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हुई पुष्टि, साइबर थाना ने छोड़ा था सेक्स रैकेट संचालकों को

Updated at : 14 Feb 2024 8:11 PM (IST)
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हुई पुष्टि, साइबर थाना ने छोड़ा था सेक्स रैकेट संचालकों को

रांची: रांची पुलिस के अधिकारियों को जांच में पता चला है कि वाट्सएप पर सेक्स रैकेट चलानेवाले गिरोह में शामिल सरगना सहित तीन लोगों को पकड़ कर साइबर थाना से छोड़ा गया था. पुलिस अफसरों की एक टीम बुधवार को इस सिलसिले में जांच करने साइबर थाना पहुंची थी. मामले की पूरी जानकारी साइबर थाना […]

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रांची: रांची पुलिस के अधिकारियों को जांच में पता चला है कि वाट्सएप पर सेक्स रैकेट चलानेवाले गिरोह में शामिल सरगना सहित तीन लोगों को पकड़ कर साइबर थाना से छोड़ा गया था. पुलिस अफसरों की एक टीम बुधवार को इस सिलसिले में जांच करने साइबर थाना पहुंची थी. मामले की पूरी जानकारी साइबर थाना प्रभारी डीएसपी श्रद्धा केरकेट्टा से ली गयी.
उन्होंने पुलिस अफसरों को बताया कि साइबर थाना की पुलिस को पहले से वाट्सएप पर सेक्स रैकेट चलाये जाने की सूचना मिली थी. सूचना के आधार पर गिरोह के लोगों को ट्रैप करने के लिए कचहरी चौक के पास बुलाया गया था. एक कार में सवार तीन लोगों को सोमवार की रात पकड़ा गया था. उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की गयी थी. लेकिन जांच के दौरान उनकी संलिप्तता के संबंध में कोई साक्ष्य नहीं मिला. इस वजह से तीनों को पूछताछ के बाद पीआर बांड पर छोड़ दिया गया था. किसी लड़की के बरामद होने की जानकारी उन्होंने नहीं दी. मालूम हो कि इस मामले की जांच की जिम्मेवारी सीआइडी के एसपी नरेंद्र कुमार सिंह को सौंपी गयी है. वह पूरे मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं.
लेन-देने के पैसे नहीं मिले, तो साइबर थाना पुलिस ने कार को रख लिया बंधक
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सेक्स रैकेट के आरोपियों को पकड़ कर उनसे पैसे भी वसूले गये थे. लेन-देन के बाद ही तीनों को छोड़ा गया था. इस मामले में साइबर थाना में पदस्थापित कुछ पुलिसकर्मियों का हाथ है. लेन-देन के दौरान आरोपियों के पास कुछ रुपये घट गये. इसे लेकर पुलिस के साथ उनका विवाद हुआ था. फिर साइबर थाना के पुलिसकर्मियों ने कार को बंधक के रूप में रख लिया था. आरोपियों से कहा गया कि बकाया देने के बाद ही कार छोड़ा जायेगा. जांच के दौरान थाना परिसर से कार भी मिली है. सूत्रों के अनुसार इस काम के पीछे डीएसपी रैंक के कुछ अफसरों की संलिप्तता की जानकारी मिली है. साइबर थाना द्वारा पुलिस अधिकारियों को घटना की जानकारी भी नहीं दी गयी. जब साइबर थाना प्रभारी श्रद्धा केरकेट्टा से फोन पर संपर्क किया गया, तो उन्होंने मामले में पक्ष देने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि अभी छोड़ दीजिये, मैं बाद में ही कुछ बता पाऊंगी.
संचालकों की कार से मिली स्वाइप मशीन से खुलेगा राज
अधिकारियों को साइबर थाना परिसर से बरामद कार से एक स्वाइप मशीन मिली है. सीआइडी अधिकारियों को शंका है कि नोटबंदी के दौरान गिरोह के सदस्य इसी स्वाइप मशीन का इस्तेमाल कस्टमर से पेमेंट लेने के लिए करते थे. स्वाइप मशीन की जांच शुरू कर दी गयी है. जांच पूरी होने पर कई राज खुल सकते हैं.
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