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भगवान जगन्नाथ आज देंगे दर्शन, निकलेगी भव्य रथयात्रा

Updated at : 26 Jun 2025 7:49 PM (IST)
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भगवान जगन्नाथ आज देंगे दर्शन, निकलेगी भव्य रथयात्रा

डाबरग्राम स्थित इस्कॉन की ओर से शुक्रवार को भव्य रथयात्रा महोत्सव का आयोजन किया जायेगा. रथयात्रा महोत्सव का नेतृत्व इस्कॉन प्रमुख श्रीनिवास गोपाल दास करेंगे. शुक्रवार को दोपहर करीब 3:30 बजे देवघर के शिवलोक परिसर से भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा निकाली जायेगी.

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प्रतिनिधि, जसीडीह डाबरग्राम स्थित इस्कॉन की ओर से शुक्रवार को भव्य रथयात्रा महोत्सव का आयोजन किया जायेगा. रथयात्रा महोत्सव का नेतृत्व इस्कॉन प्रमुख श्रीनिवास गोपाल दास करेंगे. शुक्रवार को दोपहर करीब 3:30 बजे देवघर के शिवलोक परिसर से भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा निकाली जायेगी. इसकी तैयारी पूरी कर ली गयी है. रथयात्रा शिवलोक परिसर से निकल कर टावर चौक, राय एंड कंपनी चौक, वीआइपी चौक, सत्संग चौक, बेलाबगान, डढ़वा नदी, चांदपुर का भ्रमण करते हुए डाबरग्राम स्थित इस्कॉन मंदिर पहुंचेगी, जहां महाआरती के साथ यात्रा संपन्न होगी. इसके बाद भक्तों के बीच महाप्रसाद का वितरण किया जायेगा. इस्कॉन द्वारा अधिक से अधिक भक्तों को रथयात्रा में शामिल होने का अनुरोध किया गया है. इस्कॉन प्रमुख ने कहा कि इस बार रथ को नयी तकनीक से निर्माण किया गया है. इसमें हाइड्रोलिक गुंबद लगाया गया है, जिसे 40 फीट ऊंचा उठाया जा सकता है. भगवान जगन्नाथ गुरुवार को स्वास्थ्य हो गये हैं तथा शुक्रवार को भक्तों को दर्शन देंगे. इस अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी. भगवान जगन्नाथ, भैया बलभद्र व बहन सुभद्रा रथ पर सवार होकर शहर का भ्रमण कर भक्तों को दर्शन देंगे. रथ को फूल मालाओं से सजाया गया है. उन्होनें शहरवासियों से अनुरोध किये कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर भगवान के रथ को खींच कर अपने गंतव्य स्थान तक पहुंचाने के अवसर का पूरा लाभ उठायें. महोत्सव में कई गणमान्य लोग पहुंचेंगे. वहीं रोहिणी के बड़का बखरी से भी रविवार को भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली जायेगी, जो पूरे रोहिणी का भ्रमण करेगी. इस्कॉन में मनाया गया नेत्रोत्सव डाबरग्राम स्थित इस्कॉन मंदिर में गुरुवार को धूमधाम से नेत्रोत्सव उत्सव मनाया गया. इस दौरान काफी संख्या में भक्त भगवान के दर्शन को पहुंचे. इस्कॉन प्रमुख श्रीनिवास गोपाल दास ने बताया कि भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा से पहले यह एक बड़ा अनुष्ठान है. लगातार 14 दिनों तक बीमार रहने के बाद 15वें दिन भगवान जगन्नाथ की जब तबीयत ठीक होती है, तो भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र व बहन सुभद्रा को नया नेत्र प्रदान करने की परंपरा है. इसके बाद चंदन व सिंदूर से भगवान का शृंगार किया जाता है. इसके बाद भगवान अपने भक्तों को दर्शन देते हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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NISHIDH MALVIYA

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