Chhapra News : धान खरीद की रफ्तार धीमी, अब तक 35594 मीट्रिक टन हुआ क्रय

Updated at : 02 Jan 2025 9:56 PM (IST)
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Chhapra News : धान खरीद की रफ्तार धीमी, अब तक 35594 मीट्रिक टन हुआ क्रय

Chhapra News : सारण में धान की खरीदारी में जितनी तेजी आनी चाहिए उतनी तेजी खरीदारी शुरू होने के 62वें दिन भी नहीं आ पायी है. 62 में दिन तक कुल खरीदारी 35594 मीट्रिक टन तक हुई है

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छपरा. सारण में धान की खरीदारी में जितनी तेजी आनी चाहिए उतनी तेजी खरीदारी शुरू होने के 62वें दिन भी नहीं आ पायी है. 62 में दिन तक कुल खरीदारी 35594 मीट्रिक टन तक हुई है. दो जनवरी के दिन कुल 68 किसानों से धान की खरीदारी हुई. अब तक 4593 किसान से धान लिया गया है. जबकि लक्ष्य 1.13 लाख मैट्रिक टन का है. धान की खरीदारी में राज्य में टॉप पांच में भी नहीं आ पाया है. धान की खरीदारी की गति तो धीमी है. इसका सबसे बड़ा कारण है सारण का धान का बाहर जाना और बिचौलियों का शामिल होना.

स्थिति यही रही तो लक्ष्य प्राप्त करना मुश्किल

यदि यही स्थिति रही तो धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य प्राप्त करना मुश्किल होगा. धान अधिप्राप्ति की प्रक्रिया एक नवंबर से शुरू हो चुकी है. लेकिन सारण में धान की खरीद की प्रक्रिया काफी धीमी है. इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 62 दिनों में अभी तक महज 35594 मैट्रिक टन धान की खरीद हुई है. धान की खरीदारी 262 समितियां के माध्यम से 4593 किसानों से हुई है. धान की खरीद की प्रक्रिया 15 फरवरी 2025 तक किसानों से निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जानी है. 15 जून 2025 तक सीएमआर जमा करने की अवधि निर्धारित है.

555 मेट्रिक टन चावल बदले में मिले

जितनी धान की खरीदारी हुई है उसके बदले में 555 मेट्रिक टन चावल प्राप्त हुआ है. अभी प्रक्रिया चल रहा है लेकिन इसकी गति भी काफी धीमी है.इस वर्ष सामान्य धान के लिए 2300 प्रति क्विंटल तथा ग्रेड ””””ए”””” धान के लिए 2320 प्रति क्विंटल का लक्ष्य निर्धारित है. प्रति रैयत किसान से अधिकतम 250 क्विंटल व प्रति गैर रैयत किसान से अधिकतम 100 क्विंटल धान क्रय किया जा सकता है. किसानों की पहली पसंद सरकारी दर पर धान बेचना है क्योंकि बाजार में उन्हें 1700 से 1900 के बीच रेट मिल रहे हैं जबकि सरकार की ओर से 2300 का रेट मिल रहा है. लेकिन परेशानी यह है कि किसानों को सही समय पर पैसा नहीं मिलता जिस वजह से वह व्यवसाईयों के हाथों धान बेच दे रहे हैं. सारण का धान दूसरे राज्यों और जिलों में जा रहा है इसमें बिचौलिए भूमिका निभा रहे हैं. जिससे लक्ष्य प्राप्ति में बाधा पहुंच रही है. इस वर्ष अभी तक सारण जिला के 247 पैक्स या नगर पैक्स तथा 11 व्यापार मंडल धान अधिप्राप्ति हेतु चयनित किये गए हैं.धान अधिप्राप्ति के तहत सीएमआर के लिये 32 राइस मिलों का निबंधन किया गया है.

क्या कहते हैं जिला सहकारिता पदाधिकारी

पहले से काफी स्थिति सुधरी है और धान अधिप्राप्ति में तेजी आयी है. जल्द अपना सारण टॉप 10 या फाइव में नजर आयेगा.

सुधीर कुमार सिंह,जिला सहकारिता पदाधिकारी

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