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वैशाली : खेल-खेल में बच्चे पढ़ रहे हैं एबीसीडी, स्कूल की सीढ़ियों से बच्चे सीख रहे संडे-मंडे

Updated at : 04 Jan 2019 5:59 AM (IST)
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वैशाली : खेल-खेल में बच्चे पढ़ रहे हैं एबीसीडी, स्कूल की सीढ़ियों से बच्चे सीख रहे संडे-मंडे

गंगेश गुंजन हाजीपुर (वैशाली) : जिला मुख्यालय से 15 किमी दूर राजापाकर प्रखंड के राजकीयकृत उत्क्रमित मध्य विद्यालय, बेरई सरकारी स्कूलों की अव्यवस्था के सभी मिथक को तोड़ रहा है. निजी स्कूलों की तरह बच्चों में खेल-खेल में पढ़ने की कला विकसित की जा रही है. इसके कारण 2016 में इसे एमडीएम योजना के तहत […]

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गंगेश गुंजन
हाजीपुर (वैशाली) : जिला मुख्यालय से 15 किमी दूर राजापाकर प्रखंड के राजकीयकृत उत्क्रमित मध्य विद्यालय, बेरई सरकारी स्कूलों की अव्यवस्था के सभी मिथक को तोड़ रहा है. निजी स्कूलों की तरह बच्चों में खेल-खेल में पढ़ने की कला विकसित की जा रही है.
इसके कारण 2016 में इसे एमडीएम योजना के तहत जिले का सर्वश्रेष्ठ स्कूल का पुरस्कार दिया गया था. साथ ही साक्षर भारत कार्यक्रम के तहत लोक शिक्षा केंद्र के रूप में भी इसका चयन किया गया था. स्कूल की छत पर लटके गमले, खाली पड़ी छत पर किचेन गार्डन, क्लास रूम, स्कूल की सीढ़ी, बाथरूम व दीवार इसे अन्य स्कूलों से अलग करता है.
स्कूल में मीना मंच व बाल संसद के बच्चे वर्ग संचालन के साथ-साथ अन्य क्रिएटिव कार्यों में बढ़-चढ़ कर भाग लेते हैं. स्कूल में स्वच्छता पर विशेष जोर दिया गया है. बाथरूम से लेकर वाश रूम तक में वाल पेंटिंग के जरिये बच्चों को स्वच्छता के महत्व की जानकारी आकर्षक ढंग से दी जा रही है.
राजकीयकृत उत्क्रमित मध्य विद्यालय, बेरई के बच्चे सीख रहे पर्यावरण संरक्षण का पाठ
स्कूल की सीढ़ियों से बच्चे सीख रहे संडे-मंडे
यहां पढ़नेवाले 279 बच्चे खेल-खेल में पढ़ाई कर रहे हैं. बच्चों के अंदर सीखने की कला विकसित हो इसके लिए न सिर्फ क्लास रूम, बल्कि स्कूल की सीढ़ियों पर भी साल के 12 महीने, संडे-मंडे, ए बी सी डी की वाल पेंटिंग लगायी गयी है.
छत को बनाया किचेन गार्डन
स्कूल के पास भले ही अपना कैंपस नहीं है. लेकिन, यहां के शिक्षकों व एचएम ने खाली पड़ी छत को ही किचेन गार्डन के रूप में विकसित कर दिया. स्कूल में लगभग एक सौ गमलाें में विभिन्न प्रकार के पौधे लगाये गये हैं.
साथ ही 15-20 की संख्या में हैंगिंग गमले भी लगाये गये हैं. स्कूल से सटी खाली पड़ी जमीन पर भी केला, नींबू, बादाम, पपीता आदि के पौधे लगाये गये हैं. इस किचेन गार्डन से निकलने वाली सब्जियों का इस्तेमाल स्कूल में बनने वाले मिड डे मिल में एडिशनल रूप से भी किया जाता है.
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