आवास पर रोड़ेबाजी के विरोध में डॉक्टरों ने नहीं किया काम

Published at :10 May 2015 8:05 AM (IST)
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आवास पर रोड़ेबाजी के विरोध में डॉक्टरों ने नहीं किया काम

बनियापुर (सारण) : रेफरल अस्पताल, बनियापुर में हंगामे से नाराज डॉक्टरों ने दूसरे दिन शनिवार को भी कार्य नहीं किया. बिहार हेल्थ सर्विस एसोसिएशन के आह्वान पर डॉक्टरों ने कार्य का बहिष्कार कर दिया और अस्पताल के मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर दी. इस वजह से ओपीडी व इमरजेंसी सेवा पूर्णत: बंद रही. हालांकि सुबह […]

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बनियापुर (सारण) : रेफरल अस्पताल, बनियापुर में हंगामे से नाराज डॉक्टरों ने दूसरे दिन शनिवार को भी कार्य नहीं किया. बिहार हेल्थ सर्विस एसोसिएशन के आह्वान पर डॉक्टरों ने कार्य का बहिष्कार कर दिया और अस्पताल के मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर दी.
इस वजह से ओपीडी व इमरजेंसी सेवा पूर्णत: बंद रही. हालांकि सुबह में 10 बजे से पहले पहुंचे एक दर्जन मरीजों का इलाज किया गया. कार्य बहिष्कार को लेकर इलाज कराने पहुंचे मरीजों को बैरंग वापस लौटना पड़ा.
डॉक्टरों ने तालाबंदी के बाद बैठक कर अपनी स्थिति से तत्काल वरीय पदाधिकारियों को अवगत कराते हुए जिलाधिकारी को पत्र के माध्यम से मामले की जानकारी दी. डॉक्टरों ने ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक तथा नर्सो के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को अवैधानिक बताते हुए तत्काल उसे वापस लेने की मांग की तथा चिकित्सक द्वारा नामजद किये गये लोगों के विरुद्ध प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी की मांग की. चिकित्सकों का कहना था कि अधिनियम 2011 तथा 14 के अनुसार बगैर जांच किये ही चिकित्सक पर प्राथमिकी न्यायसंगत नहीं है.
इसके बाद भी आनन-फानन में प्राथमिकी दर्ज की गयी है. रेफर एवं मृत्यु होने के दौरान आये दिन हो रहे हंगामे के मद्देनजर प्रशासनिक सुरक्षा मुहैया कराये बिना मरीजों को इलाज कराना मुमकिन नहीं है.
चिकित्सा प्रभारी डॉ एपी गुप्ता ने बताया कि जब तक सुरक्षा की व्यवस्था नहीं की जाती है, तब तक कार्य करना संभव नहीं है. बताते चलें कि आठ मई को पैगंबरपुर निवासी चांद मोहम्मद के चार माह के पुत्र की मौत रेफरल अस्पताल में हो गयी थी. इसके बाद परिजनों ने हंगामा किया था और डॉक्टर के आवास पर गाली-गलौज तथा रोड़ेबाजी भी की गयी थी.
छपरा : बनियापुर के रेफरल अस्पताल में शुक्रवार को हुए हंगामे के विरोध में शुक्रवार को डॉक्टरों ने काम नहीं किया. इससे अस्पताल में आये मरीजों को काफी परेशानी हुई. बिहार हेल्थ सर्विस एसोसिएशन के आह्वान पर डॉक्टरों ने काम नहीं किया. बताते चलें कि आठ मई को रेफरल अस्पताल में एक बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया था और डॉक्टर के आवास पर रोड़ेबाजी भी की थी.
मामले को राजनीति रंग देने की साजिश
मृत चार माह के सरफराज की दादी पैगंबरपुर पंचायत के वार्ड नंबर दो की सदस्य खुशबू निशा है. वहीं, ड्यूटी पर तैनात डॉ रवि रंजन की मां चंद्रकांति देवी पंचायत की मुखिया हैं. मरीज की मौत के बाद अस्पताल परिसर में हुए हंगामे को स्थानीय राजनीति से भी जोड़ कर देखा जा रहा है. लोगों में इस बात की चर्चा है कि पंचायत चुनाव के समय से ही दोनों के बीच मनमुटाव चल रहा था, जिससे मामले को तूल दिया गया.
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