पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण की वोटिंग से पहले हिंसा, जादवपुर से नदिया तक माहौल तनावपूर्ण

बंगाल चुनाव
West Bengal Assembly Elections: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की वोटिंग के दौरान कई इलाकों से हिंसा, मारपीट और मतदान में बाधा डालने के आरोप सामने आ रहे हैं. कोलकाता से लेकर दक्षिण 24 परगना और नदिया तक छिटपुट घटनाओं ने चुनावी माहौल को प्रभावित करने की कोशिश की, जिससे प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है.
मुख्य बातें
West Bengal Assembly Elections: कोलकाता. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों से हिंसा, मारपीट और मतदान में बाधा डालने के आरोप सामने आये हैं. कोलकाता, दक्षिण 24 परगना और नदिया जिलों में अलग-अलग घटनाओं ने चुनावी माहौल को तनावपूर्ण बना दिया है.
जादवपुर में छात्र से मारपीट
कोलकाता के जादवपुर इलाके से एक गंभीर आरोप सामने आया, जहां जादवपुर विश्वविद्यालय के एक छात्र को उसके घर के भीतर कथित तौर पर पीटे जाने की खबर है. इस घटना को छात्र के पिता के राजनीतिक संबंधों से जोड़कर देखा जा रहा है. प्रशासन ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन इस घटना ने राजनीतिक हस्तक्षेप और पुलिस की भूमिका पर बहस छेड़ दी है. जादवपुर विधानसभा क्षेत्र के कुछ इलाकों में मतदाताओं को मतदान करने से रोकने और एक कार्यकर्ता के वाहन में तोड़फोड़ की भी शिकायत सामने आयी है. कांग्रेस उम्मीदवार आशुतोष चटर्जी ने भी बूथ एजेंट को बैठने नहीं देने के आरोप को लेकर चुनाव आयोग को पत्र लिखकर शिकायत की है.
भांगड़ और चापड़ा में बूथों पर तनाव
दक्षिण 24 परगना के भांगड़ विधानसभा क्षेत्र के चालताबेड़िया इलाके में बूथ संख्या 148 पर रात के समय हिंसा की खबर है. बताया जा रहा है कि कुछ कार्यकर्ताओं पर हमला हुआ, जिसमें कई लोग घायल हो गए. नदिया जिले के चापड़ा में मतदान केंद्रों पर एजेंटों को रोकने और उनके साथ मारपीट के आरोप लगे हैं. एजेंट के सिर में गंभीर चोट आने की बात सामने आई है, जिससे हालात और गंभीर हो गए. घायल की पहचान मोशर्रफ हुसैन के रूप में की गयी है.
बूथों पर पार्टी के एजेंटों का विरोध
चापड़ा के ही बूथ संख्या 53 पर भी एजेंट को रोकने और हमले का आरोप लगाया गया है. आरोप है कि उन्हें मतदान केंद्र तक पहुंचने नहीं दिया गया और गंभीर रूप से घायल कर दिया गया. चापड़ा के ही एक अन्य बूथ पर भी एजेंट को प्रवेश से रोकने और हमला करने की शिकायत मिली है. इसके अलावा शांतिपुर में एक दल के शिविर में तोड़फोड़ की घटना ने तनाव को और बढ़ा दिया. कैनिंग पूर्व में भी एजेंटों को बैठने नहीं देने और धमकाने के आरोप सामने आए, जिसके बाद उम्मीदवार आराबुल इस्लाम खुद विभिन्न बूथों का दौरा करते नजर आये.
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इंटाली में राजनीतिक टकराव
कोलकाता के इंटाली इलाके में भी माहौल गरम रहा, जहां एक राजनीतिक दल की नेता प्रियंका टिबरेवाल की मतदान अधिकारियों से तीखी बहस हुई. इस घटना ने चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और प्रशासनिक निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए हैं. नदिया के शांतिपुर में बूथ संख्या 216 और 217 पर एक दल के शिविर में तोड़फोड़ की घटना भी सामने आयी है. इन घटनाओं के बाद प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं. संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं और सभी शिकायतों की जांच की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि जहां भी गड़बड़ी पाई जाएगी, वहां कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
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By Ashish Jha
डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.
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