अब छात्रावास की ओर परिंदे भी नहीं जाते

Updated at : 22 Aug 2016 2:03 AM (IST)
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अब छात्रावास की ओर परिंदे भी नहीं जाते

शिक्षक की मौत के बाद से वीरान पड़ गया छात्रावास परिहार : प्रखंड के श्री जवाहर हाइ स्कूल के छात्रावास में कल तक शिक्षक व बच्चे रहा करते थे. शिक्षक की देख-रेख में बच्चे मन लगाकर पढ़ते थे. बच्चों का अनुशासन देखते बनता था. छात्रावास में बच्चों की चहलकदमी रहती थी. माना जा रहा था […]

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शिक्षक की मौत के बाद से वीरान पड़ गया छात्रावास

परिहार : प्रखंड के श्री जवाहर हाइ स्कूल के छात्रावास में कल तक शिक्षक व बच्चे रहा करते थे. शिक्षक की देख-रेख में बच्चे मन लगाकर पढ़ते थे. बच्चों का अनुशासन देखते बनता था. छात्रावास में बच्चों की चहलकदमी रहती थी. माना जा रहा था कि यह छात्रावास प्रखंड का अव्वल छात्रावास साबित होगा, लेकिन न जाने किसकी नजर लग गयी और यह छात्रावास अब विरान हो गया है. अब यहां इंसान तो क्या परिंदे भी नहीं आते. स्कूल में बच्चे पढ़ने आते है
जरूर, पर भूल कर भी छात्रावास की ओर नहीं जाते है. यह कहने में दो मत छात्रावास को भूतबंगला मानकर उस ओर शिक्षक व छात्र नहीं जाते है. दस जनवरी 2016 की वो मनहूस रात को लोग नहीं भूल पाये है. उसी रात में स्कूल के शिक्षक मनोज कुमार झा गले में कपड़ा फंदा डालकर आत्म हत्या कर लिये थे. मधुबनी जिला के रहिका प्रखंड के सपटा गांव के रहने वाले मनोज कुमार झा संस्कृत पढ़ाते थे.
उनकी मौत को लेकर तरह-तरह की कयास लगाये गये थे. यह भी कहा गया था कि बच्चों की पढ़ाई में अधिक पैसे खर्च होने से आर्थिक तंगी के चलते वे आत्म हत्या कर लिये थे. उस दौरान छात्रावास में शिक्षक के साथ-साथ दर्जन भर छात्र भी रहते थे. प्रधान शिक्षक राकेश कुमार ने बताया कि आठ माह से छात्रावास विरान पड़ा हुआ था. अब उसमें एक छात्र या शिक्षक नहीं रहते है.
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