नहीं हैं पुस्तकें, बच्चे कैसे करें पढ़ाई

Updated at : 30 May 2016 5:48 AM (IST)
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नहीं हैं पुस्तकें, बच्चे कैसे करें पढ़ाई

शिक्षाका हाल. बुनियादी प्राथमिक विद्यालय शिवहर में दो कक्षाएं एक साथ होती हैं संचालित विद्यालय में गाड़ा गया एक चापाकल करीब पांच वर्षों से हैै खराब शिवहर : राजकीय बुनियादी विद्यालय शिवहर में अब हुनर नहीं सिखाया जाता है. बल्कि अन्य विद्यालयों की तरह यहां भी प्राथमिक शिक्षा दी जाती है. यह विद्यालय केवल नाम […]

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शिक्षाका हाल. बुनियादी प्राथमिक विद्यालय शिवहर में दो कक्षाएं एक साथ होती हैं संचालित

विद्यालय में गाड़ा गया एक चापाकल करीब पांच वर्षों से हैै खराब
शिवहर : राजकीय बुनियादी विद्यालय शिवहर में अब हुनर नहीं सिखाया जाता है. बल्कि अन्य विद्यालयों की तरह यहां भी प्राथमिक शिक्षा दी जाती है. यह विद्यालय केवल नाम का बुनियादी विद्यालय रह गया है. कभी यहां हस्त करघा चलता था. छात्रों को हस्तकरघा के साथ खेतीबाड़ी करना व कुटीर उद्योग के साथ अन्य हुनर भी सिखाये जाते थे. ताकि बच्चों की बुनियाद मजबूत हो. वे जिंदगी के जंग को सरल व सहजता के साथ जीत सके.
किंतु समय के साथ यह विद्यालय भी अन्य सरकारी विद्यालयों की तरह महज शिक्षा की खानापूर्ति तक सिमट कर रह गया है. प्रभात खबर की टीम जब शनिवार को विद्यालय में पहुंची. तो पता चला कि इस विद्यालय में अध्ययनरत कक्षा 2,3,4,5,व 8 के छात्रों के पास पाठ्य पुस्तक तक नहीं हैं. बताया गया कि सरकार द्वारा बिहार टेक्स्ट बुक पब्लिशिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड की पाठ्य पुस्तकें नि:शुल्क मुहैया करायी जाती है.
किंतु उक्त कक्षाओं के बच्चों को अभी तक पुस्तक मुहैया नहीं कराया गया है. जबकि अप्रैल माह में पुस्तक मुहैया कराया जाना चाहिए था. इससे उक्त सभी कक्षा के छात्रों के शिक्षा पद प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. जो पूरी शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलती नजर आ रही है. टीम के पड़ताल में पता चला कि प्राचार्य कक्ष में दो कुर्सी लगी है
. एक कुर्सी पर प्रभारी प्राचार्य रेणु कुमारी असीन थी. जबकि दूसरी कुर्सी खाली थी. पूछने पर बताया गया कि इस विद्यालय में अवर सेवा संवर्ग से चयनित शिक्षक ही प्राचार्य होंगे. फिलहाल कोई पदस्थापित नहीं है. इसलिए उनकी कुर्सी पर प्रभारी प्राचार्य नहीं बैठती हैं. इस विद्यालय में एक से वर्ग आठ तक की कक्षा संचालित होती है. जिसके लिए 9 शिक्षक पदस्थापित किये गये हैं. किंतु कर्तव्य पर 6 शिक्षक ही उपस्थित पाये गये. पूछने पर प्रभारी प्राचार्य ने बताया कि शिक्षक राखी सिंह, डायट शिवहर, लालबाबू सिंह डायट मुजफ्फरपुर, अमित कुमार डायट पटना में शिक्षक प्रशिक्षण ले रहे हैं.
जिसके कारण उनकी उपस्थिति विद्यालय में नहीं है. शिक्षक के अभाव में दो कक्षा को एक साथ संचालित किया जा रहा था. इधर अधिकतर बच्चे पोषाक में नहीं पाये गये. बताया गया कि विद्यालय कैंपस एक एकड़ से अधिक जमीन में है. जिसमें टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज भी खपऱैल भवन में संचालित था.
फिलहाल ट्रेनिंग कॉलेज नबाव उच्च विद्यालय परिसर के अंदर संचालित है. किंतु कुछ समान बुनियादी विद्यालय के खपरैल मकान में रखकर रूम को भर कर रखा गया है. जिसका समान असमाजिक तत्वों द्वारा चोरी कर लिये जाने की बात कही जा रही है. विद्यालय में गाड़ा गया एक चापाकल करीब पांच वर्षो से खराब पड़ा है.
कहती हैं प्राचार्य
प्राचार्य ने बताया कि इस ओर पीएचइडी विभाग का ध्यान आकृष्ट कराया गया. किंतु इस संबंध में विभाग की नींद नहीं खुल रही है. जबकि एक चापाकल चालू हालत में है. जिससे जैसे तैसे पेयजल की समस्या का समाधान किया जा रहा है. मध्याह्न भोजन के सवाल पर बताया कि एनजीओ द्वारा परोसा जाता है.
हालांकि उसके गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े किये गये. विद्यालय में दो शौचालय जिसका निर्माण करीब 16 वर्ष पहले किया गया था. वह चालू हालत में है. जबकि दो ध्वस्त हो चुका है. विद्यालय प्रांगण में हल्की वर्षा में जलजमाव हो जाता है. जिसको पार कर विद्यालय आने जाने में बच्चों को कठिनाई होती है.
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