महंगाई से मिले राहत, युवाओं को रोजगार
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :01 Feb 2017 4:29 AM (IST)
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उम्मीदें. बैंकर्स कॉलोनी की महिलाएं परिचर्चा में हुईं शामिल, जीएसटी को सरल बनाने की मांग सीतामढ़ी : आम बजट को लेकर न सिर्फ व्यवसायी वर्ग, पेंशनर, नौकरीपेशा वालों की उत्सुकता है, बल्कि घर की रसोई संभालने वाली गृहिणियों में भी तरह-तरह की चर्चाएं हो रही है. आधी आबादी को रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की कीमतों […]
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उम्मीदें. बैंकर्स कॉलोनी की महिलाएं परिचर्चा में हुईं शामिल, जीएसटी को सरल बनाने की मांग
सीतामढ़ी : आम बजट को लेकर न सिर्फ व्यवसायी वर्ग, पेंशनर, नौकरीपेशा वालों की उत्सुकता है, बल्कि घर की रसोई संभालने वाली गृहिणियों में भी तरह-तरह की चर्चाएं हो रही है.
आधी आबादी को रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में राहत, सोने व चांदी की कीमतों पर नियंत्रण, बच्चों की स्कूल फी में अनावश्यक वृद्धि पर रोक, यात्रियों की सुविधा के लिए सीतामढ़ी से विभिन्न जगहों के लिए लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेन, पर्यटन विकास के लिए स्पेशल पैकेज आदि चाहिए. नौकरीपेशा वाले घरों की महिलाएं आयकर में छूट, स्लैब को नियंत्रित करने आदि की उम्मीद कर रही हैं, तो व्यवसाय क्षेत्र से जुड़ी महिलाएं जीएसटी कानून को सरल बनाये जाने की मांग कर रही है.
प्रभात खबर ने मंगलवार को नगर के सिनेमा रोड स्थित बैंकर्स कॉलोनी में महिलाओं के साथ बजट पर परिचर्चा कार्यक्रम का आयोजन किया. परिचर्चा में शामिल महिलाओं ने एक स्वर से बजट को आम लोगों के लिए बनाये जाने पर बल दिया.
रंजू सिंह : बजट को सहज और सरल बनाया जाना चाहिए. आज महंगाई चरम सीमा पर पहुंच चुकी है. नौकरीपेशा लोगों के लिए घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है. बचत की संभावना महंगाई ने खत्म कर दिया है. साग-सब्जी से लेकर किराना सामग्रियों में बेतहाशा वृद्धि हुई है. आम बजट में सरकार को इन सभी बातों का ध्यान रखते हुए प्रस्तुति देनी चाहिए. आयकर में छूट मिलना चाहिए. बजट को मध्यवर्ग को ध्यान में रखते हुए बनाया जाना चाहिए.
सुनीता हिसारिया : महंगाई काफी बढ़ गयी है. रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों को बजट के माध्यम से नियंत्रित किया जाना जरूरी है. व्यवसायी वर्ग के लोग जीएसटी को लेकर आशंकित है, सरकार को चाहिए कि इस कानून को सरल व सहज बनाया जाय. दाल, आटा, सौंदर्य प्रसाधन वस्तुओं की कीमतें आसमान छूने लगी है, इससे मध्यवर्गीय परिवार का गुजारा मुश्किल हो गया है. बजट में कुल मिला कर आम लोगों को राहत मिले, सरकार इसका उपाय करे.
संगीता अग्रवाल : सरकार के बजट में मां जानकी की नगरी सीतामढ़ी के लिए विशेष पैकेज होना चाहिए. खास कर पर्यटन व रेल के क्षेत्र में. सड़कें तो बन गयी है, लेकिन जो विकास होना चाहिए, उसका अभाव है. आज भी सीतामढ़ी से लंबी दूरी की कम हीं ट्रेन चल रही है. जो ट्रेनें चल भी रही है, उसके समय का कोई निर्धारण नहीं है. बजट में उम्मीद करती हूं कि सीतामढ़ी को कई एक्सप्रेस ट्रेनों की सौगात मिलेगी. ट्रेनें बढ़ेगी तो यहां के लोगों की सुविधाएं बढ़ेगी और पर्यटन का विकास होगा.
भव्या सिंह : बजट में बेरोजगारों के लिए पैकेज होना चाहिए. आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में नियंत्रण जरूरी हो गया है, क्योंकि विगत के वर्षों में महंगाई काफी बढ़ी है. सब्जियों के साथ, दाल, दूध, फलों के दामों में अनाप-शनाप वृद्धि हुई है. बजट को मध्यवर्ग को ध्यान में रख कर बनायी जाये तो अच्छा रहेगा.
