बांकीपुर में प्रशांत किशोर ने झोंकी पूरी ताकत, भाजपा को उसी के घर में घेरने का प्लान
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 11 Jun 2026 8:09 PM
प्रशांत किशोर
Bankipur Bypoll: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव बिहार की राजनीति का सबसे चर्चित मुकाबला बनता जा रहा है. भाजपा के गढ़ मानी जाने वाली इस सीट पर जन सुराज ने पूरी ताकत झोंक दी है. इसे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पहली राजनीतिक परीक्षा माना जा रहा है.
Bankipur Bypoll: बिहार में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री बने सम्राट चौधरी के सामने जल्द ही पहली बड़ी राजनीतिक परीक्षा आने वाली है. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन के इस्तीफे से खाली हुई बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव होना है. यह सीट लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है, लेकिन इस बार मुकाबला पहले से ज्यादा दिलचस्प नजर आ रहा है.
बांकीपुर में जन सुराज एक्टिव
जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर पहले ही बांकीपुर उपचुनाव लड़ने का ऐलान कर चुके हैं. उनकी पार्टी ने क्षेत्र में प्रचार अभियान भी शुरू कर दिया है. प्रशांत किशोर समेत पार्टी के कई बड़े नेता लगातार बांकीपुर में जनसंवाद और बैठकों के जरिए लोगों तक पहुंच रहे हैं. ऐसे में इस सीट पर मुकाबला त्रिकोणीय होने की संभावना बढ़ गई है.
गुरुवार को बांकीपुर में प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि कई लोग मानते हैं कि भाजपा ने सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाकर गलती की है. उन्होंने दावा किया कि जनता के पास बांकीपुर उपचुनाव में भाजपा को हराकर अपना संदेश देने का मौका है. प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर लोग जन सुराज को जिताना नहीं भी चाहते हैं, तब भी भाजपा को हराकर अपनी नाराजगी जता सकते हैं.
क्या चुनाव लड़ेंगे प्रशांत किशोर?
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि प्रशांत किशोर खुद बांकीपुर से चुनाव मैदान में उतर सकते हैं. जन सुराज की ओर से अभी उम्मीदवार के नाम की घोषणा नहीं की गई है. जब उनसे चुनाव लड़ने को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उम्मीदवार का फैसला पार्टी करेगी.
क्यों हो रहा है उपचुनाव?
बांकीपुर सीट भाजपा नेता नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई है. भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन राज्यसभा पहुंचे और उन्होंने 30 मार्च को विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. इसी वजह से अब इस सीट पर उपचुनाव कराया जाएगा.
कब हो सकता है चुनाव?
विधानसभा की कोई भी सीट खाली होने के छह महीने के भीतर उपचुनाव कराना जरूरी होता है. नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद 30 सितंबर से पहले चुनाव प्रक्रिया पूरी करनी होगी. माना जा रहा है कि चुनाव आयोग जुलाई या अगस्त में उपचुनाव की घोषणा कर सकता है. अगर इस बीच कोई और विधानसभा सीट खाली होती है तो उसका चुनाव भी बांकीपुर के साथ कराया जा सकता है.
बांकीपुर का चुनावी इतिहास
बांकीपुर विधानसभा सीट पहले पटना पश्चिम के नाम से जानी जाती थी. 1995 में नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा ने यहां भाजपा को जीत दिलाई थी. इसके बाद से लगातार यह सीट भाजपा के कब्जे में रही है.
नवीन सिन्हा चार बार विधायक बने. उनके निधन के बाद बेटे नितिन नवीन ने 2006 के उपचुनाव में जीत दर्ज की. इसके बाद नितिन लगातार चार विधानसभा चुनाव जीतते रहे. करीब तीन दशक से इस सीट पर नवीन परिवार का दबदबा बना हुआ है. वर्ष 2008 के परिसीमन के बाद पटना पश्चिम का नाम बदलकर बांकीपुर कर दिया गया था.
भाजपा भी उम्मीदवार तलाशने में जुटी
बांकीपुर उपचुनाव को लेकर भाजपा भी पूरी तरह सक्रिय है. पार्टी की ओर से मजबूत उम्मीदवार की तलाश की जा रही है. हाल के दिनों में नितिन नवीन ने भी क्षेत्र में बैठकें कर संभावित उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा की थी. पहले संजय मयूख का नाम सबसे आगे माना जा रहा था, लेकिन दोबारा एमएलसी बनने के बाद वे इस दौड़ से बाहर हो गए. फिलहाल अजय आलोक, आशीष सिन्हा, रणवीर नंदन, सुनील वर्मा और सुषमा साहू समेत कई नामों की चर्चा चल रही है.
सम्राट चौधरी के लिए क्यों अहम है यह चुनाव?
सम्राट चौधरी ने 15 अप्रैल 2026 को बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. करीब दो दशक बाद राज्य में भाजपा का मुख्यमंत्री बना है. विपक्ष लगातार कहता रहा है कि जनता ने एनडीए को नीतीश कुमार के चेहरे पर वोट दिया था. ऐसे में मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी के नेतृत्व में होने वाला पहला विधानसभा उपचुनाव बांकीपुर में ही है. इसलिए इसे उनके राजनीतिक प्रभाव की पहली बड़ी परीक्षा माना जा रहा है.
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महागठबंधन की रणनीति पर नजर
भाजपा और जन सुराज चुनावी तैयारी में जुटी हुई हैं, वहीं महागठबंधन की ओर से अभी ज्यादा सक्रियता दिखाई नहीं दे रही है. 2025 के विधानसभा चुनाव में नितिन नवीन ने राजद उम्मीदवार रेखा कुमारी को 51,936 वोटों के बड़े अंतर से हराया था. 2020 के चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार लव सिन्हा को भी हार का सामना करना पड़ा था. अब उपचुनाव में यह देखना दिलचस्प होगा कि महागठबंधन की ओर से यह सीट राजद लड़ती है या कांग्रेस. वाम दल भी इस सीट पर दावा करते रहे हैं.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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