष्ट अतिथि धनबाद रेल मंडल के सीनियर डिविजनल कॉमर्सियल मैनेजर मोहम्मद इकबाल, कुलपति प्रो राम कुमार सिंह, डीएसडब्ल्यू डॉ पुष्पा कुमारी, मेजबान पीके रॉय कॉलेज की प्राचार्या डॉ कविता सिंह, डॉ जय गोपाल मंडल व डॉ मनोज कुमार ने संयुक्त रूप से किया. स्वागत भाषण डॉ कविता सिंह ने दिया. मंच संचालन डीके चौबे ने किया.

संस्कृति और प्रकृति को बचाने का संकल्प लें युवा : पद्मश्री मुकुंद नायक

पद्मश्री मुकुंद नायक ने कहा कि अपनी मिट्टी और संस्कृति को जीवंत रखना ही जीवन का मूल मंत्र है. उन्होंने झारखंड की पारंपरिक अखड़ा संस्कृति को याद करते हुए कहा कि पहले लोग भले ही कम पढ़े-लिखे थे, लेकिन जीवन में आत्मीयता, सामंजस्य और सामूहिकता थी. अखड़ा केवल एक स्थान नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना का केंद्र था, जहां लोग मिलकर जीवन के सुख-दु:ख साझा करते थे. आज विकास की गति तेज हुई है, लेकिन सामाजिक सौहार्द और सांस्कृतिक सुकून में कमी आयी है. उन्होंने गीत के माध्यम से गांवों की पुरानी संस्कृति का स्मरण कराया. श्री नायक ने कहा कि झारखंड राज्य के 25 वर्ष पूरे होना स्वर्णिम अवसर है. हमें विकास के साथ संस्कृति और प्रकृति को बचाने का संकल्प लेना चाहिए. उन्होंने युवाओं से अखाड़ा बचाओ, झारखंड सजाओ, भारत बनाओ का संदेश अपनाने की अपील की.

युवाओं की सोच को मंच देता है युवा महोत्सव : सीनियर डीसीएम

विशिष्ट अतिथि सीनियर डीसीएम मोहम्मद इकबाल ने कहा कि युवा महोत्सव केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय की आत्मा है. यह मंच युवाओं को अपनी प्रतिभा पहचानने, निखारने और आत्मविश्वास बढ़ाने का अवसर देता है. युवाओं को अपनी पहचान सीमित दायरे में न रखकर हर विधा में उत्कृष्ट प्रदर्शन का प्रयास करना चाहिए. यह आयोजन रचनात्मकता के साथ अनुशासन और समरसता भी सिखाता है.

मिल-जुल कर काम करने से ही सार्थक होगा महोत्सव : कुलपति

बीबीएमकेयू के कुलपति प्रो राम कुमार सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय के सभी कॉलेजों को मिलजुल कर काम करने की संस्कृति विकसित करनी होगी, तभी युवा महोत्सव की थीम रचनात्मकता के साथ समरसता साकार होगी. उन्होंने कहा : विश्वविद्यालय केवल शिक्षा तक सीमित न रहे, बल्कि खेल, कला, साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में भी अपनी मजबूत पहचान बनाये. इसके लिए विवि स्तर पर प्रयास किये जा रहे हैं. खेल और सांस्कृतिक सुविधाओं को बेहतर करने के लिए स्थानीय संस्थाओं के साथ एमओयू किया जायेगी. उन्होंने कॉलेजों में शोध गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में किये जा रहे प्रयासों की भी जानकारी दी.

50 से अधिक कॉलेज, फिर भी भागीदारी सीमितबीबीएमकेयू के अधीन धनबाद और बोकारो जिले में 50 से अधिक कॉलेज आते हैं. इनमें 13 संबद्ध कॉलेज, एक अल्पसंख्यक कॉलेज, 27 संबद्ध डिग्री कॉलेज, 23 निजी बीएड कॉलेज, दो लॉ कॉलेज और एक मेडिकल कॉलेज शामिल हैं. इसके बावजूद युवा महोत्सव में केवल 14 कॉलेजों की भागीदारी विश्वविद्यालय स्तर पर आत्ममंथन का विषय है. विवि प्रशासन ने भविष्य में अधिक से अधिक कॉलेजों की सहभागिता सुनिश्चित करने जोर दिया.

पहले दिन हुए ये आयोजनन्यू टाउन हॉल में पहले दिन ग्रुप सांग इंडियन, ग्रुप सांग वेस्टर्न और ऑन द स्पॉट पेंटिंग प्रतियोगिताएं हुईं. प्रतियोगिताओं में छात्र-छात्राओं ने अपनी गायन प्रतिभा और कलात्मक सोच का प्रदर्शन किया.

आज होंगे विविध सांस्कृतिक और बौद्धिक आयोजनशनिवार को न्यू टाउन हॉल में सुबह नौ बजे से मिमिक्री, वन एक्ट प्ले, क्रिएटिव कोरियोग्राफी, फोक आर्केस्ट्रा, क्लासिकल डांस, माइम, पोस्टर मेकिंग, कार्टूनिंग और कोलाज आदि प्रतियोगिताएं होंगी. वहीं पीके रॉय मेमोरियल कॉलेज में सुबह साढ़े दस बजे से वेस्टर्न इंस्ट्रुमेंटल सोलो, क्लासिकल इंस्ट्रुमेंटल सोलो परकशन और नॉन परकशन, वेस्टर्न वोकल सोलो, लाइट वोकल सोलो, क्लासिकल वोकल सोलो हिंदुस्तानी और कर्नाटक, हिंदी वाग्मिता, अंग्रेजी एलोक्यूशन, हिंदी और अंग्रेजी वाद विवाद तथा क्विज रिटन टेस्ट आयोजित किये जायेंगे.

सांस्कृतिक झांकी में दिखी विविधता

सांस्कृतिक झांकी में विभिन्न कॉलेजों ने अलग-अलग थीम के माध्यम से समाज को संदेश दिया. गुरु नानक कॉलेज ने नारी शक्ति और मां दुर्गा के नौ रूप प्रस्तुत किये. केबी कॉलेज बेरमो ने भारत की समृद्ध संस्कृति को दर्शाया. एसएसएलएनटी महिला कॉलेज ने पूरी रथ यात्रा की झलक दिखायी. आरएसपी कॉलेज ने सड़क सुरक्षा, बीएसके कॉलेज मैथन ने झारखंड के स्वर्णिम 25 वर्ष, श्रीराम कृष्ण परमहंस टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज दुगदा ने विकसित भारत और समृद्ध संस्कृति की थीम प्रस्तुत की. धनबाद लॉ कॉलेज ने अरावली की पहाड़ियों पर खनन के मुद्दे को उठाया. बीबीएमकेयू पीजी विभाग और प्रज्ञन्या बीएड कॉलेज ने टुसू पर्व पर प्रस्तुति दी. कतरास कॉलेज ने स्वामी विवेकानंद की जीवनी को जीवंत किया. आरएस मोर कॉलेज ने महिला सम्मान का संदेश दिया. पीके रॉय मेमोरियल कॉलेज ने 10 मिनट में सामानों की डिलीवरी के विरोध में जागरूकता अपनी झांकी दिखायी.

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