मुन्नी देवी : रेलवे के क्षेत्र में विकास के लिए बजट में यह प्रावधान हो कि मां जानकी की जन्मभूमि को देश के अन्य भागों से जोड़ा जाये. स्टेशनों पर यात्री सुविधा बढ़े, इसके लिए पैकेज होना चाहिए. पिछले कुछ वर्षों में सोना महिलाओं की पहुंच से दूर हो गयी है. 10 वर्षों में चार गुना वृद्धि हुई है. संभ्रांत घरों की महिलाएं हीं सोना खरीद रही हैं. सरकार को इसका ध्यान रखना चाहिए कि मध्यवर्ग की महिलाएं भी सोना आसानी से खरीद सके. इसके लिए टैक्स में छूट मिलना चाहिए.
अमृता खेमका : बजट में शिक्षा ऋण को विशेष तौर पर सरल व सहज बनाया जाना जरूरी है. आज बच्चों की पढ़ाई काफी महंगी हो गयी है. पुन: नामांकन के नाम पर प्राइवेट स्कूलों द्वारा अनावश्यक पैसा लिया जा रहा है. बजट में शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने के लिए सरल बजट की जरूरत है. बजट में इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं की कीमतों में राहत की उम्मीद कर रहीं हूं.
प्रेमा परशुरामपुरिया : लोहा, छड़, सीमेंट व ईंट की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि हुई है. आनेवाले समय में अगर मूल्यवृद्धि ऐसे हीं बढ़ी तो मकान आम लोगों की पहुंच से दूर हो जायेगी. नोटबंदी से परेशान व्यवसाय वर्ग के सामने अभी जीएसटी कानून का पचड़ा डाल दिया गया है. इससे व्यवसाय पूरी तरह से चौपट हो जायेगा. सरकार को आम लोगों को ध्यान में रख कर बजट बनाना चाहिए, ताकि अमीर से गरीब तक को लाभ मिल सके.
सरिता अग्रवाल : सरकार को चाहिए कि शिक्षा के क्षेत्र में विशेष पैकेज लाये. खास कर ऋण के अभाव में गरीब वर्ग के बच्चों को ऊंची शिक्षा का इरादा त्यागना पड़ता है. इस पर ध्यान दिया जाये. बजट में इसे शामिल करना चाहिए. वहीं इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं को सस्ता किया जाना चाहिए. जीवनरक्षक दवाओं की कीमतें न बढ़े इस पर बजट में प्रावधान हो.
शकुंतला खेमका : नोटबंदी से देश की आम जनता को कुछ दिन कठिनाइयां झेलनी पड़ी है. व्यवसाय पर इसका पूरा असर देखा गया है. बजट में इस बात का ध्यान होना चाहिए कि महंगाई की मार अब और ज्यादा नहीं पड़े. नोटबंदी से बेहिसाब संपत्ति व नगदी जब्त की गयी है, जिससे स्वाभाविक है कि देश के खजाने वृद्धि हुई है. सरकार को बजट में इसके असर को दिखाना चाहिए. रेल क्षेत्र में पिछड़े सीतामढ़ी को महत्वपूर्ण ट्रेनों का इंतजार है.
अर्चना सिंह : बजट में आम लोगों का ख्याल रखा जाना चाहिए. आज शिक्षा से लेकर सेवा तक में प्रतियोगिता चुनौती बन गयी है. गरीब तबके के बच्चों को सरल ऋण की सुविधा मिलनी चाहिए ताकि बच्चे ऊंचे संस्थानों तक में शिक्षा पा सके. महंगाई कम होना चाहिए. सीमित नौकरी वाले लोगों का गुजारा हो, इस बात का ध्यान बजट में रखा जाये तो बेहतर होगा.
कामिनी पटेल : बजट ऐसा हो कि हर तबके के लोग इसे पसंद करे. दाल, आटा, सरसो तेल, रिफाइन के दामों में वृद्धि से रसोई चलाना कठिन है. सीतामढ़ी को पर्यटन क्षेत्र में विकास के लिए नियमित एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन जरूरी है. रसोई गैस में मूल्यवृद्धि पर लगाम लगनी चाहिए.
प्रभात खबर के बजट परिचर्चा में मुखर हुईं गृहिणियां
सीतामढ़ी से लंबी दूरी की हो एक्सप्रेस ट्रेनें
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