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झारखंड : एटीएम में पैसा डालने वालों ने किया सात करोड़ का गबन, ऐसे करता था गड़बड़ी

Updated at : 17 Mar 2018 7:36 AM (IST)
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झारखंड : एटीएम में पैसा डालने वालों ने किया सात करोड़ का गबन, ऐसे करता था गड़बड़ी

बोकारो : स्टेट बैंक की एटीएम में पैसे डालनेवाली एजेंसी के कुछ कर्मचारियों ने धोखाधड़ी कर सात करोड़ रुपये का गबन किया है. मामला सामने आने के बाद एसबीआइ की एटीएम को सुरक्षा प्रदान करनेवाली एजेंसी एसआइएस सिक्युरिटी के पदाधिकारियों ने बोकारो पुलिस की मदद से अपने कुछ कर्मचारियों के आवास पर छापेमारी की. छापेमारी […]

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बोकारो : स्टेट बैंक की एटीएम में पैसे डालनेवाली एजेंसी के कुछ कर्मचारियों ने धोखाधड़ी कर सात करोड़ रुपये का गबन किया है. मामला सामने आने के बाद एसबीआइ की एटीएम को सुरक्षा प्रदान करनेवाली एजेंसी एसआइएस सिक्युरिटी के पदाधिकारियों ने बोकारो पुलिस की मदद से अपने कुछ कर्मचारियों के आवास पर छापेमारी की. छापेमारी में करीब साढ़े पांच करोड़ रुपये बरामद किये गये हैं.
मामले में एसआइएस के आधा दर्जन से अधिक कर्मचारियों व पदाधिकारियों को हिरासत में लिया गया है. सभी से बीएस सिटी थाने में पूछताछ की जा रही है.
हिरासत में लिये गये कंपनी के कर्मचारियों में अंगेज कुमार कार्डीयन (एटीएम में राशि डालनेवाला कर्मचारी, रितेश कुमार (एसआइएस सिक्युरिटी इंचार्ज), संतोष कुमार (एसआइएस का इंजीनियर) शामिल हैं. इस संबंध में एसआइएस के पदाधिकारियों से थाने में बात करने की कोशिश की गयी, लेकिन उन्होंने कुछ भी जानकारी देने से इंकार कर दिया. पुलिस फिलहाल एफआइआर दर्ज नहीं होने की बात कह रही है.
कैसे करते थे गड़बड़ी
जानकारी के अनुसार, बोकारो जिले में भारतीय स्टेट बैंक की एटीएम की सुरक्षा व इनमें पैसे डालने की जिम्मेवारी एसआइएस कंपनी और इसकी मनी लोडिंग एजेंसी सीटीआइ को दी गयी है. एसआइएस की सुरक्षा में सीटीआइ के कर्मचारी व पदाधिकारी बोकारो की 102 एटीएम में प्रतिदिन राशि डालते हैं. बताया जाता है कि पिछले कुछ दिनों से सीटीआइ के कुछ कर्मी धोखाधड़ी कर किसी अन्य व्यक्ति के नाम से संचालित डोंगल का इस्तेमाल कर एटीएम में पैसा डाल रहे थे.
इसके बाद एटीएम मशीन में डोंगल के माध्यम से व्यवधान पैदा कर कुछ ही देर में राशि निकाल लेते थे. राशि की निकासी करने के बाद एटीएम को फिर से चालू कर दिया जाता था. इस गड़बड़ी का पता बैंक और एसआइएस कंपनी को नहीं मिल पाती थी. एटीएम में राशि डालने के बाद दोनों को ऑन लाइन इसकी जानकारी मिलती थी. एटीएम से जब पैसे जल्द ही खत्म होने लगे, तो एसआइएस के पदाधिकारियों ने इसकी जांच की. जांच में बड़े घोटाले का खुलासा हुआ.एसआइएस के रांची, दिल्ली, पटना, जमेशदपुर व बोकारो के पदाधिकारी थाना में कैंप किये हुए हैं.
कोट
एसआइएस के पदाधिकारियों ने गुरुवार रात पुलिस को गबन की सूचना देकर सहयोग मांगा. पुलिस की सुरक्षा में एसआइएस ने अपने कई कर्मचारियों के घर दबिश देकर साढ़े पांच करोड़ रुपये से अधिक की गबन राशि बरामद कर ली है. आठ कर्मचारियों व अधिकारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. एसआइएस के पदाधिकारियों द्वारा लिखित आवेदन देने के बाद कानूनी कार्रवाई की जायेगी.
कार्तिक एस, एसपी, बोकारो
विभिन्न माध्यमों से इस संबंध में सूचना प्राप्त हुई है. एसबीआइ ने एटीएम में राशि डालने की जिम्मेवारी एनसीआर प्राइवेट लिमिटेड को दी गयी है. एनसीआर ने उक्त कार्य का जिम्मा एसआइएस के मनी लोडिंग कंपनी सीआइटी को दिया है. गबन का मामला प्रकाश में आने पर बैंक उक्त कंपनी से करार तोड़ने की कार्रवाई करेगी.
रंजीता शरण सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक, एसबीआइ, बोकारो
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