शिवहर में आइसीटी केंद्र को नहीं मिली स्वीकृति

Updated at : 22 Aug 2016 2:03 AM (IST)
विज्ञापन
शिवहर में आइसीटी केंद्र को नहीं मिली स्वीकृति

शिवहर : वित्तीय वर्ष 1016-17 में बिहार में 127 आईसीटी केंद्र खोलने की स्वीकृति एनएचआरडी दिल्ली द्वारा दिया गया है. किंतु उसके शिवहर का नाम कहीं नहीं है. शिवहर से उच्च विद्यालय फतहपुर, उच्च विद्यालय अंबा कला व उच्च विद्यालय बसंतजगजीवन का प्रस्ताव शिक्षा विभाग द्वारा भेजा गया था. जिसमें एनएचआरडी द्वारा निर्धारित मापदंड का […]

विज्ञापन

शिवहर : वित्तीय वर्ष 1016-17 में बिहार में 127 आईसीटी केंद्र खोलने की स्वीकृति एनएचआरडी दिल्ली द्वारा दिया गया है. किंतु उसके शिवहर का नाम कहीं नहीं है. शिवहर से उच्च विद्यालय फतहपुर, उच्च विद्यालय अंबा कला व उच्च विद्यालय बसंतजगजीवन का प्रस्ताव शिक्षा विभाग द्वारा भेजा गया था. जिसमें एनएचआरडी द्वारा निर्धारित मापदंड का उल्लेख किया गया था. किंतु आईसीटी केंद्र हेतु इस वर्ष में एक भी विद्यालय को स्वीकृति नहीं मिली है. वही वितिय वर्ष 2015-16 में मात्र एक विद्यालय उत्क्रमित उच्च फुलकाहां को स्वीकृति दी गयी.

किंतु अभी यहां केंद्र संचालित नहीं हो सका है. विभागीय सूत्रों की मानें तो वितिय वर्ष 2012-13 से नबाव उच्च विद्यालय शिवहर, प्रोजेक्ट गर्ल्स हाई स्कुल शिवहर, प्रोजेक्ट गर्ल्स हाई स्कुल पिपराही व उच्च विद्यालय कुशहर में आईसीटी केंद्र संचालित है. जिसकी स्वीकृति 2007-8 में दी गयी थी. एआरपी सचिन कुमार बताते हैं कि राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत बिहार माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा केंद्र संचालन की प्रक्रिया शुरू की जाती है.

एक केंद्र स्थापित करने में करीब 6 लाख 60 हजार लागत का प्रावधान है. एक केंद्र पर 11 कंप्यूटर की व्यवस्था रहती है. जिसमें कम से कम 22 छात्र को कंप्यूटर शिक्षा दी जाती है. बुट मॉडल के तहत कंपु कप संस्था के द्वारा इसे संचालित किया जाना है. इधर ग्रामीणों की मानें तो उक्त सभी केंद्र महज कागजी खानापूर्ति तक सिमट कर रह गया है. नबाव उच्च विद्यालय में आईसीटी केंद्र करीब 6 माह से बंद है. प्राचार्य मो. मोख्तार आलम बताते हैं कि विद्यालय भवन में मरम्मती का कार्य चल रहा है. जिसके कारण से केंद्र बंद है. हलांकि कुशहर उच्च विद्यालय के प्राचार्य का कहना है

कि उक्त विद्यालय में केंद्र संचालन नियमित रूप से हो रहा है. बताते चले कि जिले में कंप्यूटर प्रशिक्षण के मामले में जिलेवासी का अनुभव बड़ा कड़वा रहा है. केंद्र संचालन किये बिना ही राशि उगाही करने का मामला सामने आता रहा है. करीब दो वर्ष पहले जिले के विभिन्न विद्यालयों में कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम व आवासीय सेतु पाठ्यक्रम अनियमितता व सरकारी राशि के गबन का मामला सामने आया था. मामले में दोषी चार एनजीओ के विरूद्ध नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. इसमें आधा दर्जन मध्य विद्यालय के प्राचार्य भी सवाल के घेरे में आ गये. बताया गया कि जिले में नवाचारी गतिविधि के तहत अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों को कंप्यूटर का प्रशिक्षण देना था. जिसके लिए 28 स्कुल निर्धारित किये गये. आश्रम फांडेशन नामक एनजीओ को 12 विद्यालय में 41 केंद्र संचालित करने,

राज्य महिला विकास संस्थान नामक एनजीओ को 16 विद्यालयों 34 केंद्र संचालित करने की जिम्मेवारी सौंपी गयी. इसी तरह अनुसूचित जाति के बच्चों को प्रशिक्षण देने के लिए 34 विद्यालय निर्धारित किये गये. चंद्रशेखर आजाद ग्रामीण विकास सेवा संस्थान नामक एनजीओ को 21 विद्यालयों में 30 केंद्र विद्या बिहार एनजीओ को 13 विद्यालयों में 20 केंद्र खोलने की हरी झंडी दी गयी. किंतु कुछ ही दिनों में इसमें अनियमितता व राशि गबन की बात सामने आने लगी. राज्य परियोजना निदेशक के आदेश पर जब मामले की जांच की गयी. तो जांच टीम अनियमितता देखकर भौंचक रह गयी.

प्रशिक्षण का खानापूर्ति कर लाखों रूपये विभागीय मिली भगत से निकासी का मामला सामने आया. जांच में पता चला कि कुछ केंद्रों पर कंप्यूटर नहीं रहने के बाद भी प्रशिक्षण की प्रक्रिया पूरी कर ली गयी.

तो कहीं कक्षा संचालित ही नहीं हुआ. मध्य विद्यालय खैरवा दर्प के तत्कालीन प्राचार्य ने कहा कि एनजीओ संचालक ने उनका फर्जी हस्ताक्षर बनाकर प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया था. हलांकि उक्त सभी मामले पुलिस के जांच में है. इधर लोगों में कंप्यूटर शिक्षा को लेकर संशय की स्थिति बनी रहती है. कि छात्र कंप्यूटर की शिक्षा ग्रहण भले ही नहीं करें. किंतु खानापूर्ति कर फिर से राशि उगाही तो नहीं की जा रही है. कारण कि उच्च विद्यालयों में भी प्रशिक्षण की बागडोर फिर से एनजीओं के हाथ में है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन