राजनीतिक साजिश का शिकार हुआ मेरा भाई: सुषमा
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 06 May 2016 5:47 AM
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शिवहर : पुरनहिया रामजानकी मठ के महंथ बृज नारायण दास के हत्या मामले में मेरे भाई अदौरी पंचायत से मुखिया प्रत्याशी समीर को राजनीतिक विरोधियों ने साजिश के तहत फंसाया है. मेरा भाई निर्दोष है. पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. उक्त बातें स्थानीय शिवा गैस एजेंसी की संचालिका सुषमा सौरभ ने नगर में […]
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शिवहर : पुरनहिया रामजानकी मठ के महंथ बृज नारायण दास के हत्या मामले में मेरे भाई अदौरी पंचायत से मुखिया प्रत्याशी समीर को राजनीतिक विरोधियों ने साजिश के तहत फंसाया है. मेरा भाई निर्दोष है. पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. उक्त बातें स्थानीय शिवा गैस एजेंसी की संचालिका सुषमा सौरभ ने नगर में अपने आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में कही.
उन्होंने हत्या मामले में समीर को आरोपित किये जाने पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि हत्या के समय महंथ के परिजन व मौके पर मौजूद लोग हत्या अज्ञात तीन व्यक्तियों द्वारा किये जाने की बात कर रहे थे. जिसको वे नहीं पहचानते सके. फिर अचानक समीर को कैसे आरोपित कर दिया.
हत्या के बाद महंथ के शिष्य व वर्तमान महंथ प्रभुशरण दास के द्वारा दिये गये बयान की वीडियो क्लीप को देखाते हुए सुषमा ने कहा कि सीतामढ़ी अस्पताल में प्रभूशरण दास ने अज्ञात द्वारा हत्या की बात कही. फिर अचानक बयान कैसे बदल गया. कहा कि सीतामढ़ी अस्पताल में दिये गये फर्द बयान को कैसे बदला गया. इसकी जांच की जानी चाहिए.
कहा हत्या 21 अप्रैल को हुई थी किंतु पुलिस ने न्यायालय में 25 अप्रैल को एफआइआर प्रस्तुत किया. जबकि पुरनहिया से शिवहर की दूरी मात्र 17 किलोमीटर है. वही 17 किलोमीटर की दूरी पुलिस ने चार दिनों में पूरी की. जबकि पैदल भी दो घंटे के अंदर न्यायालय तक पहुंचा जा सकता है. इस मामले में पुलिस की कार्यशैली सवाल के घेरे में है.
न्यायालय ने थानाध्यक्ष से किया है जवाब तलब: सुषमा ने कहा कि चार दिनों के बाद न्यायालय में एफआइआर सुपुर्द करने को लेकर अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी शिवहर ने थानाध्यक्ष को सदेह उपस्थित होकर जवाब देने को कहा है. न्यायालय ने महंथ हत्या कांड संख्या-24/16 के संदर्भ में पूछा है कि जब 21 अप्रैल को एफआइआर दर्ज की गयी. तो किन परिस्थिति में 25 अप्रैल को एफआइआर की कॉपी न्यायालय को उपलब्ध कराया गया.
इस मामले में थानाध्यक्ष की कार्यशैली सवाल के घेरे में आ गयी है.
परिवार के लोगों के पास मौजूद है हत्या का कारण: सुषमा ने कहा कि हत्या के लिए कारण का होना जरूरी है. किंतु समीर के पास न कोई राजनीतिक कारण था. न कोई व्यक्तिगत कारण है. कारण सिर्फ उनके परिवार के लोगों के पास है. जो संपत्ति विवाद में आपस में लड़ते झगड़ते रहे हैं.
हत्या के अनुसंधान में लगी पुलिस को भटकाने के लिए समीर को अारोपित किया गया है. समीर अदौरी पंचायत से मुखिया प्रत्याशी है. जबकि महंथ बसंतपट्टी पंचायत के अंतर्गत आते है. ऐसे में उनसे कोई राजनीतिक प्रतिद्वंदिता भी नहीं थी.
कहा कि महंथ पर चार वार हमला हो चुका था. उनके विरोधियों की संख्या सुमार है. जबकि मेरा भाई नेक इनसान है. उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं रहा है.
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