परिसीमन व नये आरक्षण रोस्टर से खलबली

Published at :05 May 2015 5:05 AM (IST)
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परिसीमन व नये आरक्षण रोस्टर से खलबली

50 फीसदी सीटें आयेंगी नये आरक्षण के दायरे में, 2016 में होना है पंचायत आम चुनाव छपरा (सदर) : पंचायती राज अधिनियम के तहत 2016 में होनेवाले पंचायत आम चुनाव के लिए परिसीमन व आरक्षण रोस्टर बदले जाने की विभाग की तैयारी को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों की विभिन्न सामान्य व आरक्षित सीटों पर लगातार दो […]

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50 फीसदी सीटें आयेंगी नये आरक्षण के दायरे में, 2016 में होना है पंचायत आम चुनाव
छपरा (सदर) : पंचायती राज अधिनियम के तहत 2016 में होनेवाले पंचायत आम चुनाव के लिए परिसीमन व आरक्षण रोस्टर बदले जाने की विभाग की तैयारी को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों की विभिन्न सामान्य व आरक्षित सीटों पर लगातार दो बार या ज्यादा से जीत दर्ज करानेवाले 80 फीसदी पंचायत प्रतिनिधियों को या तो चुनाव लड़ने से वंचित होना पड़ेगा या दूसरे क्षेत्र से चुनाव लड़ने की तैयारी करनी होगी.
जनसंख्या के आधार पर होनेवाले परिसीमन व नये आरक्षण रोस्टर से अपनी कुरसी के अगले चुनाव में खतरे में पड़ते देख ऐसे पंचायत प्रतिनिधियों की चिंता बढ़ गयी है.
कई आरक्षित सीटें सामान्य श्रेणी में आयेंगी : सारण जिले में त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के तहत पूर्व में महिला, अतिपिछड़ी, अतिपिछड़ी महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जाति महिला आदि 50 फीसदी सीटें वर्ष 2006 तथा 2011 में हुए पंचायत आम चुनाव में आरक्षित थीं.
इस बार भी रोस्टर बदलने के बाद आरक्षण का क्षेत्र बदलेगा व कई सामान्य सीटें आरक्षित, तो कई आरक्षित सीटें सामान्य श्रेणी में आ जायेंगी. इसे लेकर खास कर मालदार पदों पर चुनाव लड़ कर जीत हासिल करनेवाले पंचायत प्रतिनिधियों में परेशानी देखी जा रही है. एक मुखिया ने तो यहां तक कहा कि यदि सामान्य महिला आरक्षण हुआ, तो वे अपने को चुनाव के लिए उतार सकते हैं, परंतु यदि दूसरी श्रेणी का आरक्षण हुआ, तो निश्चित तौर पर चुनाव से अपने पचांयत में खड़ा नहीं होने की स्थिति में आस-पास की पंचायत की तलाश उम्मीदवारी के लिए करनी होगी.
जिले में अनुसूचित जन जाति पुरुषों से ज्यादा महिलाएं : जिले में 2011 में हुई जनगणना के अनुसार अनुसूचित जन जाति के पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की जनसंख्या ज्यादा है, जबकि अन्य श्रेणी में महिला की आबादी से पुरुष की आबादी ज्यादा है. अनुसूचित जनजाति की कुल जनसंख्या 36786 में महिलाओं की संख्या 18464 है. अनुसूचित जन जाति की सबसे ज्यादा जनसंख्या मांझी प्रखंड में 10381 है. वहीं, दूसरे नंबर पर एकमा में उनकी जनसंख्या 9527 है.
पंचायती राज व्यवस्था के तहत जनसंख्या के आधार पर आरक्षण रोस्टर बनाने के लिए प्रपत्र तैयार किया जा रहा है. वहीं, रोस्टर बदलने से निश्चित तौर पर आरक्षण का क्षेत्र बदलेगा.
संतोष कुमार
जिला पंचायती राज पदाधिकारी, छपरा
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