Jharkhand Village: झारखंड का अनोखा गांव, जहां 'सोलह आना कमेटी' की ताकत जान रह जाएंगे दंग

बोकारो का लंका गांव
Jharkhand Village News: झारखंड का एक अनोखा गांव है, जिसका अपना मॉडल है. उसे सोलह आना कमेटी के नाम से जाना जाता है. इस कमेटी के जरिए गांव में बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम आराम से संपन्न हो जाते हैं. उस खास गांव का नाम है लंका. बोकारो जिले के चंदनकियारी प्रखंड का यह गांव अपने इलाके में काफी प्रसिद्ध है.
Jharkhand Village News: कसमार (बोकारो), दीपक सवाल-सोलह आना कमेटी. नाम सुनकर थोड़ा अटपटा लग रहा होगा, लेकिन झारखंड के एक गांव की ताकत है यह कमेटी. इसके जरिए न सिर्फ गांव के छोटे-मोटे मामलों का निबटारा कर दिया जाता है, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी से बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम बिना झगड़ा-झंझट के संपन्न हो जाते हैं. बोकारो जिले के चंदनकियारी का वह गांव है लंका. आइए जानते हैं कैसे इस कमेटी का संचालन किया जाता है?
क्या है सोलह आना कमेटी?
सोलह आना कमेटी लंका गांव के (महतो) अनिल महतो एवं निवारण महतो द्वारा संचालित होती है. छोटे-मोटे मामलों का समाधान उनके माध्यम से ही कर दिया जाता है. इस गांव में सार्वजनिक पूजा जैसे कीर्तन, ग्राम पूजा, भगता परब और पाता पूजा पूरे गांव के लोगों (पीढ़ी में एक बार ही होता है) ने अंतिम बार 2018 में की थी. इसमें करीब पचास हजार से अधिक लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया था. सबसे बड़ी बात ये है कि इस पूजा में पूरे गांव के सभी परिवार के समस्त रिश्तेदार, हित-कुटुंब और मित्र सभी आमंत्रित होते हैं.
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सामूहिक जिम्मेदारी से ही हो पाता है बड़ा आयोजन
गांव के समाजसेवी और शिक्षक विकास कुमार महतो कहते हैं कि ‘सोलह आना कमेटी’ की सामूहिक जिम्मेदारी से ही इतना बड़ा आयोजन बिना किसी झमेला के संपन्न हो जाता है. इसमें सभी जाति-धर्म के लोग सम्मिलित होते हैं. गांव के मुस्लिम परिवार भी इसमें शरीक होते हैं. राजनीतिक गतिविधियों के कारण कभी-कभार सोलह आना कमेटी आंशिक प्रभावित होती है, लेकिन अभी भी सार्वजनिक आयोजन सोलह आना कमेटी के माध्यम से ही होते हैं.
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लेखक के बारे में
By Guru Swarup Mishra
मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.
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