नहीं माने जमाडाकर्मी, एकमुश्त वेतन चाहिए

Updated at : 20 Jul 2018 5:50 AM (IST)
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नहीं माने जमाडाकर्मी, एकमुश्त वेतन चाहिए

देर से आये प्रभारी एमडी, कर्मी नहीं अाये बात करने तो प्रदर्शन स्थल पर आकर समझाया धनबाद : 20 जुलाई से हड़ताल की धमकी के मद्देनजर जमाडा के प्रभारी एमडी-सह-नगर आयुक्त राजीव रंजन ने गुरुवार को कर्मियों को वार्ता के लिए बुलाया. हालांकि समय अपराह्न तीन बजे का दिया गया था. लेकिन देर तक प्रभारी […]

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देर से आये प्रभारी एमडी, कर्मी नहीं अाये बात करने तो प्रदर्शन स्थल पर आकर समझाया
धनबाद : 20 जुलाई से हड़ताल की धमकी के मद्देनजर जमाडा के प्रभारी एमडी-सह-नगर आयुक्त राजीव रंजन ने गुरुवार को कर्मियों को वार्ता के लिए बुलाया. हालांकि समय अपराह्न तीन बजे का दिया गया था. लेकिन देर तक प्रभारी एमडी कार्यालय में नहीं आये. फलत: कर्मियों का आक्रोश बढ़ता गया.
शाम पांच बजे के लगभग प्रभारी एमडी मुख्यालय स्थित एमडी कक्ष में पहुंचे. उसके बाद वे काफी देर तक वार्ता के लिए कर्मियों का इंतजार करते रहे. कर्मियों के न आने तथा मुख्यालय गेट पर प्रदर्शन की स्थिति भांप कर प्रभारी एमडी कर्मियों से वार्ता करने के लिए खुद मुख्यालय कैंपस स्थित प्रदर्शन स्थल पहुुंचे.
उन्होंने कर्मियों को समझाया कि वह उनके पावना के लिए लगातार प्रयासरत हैं. उन्होंने कर्मियों से पंद्रह दिन का समय मांगा. लेकिन कर्मी इस बात पर अड़े रहे कि उन्हें दो-तीन माह का नहीं, बकाया वेतन एकमुश्त वेतन चाहिए. अन्यथा वे अनिश्चतकालीन हड़ताल पर हर हाल में जायेंगे.
कर्मियों ने कहा कि प्रशासन लाख सुरक्षा प्रबंध करके भी हड़ताल को नहीं टाल सकता. अगर हड़ताल के तहत देर रात से पानी बंद किया गया तो दो से तीन दिन के अंदर पूरे क्षेत्र मे जलापूर्ति ठप हो जायेगी. उल्लेखनीय है कि बकाया वेतन के आलोक में कर्मियों ने चेतावनी दे रखी थी कि 16 जुलाई तक उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो 20 जुलाई से अनिश्चतकालीन हड़ताल पर चले जायेंगे.
इस बार हड़ताल में कोई यूनियन नहीं : इस बार जमाडाकर्मियों की हड़ताल की विशेष बात यह होगी कि हर बार हड़ताल किसी न किसी यूनियन के माध्यम से होती थी. लेकिन इस बार न कोई यूनियन है न नेता और न बैनर. हड़ताल कर्मियों के संयुक्त सहयोग के आधार पर हो रही है. हड़ताल से बीसीसीएल तथा टाटा कोलियरी क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित होगा. क्योंकि उक्त इलाके मे जलापूर्ति के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है.
इन इलाकों की जलापूर्ति पर पड़ेगा असर
जलापूर्ति अवर प्रमंडल झरिया-1 : झरिया बाजार, शमशेर नगर, बस्ताकोला, घनुआडीह, लोदना कोलियरी क्षेत्र.
जलापूर्ति अवर प्रमंडल झरिया 2 : बनियाहीर, फूसबंगला,भौंरा, जामाडोबा, डुमरी, डिगवाडीह, पाथरडीह, सुदामडीह व चासनाला के अलावा भूलनबरारी, जियलगोरा, बागडिगी, जयरामपुर कोलियरी क्षेत्र.
जलापूर्ति अवर प्रमंडल कुसुंडा : गोधर, केंदुआ, पुटकी, लोयाबाद, श्रीनगर क्षेत्र.जलापूर्ति अवर प्रमंडल तोपचांची : तेतुलमारी, सिजुआ, भेलाटांड़, अंगारपथरा, पचगढ़ी बाजार, सालानपुर, लकड़का तथा छाताबाद क्षेत्र.
सफाई-नक्शा कार्य पर भी होगा प्रभावित : वे क्षेत्र में जहां अभी भी जमाडा के भरोसे सफाई कार्य होो हैं, वे भी ठप पड़ जायेंगे. साथ में इन तमाम इलाकों में भवन निर्माण के लिए नक्शा पास भी नहीं हो पायेगा.
जामाडोबा से ठप करेंगे जलापूर्ति
जोड़ापोखर. वार्ता विफल होने से क्षुब्ध जामाडोबा वाटर बोर्ड के 156 जलकर्मियों ने गुरुवार की रात 12 बजे के बाद से झरिया एक-दो की जलापूर्ति ठप कर देने का निर्णय लिया है. इससे 10 लाख की आबादी जलापूर्ति से वंचित हो जायेगी. जमाडाकर्मी विशेश्वर महतो ने कहा कि मांगे पूरी नहीं हुई.
तोपचांची में कर्मियों ने किया प्रदर्शन
तोपचांची : तोपचांची झील गृह वाटर बोर्ड में गुरुवार को जमाडा कर्मियों ने 39 महीने के बकाये वेतन की मांग को लेकर प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया. वेतन न मिलने पर हड़ताल में जाने की चेतावनी दी.
कर्मचारियों के समर्थन में आजसू पार्टी केंद्रीय महासचिव सह पूर्व जिप उपाध्यक्ष संतोष महतो भी शामिल हुए. कहा कि कर्मियों को वेतन नहीं मिलने से उनकी स्थिति दयनीय होते जा रही है. पारिवारिक खर्च, बच्चों की पढ़ाई तथा इलाज में परेशानी हो रही है. प्रबंधन को उनके प्रति संवेदनशील होने की आवश्यकता है.
जल्द होगा वेतन भुगतान : विधायक
विधायक राज सिन्हा ने जमाडाकर्मियों से जनहित में हड़ताल पर नहीं जाने की अपील की है. कहा कि राज्य सरकार जमाडा कर्मियों के लिए चिंतित है. वेतन मद में आठ करोड़ 59 लाख, 76 हजार रुपये का प्रावधान अनुपूरक बजट में किया गया है. वहीं गैर वेतन मद में 20 करोड़ से अधिक राशि स्वीकृत की गयी है. वेतन भुगतान के लिए प्रयास किया जा रहा है.
जलापूर्ति ठप न करें, प्रभारी एमडी की अपील
प्रभारी एमडी राजीव रंजन ने कर्मियों से अपील की है कि वे हड़ताल के तहत जलापूर्ति ठप न करें. क्यों कि इससे जनता प्रभावित होगी. जमाडा प्रबंधन की पूरी सहानुभूति उनके साथ है. बाजार फीस मद की 28 करोड़ 65 लाख विधान सभा से स्वीकृत हो चुका है. विभाग के अनुसार यह राशि एक सप्ताह में आ जायेगी. जिससे कर्मियों का वेतन भुगतान किया जायेगा.
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