शराब बंद होने से फल फुल रहा गांजा का व्यवसाय
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 07 Apr 2016 6:46 PM
शराब बंद होने से फल फुल रहा गांजा का व्यवसाय जदिया. राज्य सरकार द्वारा पूर्ण शराब बंदी के बाद गांजा व प्रतिबंधित कोरेक्स की मांग बढ़ गयी है. इस कारोबार में लगे लोगों की बल्ले-बल्ले है. यूं तो गांजा का कारोबार इस क्षेत्र में चोरी छिपे कई वर्षों से होती आ रही है, लेकिन शराब […]
शराब बंद होने से फल फुल रहा गांजा का व्यवसाय जदिया. राज्य सरकार द्वारा पूर्ण शराब बंदी के बाद गांजा व प्रतिबंधित कोरेक्स की मांग बढ़ गयी है. इस कारोबार में लगे लोगों की बल्ले-बल्ले है. यूं तो गांजा का कारोबार इस क्षेत्र में चोरी छिपे कई वर्षों से होती आ रही है, लेकिन शराब की पूर्ण बंदी से इसकी डिमांड बढ़ने लगी है. आज कल शराब के लत से जुड़े लोग गांजा बेचने वाले अड्डे पर दिखने लगे है. दरअसल जब से शराब बंदी हुई है लोग शराब की विकल्प की तलाश में गली-गली की खाक छान मारते फिर रहे है. ऐसे में गांजा व प्रतिबंघित कोरेक्स सिरप नशेड़ियों के लिए मुफीद साबित हो रही है. मालूम हो कि कोरियापट्टी पूर्वी पंचायत के हीरापट्टी गांव में गांजा का खुदरा सहित थोक कारोबार होती है. यहां से गाजा का डिस्ट्रिब्यूशन अन्य जगहों पर भी की जाती है. वही जदिया, राजगांव मे गजेड़ियों का जमावड़ा देखने को मिलता है. शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लगने से उक्त गांजा बेचने वालों की चांदी कट रही है. नाम नहीं छापने की शर्त पर नशेडियों ने बताया कि जो गाजा की पुरिया 10 रुपया में उपलब्ध होता था. शराब बंद होने से कारोबारियों द्वारा अब 25 से 30 रुपये लिया जा रहा है.
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