किसान चौपाल से दी जायेगी जानकारी

Updated at : 07 Mar 2019 6:30 AM (IST)
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किसान चौपाल से दी जायेगी जानकारी

सोनपुर : सोनपुर मेला क्षेत्र में कृषि विभाग की दो एकड़ से अधिक भूमि है. मेले के अवसर पर लाखों लोग यहां मेला घूमने के साथ-साथ कृषि प्रदर्शनी में कृषि संबंधित जानकारी लेने आते हैं. किसानों पर हमें गर्व है. राज्य की सभी पंचायतों में किसान भवन होगा. अब किसानों को किसी भी तरह की […]

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सोनपुर : सोनपुर मेला क्षेत्र में कृषि विभाग की दो एकड़ से अधिक भूमि है. मेले के अवसर पर लाखों लोग यहां मेला घूमने के साथ-साथ कृषि प्रदर्शनी में कृषि संबंधित जानकारी लेने आते हैं. किसानों पर हमें गर्व है. राज्य की सभी पंचायतों में किसान भवन होगा. अब किसानों को किसी भी तरह की जानकारी के लिए दूर नहीं जाना होगा.

किसानों को कृषि फीडर से बिजली की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी. उक्त बातें राज्य के कृषि मंत्री प्रेम कुमार ने सोनपुर मेला परिसर स्थित कृषि प्रदर्शनी में 16 करोड़ 89 लाख 78 हजार 6 सौ 65 रुपये की योजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास करते हुए कहीं.
इस दौरान उन्होंने सोनपुर मेला परिसर स्थित कृषि प्रदर्शनी में प्रशिक्षण केंद्र तथा राष्ट्रीय कृषि विकास योजनांतर्गत लहलादपुर में ई किसान भवन का उद्घाटन दरियापुर प्रखंड के हरिहरपुर में बीज गुणन प्रक्षेत्र के मुख्य द्वार एवं यांत्रिक शेड एवं पक्की चहारदीवारी व गोदाम कार्य का शिलान्यास किया.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इच्छा के अनुरूप सरकार कृषि से संबंधित विकास योजनाओं के जरिये किसानों की आमदनी दोगुनी करने में जुटी हुई है. कृषि मंत्री ने कहा कि जानकारी के अभाव में किसान अपने लिए हितकारी योजनाओं का लाभ उठाने से वंचित रहते हैं.
किसान चौपाल के माध्यम से उन्हें विकास योजनाओं की जानकारी मिलेगी तथा वे उनका लाभ उठा सकेंगे. किसानों के लिए सच्चाई की सुविधाओं का विस्तार बेहद जरूरी है. किसान कृषि संबंधी योजनाओं व उन्नत खेती के तरीकों की जानकारी रहेगी, उन जानकारियों के माध्यम से किसान अपनी खेतीबाड़ी का विकास कर जीवन स्तर में सुधार ला सकेंगे.
किसान अतिरिक्त आमदनी कर सकें
सरकार कृषि के साथ-साथ बागवानी, गोपालन, मछलीपालन, मुर्गीपालन आदि के विकास में भी जुटी हुई है जिससे कि किसान अतिरिक्त आमदनी कर सकें. पूर्व में किसान अंधाधुंध रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग करते रहे हैं. मृदा हेल्थ कार्ड जारी होने से वे जरूरत के मुताबिक ही उर्वरक का इस्तेमाल करेंगे. इससे जहां उनकी कृषि लागत कम होगी तथा उपज बढ़ेगी, वहीं मिट्टी की सेहत भी अच्छी रहेगी.
इस मौके पर सारण प्रमंडल के संयुक्त निदेशक ‘गब्य’ विजेंद्र चौधरी, उपनिदेशक यदुनंदन यादव, उपकृषि निदेशक मनोज कुमार श्रीवास्तव, सहायक निदेशक पौधा संरक्षण अरविंद कुमार सिंह के अलावे प्रखंड कृषि पदाधिकारी, कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे.
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