असर्फी अस्पताल में हृदय रोग का इलाज शुरू

Updated at : 14 Feb 2024 8:10 PM (IST)
विज्ञापन
असर्फी अस्पताल में हृदय रोग का इलाज शुरू

धनबाद : असर्फी अस्पताल में बुधवार से हृदय रोग के मरीजों का इलाज शुरू हो गया. असर्फी व मेडिका सुपरस्पेशिअलिटी अस्पताल कोलकाता की ओर से यहां कैथ लैब खोला गया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मेडिका से चेयरमैन डॉ अालोक राय ने कैथ लैब की शुरुआत की. पहले ही दिन 10 हृदय रोगियों की एंजियोग्राफी शुरू […]

विज्ञापन
धनबाद : असर्फी अस्पताल में बुधवार से हृदय रोग के मरीजों का इलाज शुरू हो गया. असर्फी व मेडिका सुपरस्पेशिअलिटी अस्पताल कोलकाता की ओर से यहां कैथ लैब खोला गया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मेडिका से चेयरमैन डॉ अालोक राय ने कैथ लैब की शुरुआत की. पहले ही दिन 10 हृदय रोगियों की एंजियोग्राफी शुरू की गयी. मेडिका के लगभग एक सौ कर्मी भी यहां सेवा दे रहे हैं.

डॉ राय ने पत्रकारों को बताया कि धनबाद व इसके आसपास गिरिडीह, बोकारो व संतालपरगना के जिलों में हृदय रोग के काफी संख्या में मरीज हैं, लेकिन उन्हें सही समय पर इलाज नहीं मिल पाता था. एेसे में मेडिका के इस सेंटर से लोगों को काफी राहत मिलेगी. उन्होंने बताया कि धनबाद में यह चौथा कैथ लैब है. इससे पहले रांची, जमशेदपुर व रामगढ़ में हमने हार्ट सेंटर खोले हैं. यहां की कैथ लैब की मशीनें काफी उन्नत व विश्वस्तरीय है. मौके पर असर्फी अस्पताल के चेयरमैन गणेश प्रसाद सिंह, निदेशक नयन प्रसाद सिंह व गोपाल सिंह, सीइओ हरेंद्र सिंह, प्रशासक संतोष सिंह सहित मेडिका के सोमोन बासु, निवेता घोष, अरनब देवगुप्ता, डॉ सौमित्र भारद्वाज, अंकित जैन आदि मौजूद थे.

24 घंटे काॅडियोलॉजिस्ट की सेवा : हार्ट सेंटर में 24 घंटे काॅडियोलॉजिस्ट उपलब्ध रहेंगे. धनबाद के लिए 10 काॅडियोलाजिस्ट की टीम बनायी गयी है. जो यहां पर नियमित सेवा प्रदान करेगी. इसके लिए हर दिन यहां हार्ट के लिए अलग से ओपीडी सेवा भी प्रदान की जायेगी. गंभीर मरीजों के लिए अलग से व्यवस्था की जायेगी.
असाध्य रोग के तहत गरीबों का नि:शुल्क इलाज : सिंह
असर्फी अस्पताल के सीइओ हरेंद्र सिंह ने बताया कि असर्फी की लगातार कोशिश रही कि हम यहां के लोगों को इलाज के लिए बाहर जानें नहीं दे. सभी सुविधाएं एक ही जगह मिले. हार्ट सेंटर में बीसीसीएल व रेलवे के कर्मियों का भी नि:शुल्क इलाज किया जायेगा. इसके साथ मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना (असाध्य रोग निधि) के तहत गरीबों का नि:शुल्क इलाज होगा. यहां न्यूरो, प्लास्टिक सर्जरी, डायलिसिस के साथ काडियक यूनिट भी खुल गया है.
डॉ राय ने बताया जाता है कि गोल्डन ऑवर असल में छह घंटे का होता है. इन घंटों में मरीज को अस्पताल पहुंचना बेहद जरूरी होता है. छह घंटे के बाद हार्ट की मसल्स मर जाती है, जिसे रिवकर नहीं किया जा सकता है. ऐसे में यदि इन छह घंटों के अंदर हमारे पास आ जाते हैं, तो हमारे काॅडियोलॉजिस्ट मसल्स को मरने नहीं देते हैं, अटैक को भी खत्म कर देते हैं. जिससे मरीज को दोबारा नयी जिंदगी मिल जाती है. उन्होंने बताया कि धुम्रपान, मोटापा, सुगर, अनियमित दिनचर्या, असंतुलित खानपान, फैटी व फास्ट फूड के चलन से हार्ट के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. इसलिए सुबह में आधा घंटा टहलना बेहद फायदेमंद होता है.
डॉ राय ने बताया कि हम धनबाद में सबसे सस्ती चिकित्सकीय सेवा उपलब्ध कराने को लेकर कृतसंकल्पित हैं. यहां की दर काफी कम रखी जा रही है. मात्र 4999 में हम यहां पीड़ित मरीजों की एंजियोग्राफी करेंगे. रांची में हम एंजियोग्राफी की आठ से दस हजार लेते हैं, लेकिन धनबाद में कम रेट रखा गया है. दूसरे जगहों में जो आइसीयू के चार्ज हैं, हमारे यहां के चार्ज भी इसी के बराबर होंगे.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola