महिला व एससीएसटी थानों को भी होगा अपना भवन

Published at :08 Jun 2015 7:38 AM (IST)
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महिला व एससीएसटी थानों को भी होगा अपना भवन

एसपी ने बनायी कार्य योजना, सरकार को भेजा प्रस्ताव छपरा (सारण) : महिला थाने तथा एससी-एसटी थाने का भी अपना भवन होगा और उसकी अपनी अलग पहचान बनेगी. दोनों थानों को आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई प्रारंभ कर दी गयी है. शहर के कई स्थानों पर खाली पड़ी पुलिस चौकी की […]

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एसपी ने बनायी कार्य योजना, सरकार को भेजा प्रस्ताव
छपरा (सारण) : महिला थाने तथा एससी-एसटी थाने का भी अपना भवन होगा और उसकी अपनी अलग पहचान बनेगी. दोनों थानों को आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई प्रारंभ कर दी गयी है. शहर के कई स्थानों पर खाली पड़ी पुलिस चौकी की भूमि तथा भवन में इन थानों को शिफ्ट किया जायेगा. इसकी कार्य योजना बना कर सरकार को भेजी जा चुकी है. सरकार से स्वीकृति मिलने के पश्चात दोनों थानों नये स्थानों पर शिफ्ट किया जायेगा.
क्या है स्थिति महिला थाना : जिला मुख्यालय में स्थित एक मात्र महिला थाने का अपना भवन, भूमि नहीं है. वर्तमान में महिला थाने का संचालन नगर थाने के गार्ड रूम में किया जा रहा है. एकमात्र कमरा है, उसी को अलमारी व रैक से घेर कर दो भाग में बांटा गया है.
एक तरफ थानाध्यक्ष बैठती हैं और दूसरी तरफ अन्य पदाधिकारी बैठते हैं. कमरे का आकार इतना छोटा है कि उसमें एक साथ चार कुरसियां भी नहीं लगायी जा सकती हैं. महिला थाने में शौचालय तथा पेयजल, टेलीफोन आदि की भी सुविधा नहीं है. यहां पदस्थापित महिला पुलिस पदाधिकारियों, महिला पुलिसकर्मियों को शौचालय के अभाव में सबसे अधिक परेशानी होती है. थाने का अपना लैंडलाइन नंबर नहीं है और थानाध्यक्ष को भी सरकारी मोबाइल की सुविधा नहीं है. स्थिति यह है कि थाने में सरकारी अभिलेख रखने की भी सुविधा नहीं है.
भगवान बाजार थाने में चलता है एससी-एसटी थाना:जिले का एक मात्र अनुसूचित जाति/ जन जाति थाने को भी अपना भवन व भूमि नहीं है. उसका संचालन भगवान बाजार थाने में किया जा रहा है.
इस वजह से इस थाने की अपनी अलग पहचान नहीं है. शिकायत दर्ज कराने थाना पहुंचनेवालों के समक्ष अजीब स्थिति उत्पन्न हो जाती है, अनुसूचित जाति-जन जाति के थानाध्यक्ष के बदले भगवान बाजार थानाध्यक्ष के पास पहुंच जाते हैं. यही बात भगवान बाजार थाने में शिकायत करने आनेवाले के साथ होती है, वह एससी-एसटी थाने के पदाधिकारियों के पास पहुंच जाते हैं. इसके थानाध्यक्ष को भी सरकारी मोबाइल नंबर नहीं मिला है. यहां लैंड लाइन की भी सुविधा नहीं है.
क्या कहते हैं एसपी
महिला और एससी-एसटी थानों को भी भूमि-भवन की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी. इसके लिए कार्य योजना बनायी गयी है और सरकार को भेजा गया है. स्वीकृति मिलने पर कार्यान्वित किया जायेगा.
सत्यवीर सिंह, पुलिस अधीक्षक, सारण
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