कैश की किल्लत खत्म, बैंकिंग व्यवस्था सामान्य

Published at :04 Jan 2017 4:53 AM (IST)
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कैश की किल्लत खत्म, बैंकिंग व्यवस्था सामान्य

सीतामढ़ी : नोटबंदी के 53 दिन बाद अब जिले के बैंकों व एटीएम से कैश की किल्लत खत्म हो गयी है. जिले के करीब 24 बैंकों के करीब डेढ़ सौ से भी अधिक बैंक शाखाओं की स्थिति सामान्य हो गयी है. बैंक शाखाओं व एटीएम में कतार लगने की जगह इक्के-दुक्के लोग ही देखे जा […]

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सीतामढ़ी : नोटबंदी के 53 दिन बाद अब जिले के बैंकों व एटीएम से कैश की किल्लत खत्म हो गयी है. जिले के करीब 24 बैंकों के करीब डेढ़ सौ से भी अधिक बैंक शाखाओं की स्थिति सामान्य हो गयी है. बैंक शाखाओं व एटीएम में कतार लगने की जगह इक्के-दुक्के लोग ही देखे जा रहे हैं. बैंक अधिकारी व कर्मचारी काफी दिनों की अफरातफरी के बाद अब राहत महसूस कर रहे हैं. मंगलवार को प्रभात खबर की टीम ने शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के कई बैंक शाखाओं का जायजा लिया. एनएच-77 पर सिंडिकेट बैंक, कमलदह शाखा के बाहर ऐसा लग रहा था कि शायद बंद हो.

यानी हमेशा ग्राहकों की भीड़ रहने वाले बैंक के बाहर मंगलवार को एक भी ग्राहक दिखाई नहीं दिये. अंदर इक्के-दुक्के ग्राहक आराम से लेन-देन कर रहे थे. यही स्थिति बथनाहा बाजार स्थित इलाहाबाद बैंक, शहर के कारगिल चौक स्थित पीएनबी, रेडक्रॉस भवन स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा, बाटा गली स्थित एसबीआइ, मोहनपुर चौक स्थित बैंक ऑफ इंडिया व गोयनका कॉलेज स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया शाखा में भी देखने को मिला. इन बैंक शाखाओं पर इक्के-दुक्के ग्राहक ही नजर आये. शहर के विभिन्न एटीएम में यही स्थिति देखने को मिली. किसी भी एटीएम के बाहर ग्राहकों की कतार नहीं थी. लोग आराम से रुपये की निकासी कर आ-जा रहे थे. हालांकि, अधिकांश एटीएम से 2 हजार के नोट ही मिल रहे थे.

मांग के अनुसार मिल रहा कैश : जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक चिरंजीवी झा ने बताया कि नोटबंदी के 53 दिन बाद बैंकों की स्थिति बिल्कुल सामान्य हो गयी है. सभी बैंकों को मांग के अनुसार कैश उपलब्ध कराया जा रहा है. सभी बैंक अपने ग्राहकों को नगदी देने में स्थिति में है और अपने ग्राहकों को पात्रता व सरकारी नियमानुसार भुगतान कर रही है. एकमात्र उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक में अभी भी थोड़ी कैश की कमी है. अन्य किसी बैंकों के पास कैश की किल्लत नहीं है.
कैश आपूर्ति में कोई परेशानी नहीं: स्थानीय डाक अधीक्षक आरपी साह ने बताया कि नोटबंदी की शुरुआती दो सप्ताह तक कैश की काफी किल्लत झेलनी पड़ी, लेकिन 53 बाद अब वह परेशानी पूरी तरह से खत्म हो गयी है. मांग के अनुसार कैश उपलब्ध कराया जा रहा है. ग्राहकों को नियमानुसार भुगतान दिया जा रहा है. 500 की करेंसी की थोड़ी कमी जरूर है, लेकिन सभी उप-डाकघरों को भी मांग के अनुसार कैश उपलब्ध कराया जा रहा है.
परेशानी बीते दिनों की बात
एसबीआइ बैंक के मुख्य प्रबंधक एसके राव ने बताया कि बैंकों के सामने परेशानी अब बीते दिनों की बात रह गयी है. बैंक अपने सभी ग्राहकों को सरकारी नियमानुसार भुगतान दे रही है. कैश की किल्लत बिल्कुल नहीं है. मांग के अनुसार कैश उपलब्ध कराया जा रहा है. एटीएम में भी राशि की कमी नहीं है. हालांकि, उन्होंने यह माना कि 100 की नोटों की थोड़ी कमी है, जिसके चलते आवश्यकता के अनुसार एटीएम में 100-100 के नोट नहीं डाले जा रहे हैं. 500 की करेंसी की भी फिलहाल कमी बनी हुई है, लेकिन ग्राहकों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी जा रही है.
बैंक में अपनी बारी का इंतजार करते लोग.
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