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Saran News : छपरा मेडिकल कॉलेज में शुरू हुई सबडर्मल इंप्लांट सुविधा

Updated at : 19 Jul 2025 5:22 PM (IST)
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Saran News : छपरा मेडिकल कॉलेज में शुरू हुई सबडर्मल इंप्लांट सुविधा

Saran News : जिले की महिलाओं के लिए गर्भनिरोधक के क्षेत्र में एक नयी और अत्याधुनिक सुविधा की शुरुआत हो गयी है.

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पहली बार दो महिलाओं को लगाया गया इंप्लांटफोटो नंबर 19 सीएचपी 9 है, कैप्शन होगा- इम्प्लांट कराती महिला

प्रतिनिधि, डोरीगंज/छपरा. जिले की महिलाओं के लिए गर्भनिरोधक के क्षेत्र में एक नयी और अत्याधुनिक सुविधा की शुरुआत हो गयी है. स्वास्थ्य विभाग की पहल पर छपरा मेडिकल कॉलेज में अब सबडर्मल गर्भनिरोधक इंप्लांट की सुविधा उपलब्ध करायी गयी है. इस आधुनिक तकनीक का शुभारंभ कॉलेज की विशेषज्ञ चिकित्सिका डॉ सुमन और डिप्टी सुपरिटेंडेंट डॉ निर्मला के तकनीकी निर्देशन में किया गया. शनिवार को पहले चरण में डोरीगंज प्रखंड के दफ्तरपुर गांव की रूपाली देवी और माला गांव की निर्मला देवी को यह इंप्लांट लगाया गया. दोनों महिलाओं ने इसे पूरी तरह सुरक्षित, सरल और लाभकारी अनुभव बताया.

क्या है सबडर्मल इंप्लांट

इस तकनीक के बारे में जानकारी देते हुए डॉ सुमन ने बताया कि सबडर्मल इंप्लांट एक पतली छड़ी के आकार की डिवाइस होती है, जिसे महिला की ऊपरी बांह की त्वचा के नीचे लगाया जाता है. यह प्रक्रिया पूरी तरह गैर-सर्जिकल होती है और कुछ ही मिनटों में पूरी हो जाती है. इसकी प्रभावशीलता तीन वर्षों तक रहती है और इस अवधि में गर्भधारण की संभावना लगभग शून्य हो जाती है. महिलाएं अपनी सामान्य दिनचर्या में बिना किसी बाधा के जीवन जी सकती हैं। आवश्यकता पड़ने पर यह डिवाइस चिकित्सकीय परामर्श से आसानी से हटायी भी जा सकती है.

गांव की महिलाओं के लिए वरदान

मेडिकल कॉलेज की डिप्टी सुपरिटेंडेंट डॉ निर्मला ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को बार-बार गर्भधारण, कम अंतराल में प्रसव और कुपोषण जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. इससे उनकी सेहत पर गहरा प्रभाव पड़ता है. उन्होंने कहा, सबडर्मल इंप्लांट इन समस्याओं का वैज्ञानिक और व्यावहारिक समाधान है. इससे महिलाओं को गर्भधारण से सुरक्षित अंतर मिलेगा, उन्हें पोषण सुधार का अवसर मिलेगा और मातृ तथा शिशु मृत्यु दर में भी उल्लेखनीय गिरावट आ सकती है.

अब तक सीमित थी सुविधा, अब सारण में भी उपलब्ध

इससे पहले तक यह सुविधा राज्य के कुछ चुनिंदा सरकारी मेडिकल संस्थानों में ही उपलब्ध थी, लेकिन अब छपरा मेडिकल कॉलेज में यह तकनीक शुरू होने से सारण जिले की हजारों महिलाओं को इसका लाभ मिल सकेगा. स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि यह पहल दीर्घकालिक परिवार नियोजन को बढ़ावा देने के साथ-साथ महिला स्वास्थ्य को सशक्त बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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