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पर्चा बांटने में भारी अनियमितता को लेकर रैयतों ने किया विशाल धरना प्रदर्शन, सीओ को सौंपा 10 सूत्री ज्ञापन

Updated at : 21 Oct 2024 9:54 PM (IST)
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सीओ को सौंपा 10 सूत्री ज्ञापन

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पिपरा सर्वे में अनियमितता को लेकर किसानों का गुस्सा भड़कने लगा है. सोमवार को प्रखंड मुख्यालय गेट के सामने एनएच 106 पर प्रखंड के विभिन्न मौजा के रैयतों ने भू-सर्वे कार्य में व्यापक गड़बड़ी किए जाने को लेकर विशाल धरना प्रदर्शन किया. रैयतों का आरोप है कि सर्वे बाद अब जब पर्चा बांटा जा रहा है तो इसमें कई तरह की खामियां है. स्थिति ये है कि एक तो किसी रैयत की सभी जमीन का पर्चा नहीं है अगर है भी तो पर्चे में नाम किसी का है तो जमीन का ब्योरा किसी दूसरे का दर्ज है. जो पर्चा रैयतों को दिया जा रहा उसमें घोर अनियमितता बरती गई है. रैयतों का आरोप है कि ऑफिस में बैठकर किए गए सर्वे का ही नतीजा है कि लोगों को अपने पुश्तैनी जमीन के लिए सरकारी दफ्तरों का चक्कर लगाना पड़ रहा है. इसमें कार्यरत कर्मी मालामाल हो रहे हैं. इससे रैयतों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है. यही कारण है अब रैयत सड़क से सदन तक इस लड़ाई को लड़ने का मन बना लिया है. धरना-प्रदर्शन को वक्ताओं ने कहा सीओ, हल्का कर्मचारी व सर्वे कर्मी पर एक खेसरा को सुधार करने का एक से 03 हजार रुपए तक की मांग की जाती है. नहीं देने पर गलत पर्चा निर्गत कर दी जाती है. यहां तक की वक्ताओं ने सर्वे कार्य में कार्यरत सभी कर्मी को भ्रष्ट बताया जो कभी भी किसी रैयत के प्लांट पर गये बगैर खानापूर्ति पर्चा बांट रहे हैं. वक्ताओं ने सरकार से सर्वे कार्य में पारदर्शिता लाने के लिए सीओ सहित अन्य वरीय कर्मियों को रैयतों के मार्गदर्शन हेतु क्षेत्र भ्रमण कर रैयतों से उचित कागजात की मांग कर मामले का निष्पादन करना चाहिए.

प्रदर्शनकारियों ने सीओ उमा कुमारी को 10 सूत्री मांग पत्र समर्पित किया. मांगपत्र में जमीन की खानापूरी पर्चा सभी रैयतों को मिले यह सुनिश्चित करें. खानापूरी पर्चा बंटवारा होने के बाद रैयतों से कम से कम 60 दिन तक आपत्ति का समय दें. सभी ग्राम पंचायत स्थित सरकार भवन या अन्य सरकारी भवनों में कार्यालय हो. फील्ड सर्वे और एरिया सर्वे में भारी अनियमितता है. अभिलेखागार में सभी रैयतों को अभिलेख आसानी से उपलब्ध कराया जाए. सर्वे कार्य में कर्मचारी, अधिकारी, पदाधिकारी द्वारा किए जा रहे अवैध वसूली पर रोक लगाया जाए. गैर मजरुआ खास मालिक की जमीन को पंजी टू के अनुसार खरीद बिक्री की गारंटी हो. परिमार्जन के नाम पर हो रहे अवैध वसूली पर रोक लगाई जाए. जमीन सर्वे का सभी कार्य परिमार्जन और अन्य कार्य पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर किया जाए. गैर मजरुआ खास जमीन रैयतों को जमाबंदी रिटर्न के आधार पर दिया जाए.

मामले में सीओ उमा कुमारी ने बताया कि रैयतों द्वारा सर्वे में हो रही गड़बड़ी को लेकर मांग-पत्र दिया है. जिसे उच्च अधिकारी को भेजा जायेगा. ताकि रैयतों की मांग पूरी की जा सके. धरना प्रदर्शन में कारी प्रसाद यादव, लक्ष्मीकांत भारती, बुच्चन यादव, वीरेंद्र प्रसाद मंडल, रामचंद्र मंडल, अरविंद कुमार, बाबुल यादव, रवि कुमार गुड्डू, पिंकू यादव, महेंद्र साह, डॉ अमरेंद्र यादव, डॉ ललन कुमार, गिरधारी मुखिया, जयनारायण यादव, संतराम, देवेंद्र मंडल, नवीन कुमार, सहित सैकड़ों की संख्या में जमींदार रैयत शामिल हुए.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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