कमजोर है बिजली विभाग की विपत्र सुधार नीति
Updated at : 11 May 2016 5:30 AM (IST)
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सैकड़ों बिजली उपभोक्ता परेशान, दर्जनों लोगों की लाइन कटी बरबीघा (शेखपुरा) : अनुमंडलीय बिजली विभाग कार्यालय की विपत्र सुधार नीति बेहद कमजोर है. इस कमजोर नीति से सैकड़ों बिजली उपभोक्ता परेशान हैं. विभाग से न्याय नहीं मिलने पर उपभोक्ता डीएम के जनता दरबार में पहुंचते हैं. कई बार डीएम ने एक निश्चित समय के भीतर […]
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सैकड़ों बिजली उपभोक्ता परेशान, दर्जनों लोगों की लाइन कटी
बरबीघा (शेखपुरा) : अनुमंडलीय बिजली विभाग कार्यालय की विपत्र सुधार नीति बेहद कमजोर है. इस कमजोर नीति से सैकड़ों बिजली उपभोक्ता परेशान हैं. विभाग से न्याय नहीं मिलने पर उपभोक्ता डीएम के जनता दरबार में पहुंचते हैं. कई बार डीएम ने एक निश्चित समय के भीतर उपभोक्ताओं की शिकायत दूर करने का निर्देश दिया, पर बिजली विभाग निर्देश का अनुपालन नहीं कर सके. यही कारण है कि दर्जनों बिजली उपभोक्ता अपनी लाइन कटा कर लालटेन, ढिबरी युग को अपना लिये हैं.
सामाचक निवासी विजय यादव ने बताया कि वह नियमित बिजली बिल का भुगतान करते थे. तकनीकी त्रुटि के चलते उनका मीटर जल गया. दूसरा नया मीटर लगाया तब एका-एक 25 हजार रुपये का बिजली बिल आ गया. इसकी शिकायत उन्होंने कार्यालय में की तब उलटे उसकी लाइन काट दी गयी. इसी तरह की शिकायत पुरानी शहर निवासी खुदुस मियां की है. इसी मोहल्ले के निवासी मास्टर साहब और सरफराज का हैं.
पीडि़तों ने बताया कि शिकायत के विरुद्ध उनसे आवेदन लिया जाता है और प्राप्त आवेदन को कचरे में डाल दिया जाता है. लोगों ने बताया कि कुछ बिजली सुधार बिचौलिया कार्यालय में मंडराते रहते हैं, जो उनकी मांग पूरी करता है, उनका विपत्र ठीक हो जाता है. बाकी का चप्पल घिस जाता है और बिल सुधार नहीं होता है. इधर एसडीओ ने बताया कि उपभोक्ता आवेदन का रिसिविंग ले कर रखे. उनसे मिले शीघ्र बिल सुधार की कार्रवाई होगी.
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