आंधी-पानी से ध्वस्त हुए कई घर व पेड़
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :29 Apr 2015 12:04 AM (IST)
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खुद को सुरक्षित करने का प्रयास करता दिखा हर व्यक्ति, दिखा भावी भूकंप का खौफ तीन दिनों से भूकंप के झटकों को ङोलने के बाद आम लोग अभी इससे उबर भी नहीं पाये थे कि मंगलवार को आये तेज आंधी-तूफान ने एक अजीब-सा भय लोगों में पैदा कर दिया. अधिकतर लोग किसी अनहोनी की आशंका […]
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खुद को सुरक्षित करने का प्रयास करता दिखा हर व्यक्ति, दिखा भावी भूकंप का खौफ
तीन दिनों से भूकंप के झटकों को ङोलने के बाद आम लोग अभी इससे उबर भी नहीं पाये थे कि मंगलवार को आये तेज आंधी-तूफान ने एक अजीब-सा भय लोगों में पैदा कर दिया. अधिकतर लोग किसी अनहोनी की आशंका से घबरा रहे थे. कई लोग तो भगवान से इस आपदा से निबटने के लिए गुहार लगा रहे थे.
छपरा (सदर) : विगत तीन दिनों से भूकंप के झटके महसूस करने एवं भावी आशंकाओं से भय के बीच दिन-रात गुजार रहे लोगों में मंगलवार की दोपहर एक बार फिर भारी भय व्याप्त हो गया. दिन के लगभग 12.30 बजे काले बादलों केआकाश में छा जाने से चारों तरफ अंधेरे की स्थिति हो गयी. वहीं, कुछ ही देर में तेज आंधी तथा बारिश शुरू हो गयी. दहशतजदा कई लोग ईश्वर से इस आपदा से छुटकारा दिलाने के लिए गुहार लगा रहे थे.
भागने के दौरान कुछ जख्मी हुए
मंगलवार को दोपहर में लगातार चली तेज आंधी के कारण शहर से
लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में दर्जनों
पेड़ टूट गये. वहीं, कुछ स्थानों
पर तार के पेड़ गाड़ियों पर गिर गये. गांधी चौक के पास चार पहिया
वाहन पर तार का पेड़ गिरने से वाहन क्षतिग्रस्त हो गया. छपरा शहर के अलावा विभिन्न क्षेत्रों में पेड़ टूट कर गिरने की सूचना है. उधर, तेज आंधी व पानी से बचने के लिए खेत के बाहर या शहर के विभिन्न बाजारों में काम करनेवाले लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थान पर जाने के दौरान जख्मी हो गये, जिन्हें निजी क्लिनिक या सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए भरती कराया गया.
अभियंताओं को दिया गया जांच का जिम्मा
डीएम दीपक आनंद की मानें, तो सरकार के निर्देश के आलोक में गत दिन आये भूकंप के दौरान क्षतिग्रस्त
मकानों का जायजा लेने के लिए इंजीनियरिंग विभाग के अभियंताओं को जिम्मेवारी दी गयी है. सरकारी भवनों एवं निजी भवनों की जांच का जिम्मा भवन प्रमंडल, शिक्षा विभाग के तकनीकी अधिकारी के अलावा अन्य विभागों के अभियंताओं को
दिया गया. डीएम ने कहा कि जांच के दौरान सिर्फ क्षतिग्रस्त मकान के स्वामी को उपयुक्त सलाह दी जायेगी.
क्षतिग्रस्त मकानों के स्वामी को
किसी भी प्रकार का अनुदान नहीं दिया जायेगा. मकान के रख-रखाव एवं बेहतर निर्माण के लिए आवश्यक सलाह दिये जायेंगे.
सुरक्षित जगह की तलाश कर रहे थे लोग
आंधी, पानी के साथ-साथ भूकंप की आशंका के मद्देनजर आंधी शुरू होते ही शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों का हर व्यक्ति चाहे वह घर में हो या कार्यालय में, हर कोई भयभीत दिखा. सबों के चेहरे पर भूकंप की आशंका को लेकर चिंता की लकीरें दिखीं.
लगभग एक घंटे तक चली आंधी-पानी के दौरान घरों या कार्यालयों में बैठे लोग भी इस बात को लेकर सतर्क दिखे कि भविष्यवाणी के अनुसार कोई भी प्रतिकूल परिस्थिति उत्पन्न होती है, तो बिना किसी परेशानी के सुरक्षित रह सकें.
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