रंगदारी से विकास पर पड़ रहा प्रतिकूल असर

Published at :01 Jun 2015 7:01 AM (IST)
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रंगदारी से विकास पर पड़ रहा प्रतिकूल असर

छपरा (सदर) : आये दिन जिले में निर्माण एवं नागरिक सुविधाओं को उपलब्ध कराने के लिए अन्य कारोबार में लगे पेशावालों के साथ कथित तौर पर रंगदारी का प्रतिकूल असर जिले के विकास कार्य पर पड़ रहा है. एक ओर इन कार्यो में लगे पेशावाले लोग भय के बीच अपना कारोबार को करने को विवश […]

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छपरा (सदर) : आये दिन जिले में निर्माण एवं नागरिक सुविधाओं को उपलब्ध कराने के लिए अन्य कारोबार में लगे पेशावालों के साथ कथित तौर पर रंगदारी का प्रतिकूल असर जिले के विकास कार्य पर पड़ रहा है.
एक ओर इन कार्यो में लगे पेशावाले लोग भय के बीच अपना कारोबार को करने को विवश हैं, तो दूसरी ओर बाहर से आकर कार्य करनेवाले बीच में ही कार्य बंद कर भागने को भी विवश होते हैं.
कमोबेश रंगदारी के लिए अलग-अलग समूह प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से जिले में अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं. उनकी मांगों को पूरा नहीं करनेवाले पेशे के लोगों को खामियाजा प्रत्यक्ष रूप से क्षति पहुंचाने या जान-माल की क्षति की धमकी के रूप में देखने को मिलती है. आखिर विकास एवं नागरिक सुविधाएं उपलब्ध करानेवाले पेशेवर करें, तो क्या करें.
कभी बेस कैंप, तो कभी कार्यालय होते हैं शिकार : जिले में पेशेवर अपराधियों व कुछ जनता के कथित रहनुमाओं के द्वारा रंगदारी की मांग को लेकर आये दिन कारोबारियों को शिकार बनाया जाता है.
दो वर्ष पूर्व छपरा से सत्तरघाट जानेवाली सड़क निर्माण कंपनी रंगदारी की मांग से त्रस्त होने के बाद अपना कारोबार समेट कर भागने को विवश हुई, तो विगत तीन वर्षो में पानापुर, अमनौर, तरैया, मकेर, परसा आदि प्रखंडों में कथित तौर पर नक्सली संगठन के नाम पर दर्जन भर निर्माण कंपनियों के कैंप पर हमला किया गया, जिससे निर्माण कंपनियों की निर्माण कार्य में लगीं लाखों रुपये की उपयोगी मशीनें नष्ट हो गयीं.
वहीं, कंपनियों के कर्मियों के साथ भी मारपीट की गयी. कुछ मामले में तो नक्सली घटना होने की बात सामने आयी, जहां घंटों तांडव के बाद भी मौके पर पुलिस नहीं पहुंच सकी. वहीं, कई स्थानों पर व्यवसायियों को भी लेवी के नाम पर असामाजिक तत्वों व आम जनों के रहनुमाओं द्वारा कथित तौर पर भयाक्रांत करने की घटनाएं होती रही हैं.
कुछ मामले में तो प्राथमिकियां भी दर्ज हुईं, परंतु, अंतत: ‘ढाक के तीन पात’ वाली कहावत चरितार्थ हुई. इससे निश्चित तौर पर विकास कार्य में लगे कारोबारियों में भय बढ़ा है. विगत 15 दिनों में पानापुर में मोबाइल टावर व जेसीबी को ध्वस्त करने, अमनौर थाना क्षेत्र के रसूलपुर में व्यवसायी के ऊपर लगे अपहरण के आरोप आदि घटनाएं कमोबेश इसी का परिणाम है. अमनौर के जदयू विधायक के खिलाफ पावर ग्रिड निर्माण कंपनी के ठेकेदार द्वारा रंगदारी मांगने व अन्य मामलों में शनिवार को अमनौर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है.
हालांकि, प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है. वहीं, विधायक निर्माण कंपनी के आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हैं. परंतु, पावर ग्रिड निर्माण कंपनी के कर्मियों के साथ हुई घटना को लेकर पूरे जिले में तरह-तरह की चर्चाएं हैं.
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