टाटा स्टील ने रचा इतिहास, नोवामुंडी आयरन ओर माइन में ऑल वीमेन शिफ्ट की शुरुआत

टाटा स्टील के नोवामुंडी माइंस में ऑल वीमेन शिफ्ट की हुई शुरुआत. फोटो : प्रभात खबर
Tata Steel News: टाटा स्टील ने खदान में सभी शिफ्ट में महिलाओं को काम करने का मौका देकर एक इतिहास रच दिया है. नोवामुंडी आयरन ओर माइन में इसकी शुरुआत हुई है.
Tata Steel News|टाटा स्टील ने सोमवार को एक और इतिहास रच दिया. उसने पश्चिमी सिंहभूम स्थित अपने नोवामुंडी आयरन ओर माइन में देश की पहली ऑल वीमेन शिफ्ट (ड्यूटी के एक शिफ्ट में सिर्फ महिलाएं) की शुरुआत की. इस शिफ्ट में खनन की सभी प्रमुख गतिविधियों के लिए महिलाओं को शामिल किया गया है, जिसमें हेवी अर्थ मूविंग मशीनरी (एचइएमएम) संचालन, शोवल, लोडर, ड्रिल, डोजर ऑपरेशन और शिफ्ट सुपरविजन जैसी जिम्मेदारियां शामिल हैं.
माइंस सेफ्टी डिप्टी डायरेक्टर ने दिखाई हरी झंडी
इसकी शुरुआत सोमवार को नोवामुंडी में देश के दक्षिण पूर्व जोन के माइंस सेफ्टी डिप्टी डायरेक्टर जनरल श्याम सुंदर प्रसाद ने हरी झंडी दिखाकर की. कंपनी की यह पहल उसके समावेशी कार्यस्थल और पारंपरिक रूप से पुरुष प्रधान उद्योगों में महिलाओं को सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. यह कदम न केवल समतामूलक कार्यस्थल को बढ़ावा देता है, बल्कि महिलाओं को खनन उद्योग में नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभाने के लिए प्रोत्साहित करने का नया अध्याय भी है.
महिलाओं को सभी शिफ्ट में काम करने की अनुमति का फैसला सही
मौके पर दक्षिण पूर्व जोन के माइंस सेफ्टी डिप्टी डायरेक्टर जनरल श्याम सुंदर प्रसाद ने प्रगतिशील कार्यस्थल के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि वर्ष 2019 में खनन क्षेत्र में महिलाओं को सभी शिफ्ट्स में कार्य करने की अनुमति देने का डीजीएमएस का फैसला सही दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम था. उन्होंने टाटा स्टील की इस पहल की सराहना की, जो एक जिम्मेदार कॉरपोरेट के रूप में ऐसी पहल का नेतृत्व कर रही है. इस अवसर पर चाईबासा के माइंस सेफ्टी डायरेक्टर राकेश रामेश्वर मिश्रा और चाईबासा के माइंस सेफ्टी के डिप्टी डायरेक्टर सुधीर आर भी उपस्थित थे.

भारतीय खनन उद्योग के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि : डीबी सुंदररामम
टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट रॉ मैटेरियल डीबी सुंदररामम ने कहा कि यह ऑल वीमेन शिफ्ट न केवल टाटा स्टील के लिए, बल्कि भारतीय खनन उद्योग के लिए भी ऐतिहासिक उपलब्धि है. यह महिलाओं की दृढ़ता और उनकी क्षमताओं का प्रमाण है, जो पारंपरिक सोच को तोड़ रही हैं. यह हमारी इस सोच को भी दर्शाता है कि विविधता व समावेशन नवाचार और उत्कृष्टता के लिए आवश्यक हैं. हमें इस बदलाव का नेतृत्व करने पर गर्व है और हम विशेष रूप से खनन क्षेत्र में महिलाओं के लिए और अधिक अवसर सृजित करते रहेंगे. यह पहल नोवामुंडी में खनन के गौरवशाली 100 वर्ष के इतिहास में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ता है.
2021 में कंपनी ने की थी तेजस्विनी 2.0 की शुरुआत
वर्ष 2021 में कंपनी ने तेजस्विनी 2.0 कार्यक्रम की शुरुआत की. इसके तहत आसपास के समुदायों की महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए गहन प्रशिक्षण दिया गया और उन्हें हेवी अर्थ मूविंग मशीनरी (एचइएमएम) ऑपरेटर के रूप में शामिल किया गया. इस पहल को अत्यधिक उत्साह और सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली और महिलाओं को डंपर, शोवल, डोजर, ग्रेडर और ड्रिल ऑपरेटर जैसी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में तैनात किया गया.
2100 से अधिक आवेदनों में से 24 ऑपरेटर का किया गया चयन
कार्यबल में शामिल होने से पहले उन्हें तकनीकी और संचालनात्मक कौशल, सिमुलेटर प्रशिक्षण, सुरक्षा प्रोटोकॉल और शारीरिक फिटनेस का विशेष प्रशिक्षण दिया गया, जो उनके आत्मविश्वास और क्षमता को और मजबूत करने में सहायक बना तेजस्विनी 2.0 की सफलता ने वर्ष 2022 में तेजस्विनी 2.1 कार्यक्रम की नींव रखी, जिसके लिए 2100 से अधिक महिलाओं ने आवेदन किया. इनमें से 24 ऑपरेटरों का चयन किया गया.
2024 में 9 ट्रांसजेंडर एचइएमएम ऑपरेटर को टीम में किया शामिल
2024 की शुरुआत में नोवामुंडी माइन ने अहम फैसला लेते हुए अपने कार्यबल में 9 ट्रांसजेंडर एचइएमएम ऑपरेटरों को शामिल किया, जिससे टाटा स्टील के समावेशन और समानता के प्रति उसकी मजबूत प्रतिबद्धता और स्पष्ट हुई. यह कदम कंपनी की विविधता और समावेशन की दिशा में मील का पत्थर साबित हुआ.
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By Mithilesh Jha
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