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भूमि विवाद में पथराव, चार जख्मी

Updated at : 31 May 2018 4:34 AM (IST)
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भूमि विवाद में पथराव, चार जख्मी

विरोध. चापाकल गाड़ने को लेकर हुआ था विवाद जिस जमीन पर दशकों से है भवन निर्माण उसका महादलितों को पर्चा जारी करने का आरोप शेखपुरा : शेखोपुरसराय थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर गांव में भूमि विवाद को लेकर बीते देर शाम दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई. इस घटना में जहां चार लोग गंभीर रुप […]

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विरोध. चापाकल गाड़ने को लेकर हुआ था विवाद

जिस जमीन पर दशकों से है भवन निर्माण उसका महादलितों को पर्चा जारी करने का आरोप
शेखपुरा : शेखोपुरसराय थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर गांव में भूमि विवाद को लेकर बीते देर शाम दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई. इस घटना में जहां चार लोग गंभीर रुप से जख्मी हो गये. वहीं दोनों पक्षों के द्वारा की गयी प्राथमिकी में पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया. इस बाबत थानाध्यक्ष पवन कुमार ने बताया कि जमीन पर चापाकल गाड़ने के विवाद को लेकर विवाद हुआ है. उन्होंने बताया कि गांव सरयुग पंडित पिछले कई दशकों से उक्त स्थान पर मकान बनाकर निवास कर रहे हैं. वर्ष 2003 में अंचल अधिकारी के द्वारा 18 महादलित परिवारों को पर्चा जारी कर दो-दो डिसमिल जमीन आवंटित किये थे. लेकिन उक्त जमीन पर बीते शाम जब संदीप पंडित चापाकल गाड़ना चाह रहे थे. तभी वहां महादलित परिवार के लोगों ने विवाद शुरू कर दिया.
इस विवाद में दोनों पक्षों के चार लोग जख्मी हो गये. घायलों में महादलित पक्ष के चंदर मांझी व दूसरे पक्ष के मुनचुन कुमार, विरजू पंडित, अर्जुन पंडित गंभीर रुप से जख्मी हो गये. घायल अवस्था में लोगों को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इधर भूमि विवाद के इस मामले में दोनों पक्षों के द्वारा दर्ज की गयी प्राथमिकी में लगभग डेढ़ दर्जन लोगों को अारोपित बनाया गया है. वहीं इस मामले में प्राथमिकी अारोपित रहे दोनों पक्षों के चंदर मांझी, मुन्नी मांझी, भोला राम, धर्मेंद्र कुमार ,मुनचुन कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है. थानाध्यक्ष ने बताया कि मंगलवार की देर शाम दोनों पक्षों के बीच हो रहे पथराव की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति पर नियंत्रण पा लिया.
भवन निर्मित जमीन का पर्चा जारी करने का दावा: मंगलवार की देर शाम जिस जमीन को लेकर गांव के दो गुटों के बीच विवाद गहरा गया. उसके पीछे कहीं न कहीं विभागीय लापरवाही भी सामने आया है. इस मामले को लेकर पीड़ित पक्ष के चंद्र मांझी ने बताया कि जिस जमीन पर गांव के सरयुग पंडित का मकान बना है. चापाकल करने की कार्रवाई चल रही थी. उक्त जमीन का पर्चा वर्ष 2003 में ही अंचलाधिकारी के द्वारा महादलित परिवारों को उपलब्ध कराया गया था. उन्होंने बताया कि अंचल अधिकारी के विभागीय प्रक्रिया के दौरान 18 महादलित परिवारों को दो-दो डिसमिल जमीन और गांव का बास गीत पर्चा के रूप में लाभुको को निर्गत किया गया था. लेकिन अब तक पूरी जमीन पर कब्जा नहीं दिलाया जा सका. उन्होंने कहा कि इस दिशा में पर्चा जारी किए जाने के दौरान सरयुग पंडित को सरकारी जमीन पर भवन निर्माण किए जाने के मामले में नोटिस भी जारी किया गया था. लेकिन इसके बाद भी उक्त जमीन पर चापाकल गाड़ने करने की कार्रवाई की जा रही थी. इसी का विरोध करने के दौरान विवाद गहरा गया और हिंसक रूप धारण कर लिया.
जमींदार के द्वारा जमीन देने का दावा
विवाद की जड़ में अगर सरयुग पंडित के दावे पर नजर डालें तो उक्त जमीन पर पंडित परिवार के कई सदस्य पिछले पांच दशकों से अपना भवन निर्माण कर निवास कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि उक्त जमीन को निमी पंचायत के पूर्व जमींदार नरेश सिंह के द्वारा परिवार को लिखित तौर पर उपलब्ध कराया गया था. इसके वाद वे पिछले कई दशकों से भवन निर्माण कर निवास कर रहे हैं. लेकिन प्रशासनिक स्तर पर पर्चा जारी करने के दावे के साथ महादलित परिवार पिछले लंबे समय से विवाद खड़े कर रहे हैं. इस विवाद को लेकर न्यायालय में भी मुकदमा चल रहा है. इसी बीच घटना को अंजाम दिया गया है.
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