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शांति के बिना राष्ट्र का विकास संभव नहीं : प्राचार्य

Updated at : 21 Sep 2024 9:35 PM (IST)
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शांति मधुरता एवं भाईचारे की अवस्था है. जिसमें बैर भावना की कोई स्थान नहीं है.

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– अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस के अवसर पर महाविद्यालय में संगोष्ठी का आयोजन

त्रिवेणीगंज. राष्ट्रीय सेवा योजना प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय इकाई अनूपलाल यादव महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस के अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ जयदेव प्रसाद यादव की अध्यक्षता में एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी सह जिला नोडल पदाधिकारी प्रो विद्यानंद यादव द्वारा संगोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन किया गया.

संगोष्ठी को संबोधित करते प्राचार्य श्री यादव ने कहा कि शांति के बिना राष्ट्र का विकास संभव नहीं है. शांति मधुरता एवं भाईचारे की अवस्था है. जिसमें बैर भावना की कोई स्थान नहीं है. शांति के बिना कोई भी कार्य सुचारू रूप से संभव नहीं है. मानव को रहने के लिए चाहे उन्नत किस्म का घर हो या वस्त्र हो, परंतु शांति के बिना संपूर्ण जीवन हाहाकार है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सभी देशों के बीच शांति व्यवस्था कायम करने और संघर्ष एवं झगड़ों पर विराम लगाने के दृष्टिकोण से प्रत्येक वर्ष 21 सितंबर को हम लोग अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस मनाते हैं. दुनिया के सभी देशों के लोगों के बीच शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ ने वर्ष 1981 में विश्व शांति दिवस मनाने की घोषणा की. पहली बार वर्ष 1982 में सितंबर महीने के तीसरे मंगलवार को विश्व शांति दिवस मनाया गया. जो सिलसिला 2001 तक चला. वर्ष 2002 से प्रत्येक वर्ष 21 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस मनाने का निर्णय संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा लिया गया. कहा कि स्वयंसेवकों को चाहिए कि समाज में लोगों के बीच शांति स्थापित करने का प्रयास करें तथा शांति के प्रति लोगों को जागरूक करें.

एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो विद्यानंद यादव ने बताया कि हमारा समाज सदियों से रंगभेद, जाति, संप्रदाय, भाषा, धर्म, धर्म भेद, क्षेत्र भेद से जकड़े हुए हैं. जिस कारण से परिवार, राज्य, देश और विदेश स्तर पर मतभेद एवं विविधता पैदा होकर वैमनस्यता उत्पन्न होता है. जिस कारण से अशांति फैलती है. सबों का विकास अवरुद्ध होता है. प्राय: सभी देश के विद्वत जन अथवा संपूर्ण संसार के व्यक्ति सुख और शांति के लिए प्रयत्नशील रहते हैं. संपूर्ण संसार के सामने कई ऐसे समस्याएं हैं जिसे शांति से ही हल किया जा सकता है. कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक प्रो अशोक कुमार, प्रो अरुण कुमार, डॉ सुदीत नारायण यादव, डॉ सदानंद यादव, प्रो देवनारायण यादव, प्रो तरुण कुमार सिंह, डॉ रंभा कुमारी, प्रो नारायण चौधरी, प्रो अरविंद कुमार, प्रो कुलानंद यादव, प्रो प्रभाष कुमार, तृतीय इकाई के कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो शंभू यादव, द्वितीय इकाई के कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो कुमारी पूनम, सहायक पुस्तकालय अध्यक्ष अनुपम कुमार, कम्युनिटी कॉलेज के सोनू स्नेहिल, सुरेंद्र कुमार, भूषण कुमार, गगन कुमार, दिग्दर्शन, दिलीप दिवाकर, निशांत कुमार, प्रभात कुमार, रंजन कुमार प्रिया राज, आकांक्षा, शिल्पी ज्योति, लवली कुमारी, चुनचुन कुमारी, मनीषा कुमारी, प्रियंका कुमारी, लवली कुमारी, काजल कुमारी, शुभम कुमार, निकेत कुमार, रोशन राज, रंजीत सिंह, नंदनी गौर, संध्या कुमारी, कोमल सोनी आदि उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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