बिहार के नक्सल प्रभावित गांव से निकल कर अमेरिका तक का सफ़र, सारण के होनहार युवा ने यूपेन में हासिल की ऐतिहासिक सफलता

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नीरज कुमार की फाइल फोटो

Saran News: बिहार के सारण जिलांतर्गत पानापुर प्रखंड स्थित एक छोटे से गांव पकड़ी नारोतम, जो कभी नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में जाना जाता था. लेकिन आज उसी गांव के लाल नीरज कुमार सिंह ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सफलता का परचम लहराकर पूरे बिहार का मान और सम्मान बढ़ाया है.

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Saran News: (आदर्श गुप्ता) बिहार के सारण जिलांतर्गत पानापुर प्रखंड स्थित एक छोटे से गांव पकड़ी नारोतम, जो कभी नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में जाना जाता था. लेकिन आज उसी गांव के लाल नीरज कुमार सिंह ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सफलता का परचम लहराकर पूरे बिहार का मान और सम्मान बढ़ाया है.

ग्रामीण परिवेश और सीमित संसाधनों के बीच संघर्ष करते हुए नीरज ने अमेरिका के प्रतिष्ठित पेन्सिलवेनिया विश्वविद्यालय के 270वें दीक्षांत समारोह में पेन्सिलवेनिया विश्वविद्यालय ग्रेजुएट स्कूल ऑफ एजुकेशन (पेन जीएसई) से स्नातक की उपाधि प्राप्त की है. सारण जिले के उत्तराखंड कहे जाने वाले पानापुर के दियारा क्षेत्र निवासी प्रमोद सिंह और गीता देवी के पुत्र निरज कुमार सिंह ने अपने गांव के प्रथम पीढ़ी के शिक्षार्थियों में शामिल हैं.

इंटरनेशनल एजुकेशनल डेवलपमेंट विषय में मास्टर ऑफ साइंस की डिग्री हासिल की

उन्होंने इंटरनेशनल एजुकेशनल डेवलपमेंट विषय में मास्टर ऑफ साइंस की डिग्री हासिल की है. यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे सारण और बिहार के लिए गर्व का विषय बन गई है. ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले नीरज ने आर्थिक एवं सामाजिक चुनौतियों के बावजूद अपनी शिक्षा को कभी नहीं छोड़ा.

उन्होंने सारण जिले में प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद लोक नायक जय प्रकाश नारायण के नाम पर स्थापित जय प्रकाश विश्वविद्यालय के अंतर्गत जगदम कॉलेज से विज्ञान स्नातक की पढ़ाई पूरी की हैं. इसके बाद उन्होंने राजीव गांधी राष्ट्रीय युवा विकास संस्थान से सोशल वर्क में स्नातकोत्तर अध्ययन किया हैं. साथ ही टाटा सामाजिक विज्ञान संस्थान तथा राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और तंत्रिका विज्ञान संस्थान से भी पेशेवर प्रशिक्षण प्राप्त किया है.

150 से अधिक सरकारी एवं गैर- सरकारी संस्थाओं के साथ काम किया

अपने शैक्षणिक और सामाजिक कार्यों के दौरान नीरज ने 150 से अधिक सरकारी एवं गैर- सरकारी संस्थाओं के साथ काम किया हैं. इनमें यूनिसेफ, संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम, संयुक्त राज्य अमेरिका अंतर्राष्ट्रीय विकास एजेंसी और वर्ल्ड विजन इंटरनेशनल जैसी वैश्विक संस्थाएं शामिल हैं.

यूपेन में अध्ययन के दौरान उन्होंने एडमिशन अम्बेसडर के रूप में विभिन्न देशों के विद्यार्थियों का मार्गदर्शन भी किया हैं, इसके अलावा उन्होंने हॉवर्ड विश्वविद्यालय, कोलंबिया विश्वविद्यालय तथा संयुक्त राष्ट्र से जुड़े कई अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों और सम्मेलनों में भाग लिया है.

दीक्षांत समारोह के बाद नीरज कुमार सिंह ने कहा यह उपलब्धि केवल मेरी नहीं

दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए पेन जीएसई की डीन कैथरीन ओ. स्ट्रंक ने छात्रों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं, वहीं कार्यक्रम का मुख्य संबोधन डेनिस फोर्टे ने दिया है.

दीक्षांत समारोह के बाद नीरज कुमार सिंह ने कहा कि यह उपलब्धि केवल उनकी नहीं, बल्कि उन सभी लोगों की है जिन्होंने संघर्ष के हर दौर में उनका साथ दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को यह विश्वास रखना चाहिए कि मेहनत, समर्पण और शिक्षा के बल पर दुनिया के किसी भी मंच तक पहुंचा जा सकता है.

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विवेक सिंह

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By विवेक सिंह

विवेक सिंह की डिजिटल मीडिया और जनसरोकारों से जुड़े विषयों में विशेष रुचि रही है. वे बिहार के मिथिला क्षेत्र के निवासी हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्षों से सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं.

उन्होंने मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई की है. शिक्षा के दौरान उन्होंने रिपोर्टिंग, समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, जनसंचार, फोटो जर्नलिज्म, मोबाइल जर्नलिज्म (MOJO) और मीडिया रिसर्च की गहन समझ विकसित की है. अध्ययन के दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की, जहां उन्हें न्यूजरूम की कार्यप्रणाली, टीवी समाचार निर्माण, स्क्रिप्ट लेखन, विजुअल चयन, फील्ड रिपोर्टिग और प्रसारण प्रक्रिया को नजदीक से समझने का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ.

पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्होंने मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से ग्राउंड रिपोर्टिंग, जनमत संग्रह (Public Opinion), सामाजिक मुद्दों की कवरेज और स्थानीय समाचारों के संकलन का व्यापक अनुभव प्राप्त किया. उन्होंने विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और जनहित से जुड़े विषयों पर जमीनी स्तर से रिपोर्टिंग करते हुए आम लोगों की आवाज को प्रमुखता से सामने लाने का कार्य किया है.

इसके साथ ही वे NGO से जुड़कर सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं. स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, युवा सशक्तिकरण, धार्मिक और जनकल्याण से जुड़े अभियानों में उनकी विशेष भागीदारी रही है. समाज के विभिन्न वर्गों के बीच जागरूकता फैलाने और सकारात्मक बदलाव लाने के प्रयासों में वे निरंतर योगदान देते रहे हैं.

वर्तमान में विवेक सिंह राजनीति, प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, खेल, अपराध, रियल-टाइम समाचारों, सामाजिक सरोकारों और समसामयिक विषयों से जुड़ी खबरों पर लेखन करते हैं. डिजिटल पत्रकारिता के साथ-साथ उन्हें SEO (Search Engine Optimization), कंटेंट प्लानिंग और ट्रेंड-आधारित समाचार लेखन की अच्छी समझ है. ब्रेकिंग न्यूज की पहचान, त्वरित कवरेज और कम समय में तथ्यपरक समाचार तैयार करना उनकी प्रमुख कार्यक्षमताओं में शामिल है.

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