देवघर के छात्रों का हैरतअंगेज कारनामा, अपहरण से लेकर ज्वैलरी पर करते हैं हाथ साफ

Updated at : 01 Apr 2026 10:42 AM (IST)
विज्ञापन
Deoghar Crime News

गहनों और पैसों के साथ पुलिस. एआई जेनरेटेड प्रतीकात्मक फोटो.

Deoghar Crime News: देवघर में तीन से चार छात्रों द्वारा किए गए हैरतअंगेज कांड में अपहरण, जेवर चोरी और आभूषण दुकान में धमकी की घटनाएं सामने आई हैं. पुलिस मामले की जांच में जुटी है. अभिभावक चाहते हैं कि मामला थाना स्तर पर सुलझे, ताकि बच्चों का भविष्य प्रभावित न हो. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.

विज्ञापन

Deoghar Crime News: झारखंड की बाबानगरी देवघर से एक बेहद हैरतअंगेज मामला सामने आया है. तीन से चार छात्रों के एक समूह ने ऐसी घटनाओं को अंजाम दिया, जिसने पुलिस और स्थानीय लोगों को भी चौंका दिया. ये सभी अपहरण, जेवर चोरी और ज्वैलरी दुकान में धमकी जैसे गंभीर मामले एक ही कांड से जुड़े पाए गए हैं.

तीन अलग-अलग सूचनाओं से खुला पूरा मामला

मंगलवार देर शाम नगर थाना पुलिस को तीन अलग-अलग सूचनाएं मिलीं. पहली सूचना एक छात्र के अपहरण से जुड़ी थी. इस सूचना के बाद पुलिस को तुरंत सक्रिय हो गई. इसके बाद दूसरी सूचना मिली कि एक छात्र अपने दोस्तों के साथ मिलकर घर से जेवर और नकदी चोरी कर रहा है. तीसरी सूचना हदहदिया पुल इलाके के एक आभूषण दुकान से जुड़ी थी, जहां कुछ लड़कों द्वारा दुकानदार को धमकाने की बात सामने आई. शुरुआती तौर पर ये तीनों घटनाएं अलग-अलग लग रही थीं, लेकिन जांच में ये एक ही समूह का कारनामा निकला.

दोस्तों के साथ मिलकर रची पूरी साजिश

पुलिस जांच में यह सामने आया कि छात्रों का यह समूह मिलकर पूरे घटनाक्रम को अंजाम दे रहा था. एक ओर जहां घर से जेवरात और पैसे चोरी किए जा रहे थे, वहीं दूसरी ओर उन्हीं सामानों को बाजार में बेचने की कोशिश की जा रही थी. बताया जा रहा है कि चोरी के पैसों को आपस में खर्च किया जा रहा था. इस दौरान ज्वैलरी दुकान में जाकर दबाव और धमकी देने की भी कोशिश की गई, ताकि सामान को आसानी से बेचा जा सके.

लाखों के जेवर और नकदी गायब

एक अभिभावक ने पुलिस को बताया कि पिछले करीब सात महीनों से उनके घर से धीरे-धीरे बड़ी मात्रा में जेवर और नकदी गायब हो रही थी. अनुमान के मुताबिक लगभग 10 लाख रुपये और करीब 180 ग्राम सोने के जेवर चोरी हो चुके हैं. यह खुलासा होने के बाद परिवार भी हैरान है कि इस पूरे मामले में बच्चे इस तरह शामिल हो सकते हैं. फिलहाल परिजन मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की कोशिश में हैं.

पुलिस ने छात्रों और दुकानदार को लिया हिरासत में

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तीन से चार छात्रों और संबंधित आभूषण दुकानदार को नगर थाना बुलाकर पूछताछ शुरू कर दी है. हालांकि पुलिस अधिकारी अभी इस मामले पर खुलकर कुछ भी कहने से बच रहे हैं. नगर थाना परिसर में सभी पक्षों के करीब 20 लोग जुटे हुए हैं और मामले को सुलझाने के प्रयास जारी हैं. पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके.

अभिभावकों की चिंता और भविष्य का सवाल

इस पूरे मामले में सबसे बड़ी चिंता बच्चों के भविष्य को लेकर सामने आई है. एक अभिभावक ने साफ कहा कि वे किसी भी बच्चे का भविष्य खराब नहीं करना चाहते, इसलिए चाहते हैं कि मामला थाना स्तर पर ही सुलझ जाए. यह घटना समाज के लिए भी एक चेतावनी है कि बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखना कितना जरूरी है. साथ ही यह सवाल भी उठता है कि आखिर किन परिस्थितियों में छात्र इस तरह के अपराध की ओर बढ़ रहे हैं.

इसे भी पढ़ें: नालंदा भगदड़ के बाद बाबा बैद्यनाथ मंदिर में हाई अलर्ट, एसपी ने देर रात दो घंटे तक किया निरीक्षण

पुलिस जांच जारी, कई सवाल बाकी

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है. यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस साजिश में और कौन-कौन शामिल हैं और चोरी का सामान कहां-कहां बेचा गया है. देवघर की यह घटना न सिर्फ चौंकाने वाली है, बल्कि यह समाज और अभिभावकों के लिए एक गंभीर संकेत भी है कि समय रहते बच्चों को सही दिशा देना बेहद जरूरी है.

इसे भी पढ़ें: धनबाद में गड़बड़झाला: रैयतों की जमीन बनी सरकारी, 15 हजार परिवारों पर छाया संकट

विज्ञापन
KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola