पत्नी को अधमरा करने के बाद बोरे में बंद कर, पुल से 70 फीट नीचे फेंका
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 04 Aug 2019 6:04 AM
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सारठ : चकाई थाना क्षेत्र के खासपहरी निवासी राजेश रजक ने दोस्त और रिश्तेदार के साथ मिल कर पत्नी गीता देवी (19 साल) को मारने के इरादे से बोरे में बंद कर चितरा थाना-जामताड़ा मुख्य पथ के गबड़ा पुल से 70 फीट नीचे नदी में फेंक दिया. गीता की सात महीने की बच्ची का पता […]
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सारठ : चकाई थाना क्षेत्र के खासपहरी निवासी राजेश रजक ने दोस्त और रिश्तेदार के साथ मिल कर पत्नी गीता देवी (19 साल) को मारने के इरादे से बोरे में बंद कर चितरा थाना-जामताड़ा मुख्य पथ के गबड़ा पुल से 70 फीट नीचे नदी में फेंक दिया.
गीता की सात महीने की बच्ची का पता नहीं चल पा रहा है. गीता का आरोप है कि पति ने उसकी बच्ची की हत्या कर दी है. हालांकि देर रात तक इसकी पुष्टि नहीं हो पायी थी. घटना शुक्रवार रात की है. शनिवार को दिन के तीन बजे मछुआरों को बोरे में से चिल्लाने की आवाज सुनायी दी.
इसके बाद मछुआरों ने गीता को बोरे से बाहर निकाला. वह गंभीर रूप से घायल थी. जानकारी मिलने पर थाना प्रभारी विमल कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. गीता को बेहोशी की हालत में सारठ सीएचसी लाया. यहां डाॅ जियाउल हक ने प्राथमिक इलाज किया. डॉक्टर के अनुसार, महिला के अंदरूनी हिस्से में गहरा जख्म है.
दुष्कर्म का विरोध करने पर भी पीटा : गीता ने पुलिस को बताया है कि उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास भी किया गया. विरोध करने पर उसे काफी पीटा गया. उसने बताया कि पति राजेश राज मिस्त्री का काम मिलने की बात कह उसे बोलेरो से शुक्रवार को रांची ले जा रहा था. साथ में पति का दोस्त हारू राय, उसका मामा और गीता की सात माह की बच्ची भी थी.
गीता के अनुसार, शाम करीब छह बजे चकाई से निकलने के बाद वे लोग चितरा थाना-जामताड़ा मुख्य मार्ग पर गड़बड़ी पुल के पास पहुंचे. यहां पर राजेश ने उसकी पिटाई शुरू कर दी. पीट-पीट कर अधमरा कर दिया. इसके बाद उसे मरा समझ प्लास्टिक के बोरे में डाल कर पुल से नीचे फेंक दिया.
सूचना पर पहुंची चकाई पुलिस, ले जाने से किया इनकार
पूरे मामले में चितरा पुलिस की लापरवाही उजागर हुई है. चितरा थाने की पुलिस घटनास्थल अपने क्षेत्र में नहीं होने की बात कर मामले से बचती रही. चितरा थाना प्रभारी ने चकाई पुलिस को मामले की सूचना दी. इसके बाद चकाई से थाना प्रभारी रंजीत रंजन सारठ सीएचसी पहुंचे.
गीता का बयान लिया. फिर घटनास्थल चितरा थाना क्षेत्र में होने की बात कह चले गये. उन्होंने कहा कि चितरा पुलिस को मामला दर्ज कर महिला का इलाज कराना चाहिए था. इस तरह दो राज्यों की पुलिस के चक्कर में गीता का इलाज समय से शुरू नहीं हो पाया. प्रारंभिक उपचार के बाद वह काफी देर तक सारठ सीएचसी में ही पड़ी रही.
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घटनास्थल को लेकर उलझी चितरा व चकाई पुलिस
चितरा थाना क्षेत्र की है घटना, पुलिस की लापरवाही : एसडीपीओ
महिला की स्थिति बेहद नाजुक है. उसे अंदरूनी चोटें लगी हैं. सीएचसी से तो उसे रेफर कर दिया गया. महिला की जान को भी खतरा हो सकता है.
– डॉ जियाउल हक, सीएचसी प्रभारी
घटनास्थल चितरा में होने के नाते चितरा पुलिस की पहली जवाबदेही बनती है कि महिला का इलाज कराये. चितरा पुलिस ने लापरवाही बरती है. इसकी रिपोर्ट की जायेगी.
– अरविंद कुमार सिंह, एसडपीओ
रांची की बात कर ले जा रहा था
चितरा-जामताड़ा मुख्य पथ के गबड़ा पुल पर दिया घटना को अंजाम
करीब 20 घंटे बाद मछुआरों ने चिल्लाने की आवाज सुनी, तो बोरे से निकाला
गंभीर रूप से घायल है गीता, अंदरूनी चोटें भी लगी हैं
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