थोड़ा संभल कर चलें,ये सड़क हड्डी बजा देती है!

Published at :18 Nov 2017 5:33 AM (IST)
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थोड़ा संभल कर चलें,ये सड़क हड्डी बजा देती है!

सुपौल : सदर प्रखंड अंतर्गत हरदी पूरब पंचायत स्थित चौघारा से कौशलीपट्टी गांव तक जाने वाली ईंट सोलिंग जर्जर होने के कारण लोगों को आवाजाही करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. सरकार द्वारा प्रत्येक दो सौ की आबादी वाले टोले को मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत पक्की सड़क से जोड़ने की […]

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सुपौल : सदर प्रखंड अंतर्गत हरदी पूरब पंचायत स्थित चौघारा से कौशलीपट्टी गांव तक जाने वाली ईंट सोलिंग जर्जर होने के कारण लोगों को आवाजाही करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. सरकार द्वारा प्रत्येक दो सौ की आबादी वाले टोले को मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत पक्की सड़क से जोड़ने की कवायद कर रही है. लेकिन करीब हजारों की आबादी आज भी कच्ची सड़क व जर्जर ईंट सोलिंग के सहारे आवागमन करने को विवश हैं.

जर्जर ईंट सोलिंग पर पीसीसी का निर्माण नहीं कराये जाने के कारण लोगों को जर्जर ईंट सोलिंग व कच्ची सड़क के सहारे आवाजाही करने की मजबूरी बनी हुई है. जर्जर ईंट सोलिंग रहने के कारण जगह-जगह बड़े-बड़े गड‍्ढे हो गये हैं. जिसके कारण खास कर रात के समय में इस सड़क से आवागमन करने में दुर्घटना को आमंत्रित करने जैसा है. जबकि ग्रामीणों द्वारा कई बार इस समस्या को लेकर जनप्रतिनिधि से लेकर विभागीय अधिकारी तक गुहार लगाये हैं. लेकिन अब तक इन समस्याओं का समाधान नहीं हो

पाया है.
मालूम हो कि सुपौल-सिंहेश्वर पथ स्थित चौघारा चौक से सटे उत्तर दिशा की ओर जाने वाली जर्जर ईंट सोलिंग से चलना काफी दुष्कर साबित हो रहा है. हालांकि चौक के मुहाने पर कुछ दूरी तक पीसीसी सड़क का निर्माण किया जा चुका है. लेकिन उसके बाद पुराने ईंट सोलिंग ही है. 15 वर्ष पूर्व बनाये गये ईंट सोलिंग चौघारा सहित कौशलीपट्टी गांव के लोगों का आवाजाही के लिये मुख्य सड़क माना जाता है. सड़क जर्जर रहने के कारण लोगों को आवाजाही करने में भारी परेशानी होती है.
ग्रामीणों ने बताया कि चौघारा वार्ड नंबर 03, 05, 08 व 09 के लोग सहित कौशलीपट्टी गांव के लोगों को जाने के लिये एक मात्र यह ईंट सोलिंग सड़क है. ईंट सोलिंग जर्जर रहने के कारण जगह-जगह बड़े-बड़े गड‍्ढे बन गये हैं. जिसके कारण आवागमन करने में भारी परेशानी होती है. दिन में लोग किसी तरह इस रास्ते से आवागमन तो कर लेते हैं. लेकिन रात के समय में इस रास्ते से आवागमन करना दुर्घटना को आमंत्रित करती है.
कहते हैं ग्रामीण
भागवत यादव, गांगो यादव, विलट ठाकुर, उपेंद्र यादव, डोमी प्रसाद यादव, लखन यादव, लक्ष्मी यादव, जमलेश्वरी यादव, रजाक मियां आदि ग्रामीणों ने बताया कि सड़क को लेकर कई बार जनप्रतिनिधि से गुहार लगा चुके हैं. लेकिन वहां से आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला है. विकास के इस दौर में भी इस टोले के लोगों को उपेक्षित रखा गया है. टोले के लोगों को बाहर निकलने के लिए एक मात्र जर्जर ईंट सोलिंग सड़क है. बताया कि इस बस्ती में रहने वाले एक बड़ी आबादी को मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा जाना चिंताजनक है. लोगों ने बताया कि हर चुनाव के समय वोट मांगने पहुंचने वाले नेता इस समस्या के समाधान का दावा करते हैं. लेकिन चुनाव समाप्त होते ही इसे भुला दिया जाता है. जन प्रतिनिधि व कोई भी अधिकारी आज तक यहां रहने वाले लोगों की सुधि लेने तक नहीं पहुंच सके हैं. सबसे अधिक परेशानी स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों को होती है. लेकिन इस सड़क को देखने के बाद सरकार के दावों की पोल खुलती नजर आ रही है.
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