38 साल बाद पूरा हुआ मंत्री जी का सपना
Updated at : 29 Jun 2018 5:06 AM (IST)
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मेजरगंज : प्रखंड मुख्यालय से सटे मलाही तथा गढ़वा विशनपुर गांव के बीच बहा नदी में 38 वर्षों से अपने निजी कोष से चचरी पुल का निर्माण करते आ रहे मंत्री जी का सिर्फ एक ही सपना था कि यहां पक्की पुल का निर्माण हो. मंत्री जी का यह सपना अब पूरा होने लगा है. […]
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मेजरगंज : प्रखंड मुख्यालय से सटे मलाही तथा गढ़वा विशनपुर गांव के बीच बहा नदी में 38 वर्षों से अपने निजी कोष से चचरी पुल का निर्माण करते आ रहे मंत्री जी का सिर्फ एक ही सपना था कि यहां पक्की पुल का निर्माण हो. मंत्री जी का यह सपना अब पूरा होने लगा है. उक्त नदी पर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत दो करोड़ 21 लाख 76 हजार की लागत से पुल का निर्माण प्रारंभ हो गया है.
दलदल में फंसी महिला बनी प्रेरणा, महिला की दुआ ने बदल दी दिशा
मंत्री जी बताते हैं कि वर्ष 1980 के बरसात के महीने में जब वे नदी के पास से गुजर रहे थे, तो उस नदी के दलदल में फंसी एक वृद्ध महिला की चीख उन्हें सुनाई दी. उन्होंने देखा और उसे नदी से बाहर निकाल दिया. महिला ने उन्हें ढेर सारी दुआएं दी. इस घटना से आत्म प्रेरित होकर दलदल नदी से गुजरने वाले लोगों के लिए खुद मेहनत कर प्रत्येक वर्ष बांस का चचरी पुल का निर्माण शुरू कर दिया, जो आज तक निर्बाध रूप से जारी था. परंतु अब उनका शरीर व स्वास्थ्य साथ नहीं दे रहा था.
मुखिया से लेकर राज्यपाल तक मंत्री जी को कर चुके हैं सम्मानित: कृष्ण नंदन सिंह उर्फ मंत्री जी उर्फ नेताजी को समाज सेवा के लिए मुखिया से लेकर प्रमुख, पूर्व जिला पार्षद शालीग्राम साह, विधान पार्षद बैजनाथ प्रसाद, बथनाहा विधायक दिनकर राम, सांसद रामकुमार शर्मा, बिहार विश्वविद्यालय के तत्कालीन कुलपति सुरेंद्र प्रसाद तथा पूर्व राज्यपाल रामनाथ कोविंद ने प्रशंसा पत्र देकर उन्हें सम्मानित किया है.
सीएम ने दी मंत्री जी को पुल की सौगात
मंत्री जी बताते हैं कि वर्ष 2015 के 17 अगस्त को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अंतिम जनता दरबार के कार्यक्रम में तकरीबन 400 लोग अपनी समस्या लेकर आए, जिसमें वे भी शामिल थे. उन्होंने हर वर्ष उक्त नदी पर 100 फुट लंबा चचरी पुल का निर्माण करने की जानकारी देने के साथ ही मुख्यमंत्री से पुल के निर्माण की मांग की. मुख्यमंत्री ने उनकी प्रशंसा करते हुए आश्वासन दिया कि जल्द ही वहां पुल का निर्माण कराया जाएगा. उन्होंने उनकी मांग को पथ निर्माण विभाग के हवाले कर कार्रवाई का आदेश दिया. जिसके परिणामस्वरूप आज पुल का निर्माण प्रारंभ है तथा मंत्री जी के चेहरे पर सफलता के मुस्कान की लकीरें साफ नजर आ रही हैं.
मिली मंत्री की उपाधि, नहीं की शादी
कृष्ण नंदन सिंह मेजरगंज प्रखंड के गढ़वा विशनपुर गांव के रहने वाले हैं. ये कोई किसी सरकार के मंत्री नहीं हैं. उनकी इस जनसेवा से क्षेत्र के बच्चे व बूढ़े सब परिचित हैं. यही जनसेवा उन्हें कृष्ण नंदन से मंत्री जी बना दिया है. लोग उन्हें प्यार से मंत्री जी व नेताजी पुकारते हैं. मंत्री जी कहते हैं कि स्कूली जीवन से ही उनकी रुचि जनसेवा की रही है. गांव में किसी का कोई काम हो उनके हाथ बटाने में वे नहीं चुकते हैं. जन सेवा में लगे रहने के कारण ही उन्हें शादी की याद तक नहीं आयी. वह आज भी कुंवारे ही हैं. आर्थिक उपार्जन नहीं कर पाने से मंत्री जी को उनके भाइयों ने अपनों से अलग कर दिया है.
गुड न्यूज
मलाही-गढ़वा विशनपुर रोड में बहा नदी पर पुल निर्माण प्रारंभ
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से निर्माण
निर्माण पर लागत राशि दो करोड़ 21 लाख 76 हजार
निजी कोष से चचरी पुल का निर्माण करते थे कृष्ण नंदन सिंह उर्फ मंत्री जी
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