अनुशासनहीन नेताओं के सामने बेबस भाजपा

Updated at : 18 Jul 2018 5:30 AM (IST)
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अनुशासनहीन नेताओं के सामने बेबस भाजपा

धनबाद : शहर से लेकर दिल्ली तक केसरिया लहरा रहा है. कोयलांचल में भाजपा लगातार उफान पर है. इसके बावजूद पार्टी अनुशासनहीन व बेलगाम नेताओं पर अंकुश लगाने में विफल है. छोटे से लेकर बड़े नेता तक अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं. लेकिन भाजपा नेतृत्व कार्रवाई की हिम्मत नहीं जुटा पा रही है. चार वर्षों […]

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धनबाद : शहर से लेकर दिल्ली तक केसरिया लहरा रहा है. कोयलांचल में भाजपा लगातार उफान पर है. इसके बावजूद पार्टी अनुशासनहीन व बेलगाम नेताओं पर अंकुश लगाने में विफल है. छोटे से लेकर बड़े नेता तक अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं. लेकिन भाजपा नेतृत्व कार्रवाई की हिम्मत नहीं जुटा पा रही है.
चार वर्षों में एक भी कार्रवाई नहीं : धनबाद भाजपा में अनुशासनहीनता का मामला लगातार बढ़ रहा है. इसकी शुरुआत पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान हुई थी. गोविंदपुर में एक कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान तत्कालीन जिलाध्यक्ष हरि प्रकाश लाटा से सिंदरी के नेताओं ने सार्वजनिक रूप से अभद्र व्यवहार किया था. इसकी शिकायत यहां से रांची तक की गयी.
मामला प्रदेश अनुशासन समिति में गया. आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई. 2014 के विधानसभा चुनाव में निरसा में दो नेताओं ने भाजपा प्रत्याशी गणेश मिश्र के खिलाफ काम किया. इसकी शिकायत प्रदेश नेतृत्व से हुई. लेकिन किसी पर कार्रवाई नहीं हुई. आज भी दोनों भाजपा की राजनीति में सक्रिय हैं. कुछ दिनों पूर्व राजद से भाजपा में आये सुंदर यादव ने दो-दो बार सार्वजनिक रूप से सांसद पशुपति नाथ सिंह के खिलाफ बयान दिया. जिला कमेटी द्वारा श्री यादव पर कार्रवाई के लिए यहां से लिखित रूप से प्रदेश कमेटी को प्रस्ताव भेजा गया. कोई कार्रवाई नहीं हुई.
सांसद, मेयर, विधायक के विवाद पर चुप है नेतृत्व
पिछले दिनों धनबाद के सांसद पशुपति नाथ सिंह तथा मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल के बीच जुबानी जंग हुई. दोनों तरफ से आरोप-प्रत्यारोप हुए. लेकिन किसी नेता ने सार्वजनिक रूप से मुंह नहीं खोला. गिरिडीह के सांसद रवींद्र पांडेय के खिलाफ बाघमारा विधायक ढुलू महतो ने कई निजी गंभीर आरोप लगाये. लेकिन इस मामले में भी पार्टी नेतृत्व चुप्पी साधे हुए है. सांसद को ही अपने बचाव में बयान देना पड़ा.
विवाद को दिया जा रहा जातीय रंग
भाजपा में चल रहे विवाद को जातीय रंग देने की कोशिश भी चल रही है. कुछ लोग इसे अगड़ा-पिछड़ा की लड़ाई बनाने में लगे हैं. पार्टी के कुछ नेता धनबाद एवं गिरिडीह लोकसभा सीट से किसी ओबीसी को भाजपा प्रत्याशी बनाने की मांग सार्वजनिक रूप से करने लगे हैं. जातीय आंकड़ों की दुहाई दी जा रही है. जबकि वर्तमान सांसदों के समर्थक उनके बेहतरीन रिकॉर्ड पर टिकट मांग रहे हैं.
पार्टी के अंदर ही बातें रखने की अपील
जिला कमेटी लगातार प्रदेश कमेटी को यहां की स्थिति से अवगत करा रही है. प्रदेश अनुशासन कमेटी को ही निर्णय लेना है. जन प्रतिनिधियों से भी पार्टी फोरम के अंदर ही बातें रखने की अपील की गयी है.
चंद्रशेखर सिंह, जिलाध्यक्ष, भाजपा
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