Bihar: क्या होता है पकड़ौआ विवाह? जिसका शिकार हुआ पटना का नौजवान

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Bihar: पटना के गौरीचक थाना क्षेत्र के महद्दीपुर गांव के रहने वाले एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़के की पकड़ौआ विवाह की खबर सामने आई है.

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Bihar: 90 के दशक में बिहार में पकड़ौआ विवाह का प्रचलन जोरों पर था. जैसे-जैसे लोगों में जागरूकता बढ़ी यह कुप्रथा खत्म होने लगी. लेकिन अभी तक यह पूरी तरह खत्म नहीं हुई है. इसका ताजा उदाहरण राजधानी पटना के  गौरीचक थाना क्षेत्र के महद्दीपुर गांव से आया है. यहां के रहने वाले एक 18 साल का लड़का शुभम कुमार अपने चचेरे भाई की शादी में शामिल होने के लिए 5 दिसंबर को बख्तियारपुर गया था. इसी दौरान गांव के पड़ोसी सुनील यादव द्वारा उसका अपहरण कर बख्तियारपुर के चिरैया दियारा इलाके में जबरन उसकी शादी करवा दी गई. पकड़ौआ विवाह करने के बाद उसका वीडियो बनाकर परिजनों को भेज दिया गया.

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न्याय के लिए पुलिस के पास पहुंचा परिवार

बेटे के पकड़ौआ विवाह की खबर जैसे ही परिवार के लोगों को  मिली वह बख्तियारपुर पहुंचकर शादी का विरोध किया. शादी का विरोध करने से लड़की के परिवार वाले नाराज हो गए और उन्होंने लड़के वालों की जमकर पिटाई कर दी. वहीं, बेटे की कहीं खबर न मिलने से परेशान परिजन न्याय के लिए बख्तियारपुर थाने गए तो थाने से उन्हें कोई सहयोग नहीं मिला. अंत में थक हार कर परिजनों ने इस संबंध में गौरीचक थाने में आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई. 

शुभम कुमार के सकुशल बरामदगी की मांग

घटना के बारे में पूछे जाने पर शुभम कुमार के जीजा प्रेम कुमार और उसकी मां देवंती देवी ने बताया कि शुभम कुमार अपने चचेरे भाई की शादी समारोह में भाग लेने बीते 5 दिसंबर को बख्तियारपुर गया था. इसी दौरान गांव के ही पड़ोसी सुनील यादव नामक व्यक्ति ने उसका अपहरण कर जबरन उसकी शादी करा दी. परिजनों ने पुलिस प्रशासन से  शुभम कुमार की सकुशल बरामदगी की मांग की है.

पुलिस जांच में जुटी 

वहीं, इस पूरे मामले पर जिम्मेदार कुछ भी बोलने से बचते हुए नजर आए, उन्होंने अधिकारियों का हवाला दे कर इस संबंध में कुछ भी बताने से इंकार कर दिया. हालांकि इस दौरान एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पुलिस  शुभम कुमार की सकुशल बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर सघन छापेमारी अभियान में जुटी है

क्या होता है पकड़ौआ विवाह?

पकड़ौआ विवाह में किसी लड़का-लड़की की सहमति जरूरी नहीं होती. इसमें पहले लड़का-लड़की में से किसी को अगवा किया जाता है, फिर दबंगई से शादी करवा दी जाती है. इसमें बैंड बाजा और बारातियों की जरूरत नहीं होती. लड़की वालों की नजर बड़े घर के लड़कों पर रहती है. मौका देखते ही वे उनको अगवा करवा लेते हैं. कुछ केस ऐसे भी होते हैं, जब उनको बहला-फुसलाकर बंधक बनाया जाता है. शादी रीति-रिवाज के साथ होने के बाद लड़के को छोड़ दिया जाता है. अगर मामला थाने जाता है तो कोशिश यही रहती है कि समझौता हो जाए. बिहार में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं. 

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