बिहार के नक्सल प्रभावित गांव से निकल कर अमेरिका तक का सफ़र, सारण के होनहार युवा ने यूपेन में हासिल की ऐतिहासिक सफलता
Published by : Vivek Singh Updated At : 18 May 2026 2:03 PM
नीरज कुमार की फाइल फोटो
Saran News: बिहार के सारण जिलांतर्गत पानापुर प्रखंड स्थित एक छोटे से गांव पकड़ी नारोतम, जो कभी नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में जाना जाता था. लेकिन आज उसी गांव के लाल नीरज कुमार सिंह ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सफलता का परचम लहराकर पूरे बिहार का मान और सम्मान बढ़ाया है.
Saran News: (आदर्श गुप्ता) बिहार के सारण जिलांतर्गत पानापुर प्रखंड स्थित एक छोटे से गांव पकड़ी नारोतम, जो कभी नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में जाना जाता था. लेकिन आज उसी गांव के लाल नीरज कुमार सिंह ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सफलता का परचम लहराकर पूरे बिहार का मान और सम्मान बढ़ाया है.
ग्रामीण परिवेश और सीमित संसाधनों के बीच संघर्ष करते हुए नीरज ने अमेरिका के प्रतिष्ठित पेन्सिलवेनिया विश्वविद्यालय के 270वें दीक्षांत समारोह में पेन्सिलवेनिया विश्वविद्यालय ग्रेजुएट स्कूल ऑफ एजुकेशन (पेन जीएसई) से स्नातक की उपाधि प्राप्त की है. सारण जिले के उत्तराखंड कहे जाने वाले पानापुर के दियारा क्षेत्र निवासी प्रमोद सिंह और गीता देवी के पुत्र निरज कुमार सिंह ने अपने गांव के प्रथम पीढ़ी के शिक्षार्थियों में शामिल हैं.
इंटरनेशनल एजुकेशनल डेवलपमेंट विषय में मास्टर ऑफ साइंस की डिग्री हासिल की
उन्होंने इंटरनेशनल एजुकेशनल डेवलपमेंट विषय में मास्टर ऑफ साइंस की डिग्री हासिल की है. यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे सारण और बिहार के लिए गर्व का विषय बन गई है. ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले नीरज ने आर्थिक एवं सामाजिक चुनौतियों के बावजूद अपनी शिक्षा को कभी नहीं छोड़ा.
उन्होंने सारण जिले में प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद लोक नायक जय प्रकाश नारायण के नाम पर स्थापित जय प्रकाश विश्वविद्यालय के अंतर्गत जगदम कॉलेज से विज्ञान स्नातक की पढ़ाई पूरी की हैं. इसके बाद उन्होंने राजीव गांधी राष्ट्रीय युवा विकास संस्थान से सोशल वर्क में स्नातकोत्तर अध्ययन किया हैं. साथ ही टाटा सामाजिक विज्ञान संस्थान तथा राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और तंत्रिका विज्ञान संस्थान से भी पेशेवर प्रशिक्षण प्राप्त किया है.
150 से अधिक सरकारी एवं गैर- सरकारी संस्थाओं के साथ काम किया
अपने शैक्षणिक और सामाजिक कार्यों के दौरान नीरज ने 150 से अधिक सरकारी एवं गैर- सरकारी संस्थाओं के साथ काम किया हैं. इनमें यूनिसेफ, संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम, संयुक्त राज्य अमेरिका अंतर्राष्ट्रीय विकास एजेंसी और वर्ल्ड विजन इंटरनेशनल जैसी वैश्विक संस्थाएं शामिल हैं.
यूपेन में अध्ययन के दौरान उन्होंने एडमिशन अम्बेसडर के रूप में विभिन्न देशों के विद्यार्थियों का मार्गदर्शन भी किया हैं, इसके अलावा उन्होंने हॉवर्ड विश्वविद्यालय, कोलंबिया विश्वविद्यालय तथा संयुक्त राष्ट्र से जुड़े कई अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों और सम्मेलनों में भाग लिया है.
दीक्षांत समारोह के बाद नीरज कुमार सिंह ने कहा यह उपलब्धि केवल मेरी नहीं
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए पेन जीएसई की डीन कैथरीन ओ. स्ट्रंक ने छात्रों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं, वहीं कार्यक्रम का मुख्य संबोधन डेनिस फोर्टे ने दिया है.
दीक्षांत समारोह के बाद नीरज कुमार सिंह ने कहा कि यह उपलब्धि केवल उनकी नहीं, बल्कि उन सभी लोगों की है जिन्होंने संघर्ष के हर दौर में उनका साथ दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को यह विश्वास रखना चाहिए कि मेहनत, समर्पण और शिक्षा के बल पर दुनिया के किसी भी मंच तक पहुंचा जा सकता है.
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By Vivek Singh
विवेक सिंह माता सीता की धरती और मिथिला का द्वार कहे जाने वाले समस्तीपुर जिले से आते हैं. वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. इससे पहले #The_Newsdharma के साथ डिजिटल मीडिया, ग्राउंड रिपोर्टिंग , और न्यूज़ लेखन के क्षेत्र में कार्य करने का अनुभव रहा है. सामाजिक, राजनीतिक, शिक्षा, युवा, महिला सुरक्षा और जनता से जुड़े मुद्दों पर विशेष रुचि रखते हैं. सरल, तथ्यात्मक और प्रभावी लेखन शैली के माध्यम से पाठकों तक महत्वपूर्ण खबरें और मुद्दे पहुंचाने का निरंतर प्रयास करते हैं. NGO अमर शहीद बिपिन सिंह फाउंडेशन के साथ जुड़कर सामाजिक, स्वास्थ्य, पर्यावरण ,रोजगार और महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर भी कार्य करने का अनुभव हैं.
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