शहर तक आकर थम जा रही वाहनों की रफ्तार
Updated at : 27 Sep 2019 1:11 AM (IST)
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छपरा : शहर में आने वाले एंट्री के सभी मार्ग लगभग अवरुद्ध हैं. ग्रामीण क्षेत्रों व दूसरे जिलों से छपरा आने वाले वाहनों की रफ्तार शहरी क्षेत्र के प्रवेश मार्ग तक आते-आते थम जा रही है. इससे न सिर्फ आम यात्री परेशान हैं. बल्कि शासन व प्रशासन के लोग भी मुश्किल में हैं. विदित हो […]
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छपरा : शहर में आने वाले एंट्री के सभी मार्ग लगभग अवरुद्ध हैं. ग्रामीण क्षेत्रों व दूसरे जिलों से छपरा आने वाले वाहनों की रफ्तार शहरी क्षेत्र के प्रवेश मार्ग तक आते-आते थम जा रही है. इससे न सिर्फ आम यात्री परेशान हैं. बल्कि शासन व प्रशासन के लोग भी मुश्किल में हैं. विदित हो कि इस समय छपरा शहर में बाहर से प्रवेश के मुख्य चार-पांच मार्ग हैं. एनएच 19 से डोरीगंज के रास्ते आने वाले वाहनों को भिखारी चौक के पास महाजाम से जूझना पड़ता है.
भिखारी चौक से लेकर डोरीगंज के बीच जाम की समस्या विगत डेढ़ वर्षों से यथावत है. यह इस समय जिले का एक प्रमुख मुद्दा बना हुआ है. वहीं पश्चिमी क्षेत्र से शहर में प्रवेश के लिए ब्रह्मपुर से लेकर भगवान बाजार के बीच वर्ष में लगभग सात से आठ माह जाम की समस्या बनी रहती है.
इससे छोटे-बड़े वाहनों को मुख्यालय में प्रवेश करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. डोरीगंज-भिखारी ठाकुर चौक के बीच जाम की समस्या होने के बाद छपरा से आने व जाने के लिए प्राय: छपरा-गड़खा के रास्ते मानपुर होते हुए एनएच 19 तक प्रवेश मिलता है.
उधर से आने के क्रम में शहर के नेवाजी टोला चौक के पास भी अब जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है. इससे ग्रामीण इलाकों के साथ-साथ सीमावर्ती जिलों से मुख्यालय आने वाले लोगों को समस्या हो रही है. वहीं, छपरा से मशरक होते हुए भी पटना तक जाने का वैकल्पिक मार्ग मौजूद है.
इस मार्ग में भी शहर में प्रवेश के ठीक पहले बाजार समिति व साढ़ा बस स्टैंड के पास मौजूद ओवरब्रिज के इलाकों में इन दिनों जाम की समस्या बढ़ी है. जो लोग इन मार्गों के अतिरिक्त वैकल्पिक मार्ग की जानकारी रखते हैं वह किसी प्रकार शहर में प्रवेश ले पाते हैं. लेकिन जो इन्हीं मार्गों पर निर्भर हैं, उनके वाहनों की रफ्तार शहर आते-आते थम जाती है.
शहर में एंट्री के मार्ग5
वर्तमान में अवरुद्ध मार्ग4
प्रतिदिन आने वाले वाहन 1500
जाम से प्रभावित क्षेत्र14
इन प्रवेश मार्गों पर लग रहा जाम
भिखारी चौक
नेवाजी टोला चौक
बाजार समिति चौक
ब्रह्मपुर पुल
साढ़ा ओवरब्रिज के पास
श्यामचक-भगवान बाजार के पास
क्या कहते हैं अधिकारी
यातायात को सुचारु बनाने के लिए सभी प्रमुख मार्गों पर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी निर्धारित की गयी है. वनवे सिस्टम का अनुपालन सुनिश्चित हो, इसके लिए निर्देश जारी किया गया है.
इंद्रजीत बैठा, यातायात डीएसपी, सारण
गाड़ी में बैठे बच्चे पूछते हैं पापा, कब आयेगा घर
इन दिनों जाम की समस्या इतनी विकराल हो चुकी है कि हर जुबान पर इसकी चर्चा है. शाम होते ही चौक-चौराहों पर लोग जाम को लेकर तरह-तरह की बातें करते हैं.
किसी के घर आने वाले आगंतुक व अतिथि भी पहुंचते ही हाल समाचार पूछने के पहले जाम की समस्या पर ही चर्चा करनी शुरू कर देते हैं. दो दिन पहले नेवाजी टोला चौक के पास दर्जनों कारें जाम में फंसी रहीं. कार में बैठी एक महिला अपने पांच साल के बच्चे को किसी तरह फुसला रही थी.
डेढ़ घंटे से जाम में फंसे होने के बाद बच्चा बार-बार अपने पापा से पूछ रहा था कि घर कब आयेगा. उस बच्चे के पिता निरुत्तर थे. यह समस्या कब दूर होगी, यह कहना फिलहाल मुश्किल है. हालांकि जिला प्रशासन के वरीय अधिकारी जाम की समस्या को दूर कराने को लेकर प्रयास किये जाने की बात कह रहे हैं.
अस्पताल, कार्यालय, स्कूल तक आना हो रहा दूभर
जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए प्रशासन द्वारा कोई मास्टर प्लान तैयार नहीं किया जा रहा है. शहर के सरकारी व निजी शिक्षण संस्थानों में ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे पढ़ते हैं जो कि प्राइवेट या स्कूल के वाहन से विद्यालय आते हैं. इन बच्चों को जाम के कारण स्कूल आने-जाने में परेशानी हो रही है.
सुबह नौ बजे चलने वाले स्कूल व कॉलेजों में आने के लिए घर से सात बजे ही निकलना पड़ता है. एक सप्ताह पहले एक निजी विद्यालय के बच्चों ने जाम से तंग आकर तकरीबन तीन घंटों तक एनएच 19 को भिखारी चौक के पास जाम कर दिया था. वहीं जयप्रकाश विश्वविद्यालय तक जाने वाले प्राय: सभी मार्ग पिछले डेढ़ माह से जाम की समस्या से जूझ रहे हैं.
गत सोमवार को आयोजित विश्वविद्यालय की एक अहम बैठक चार घंटे की देरी से सिर्फ इसलिए शुरू हुई, क्योंकि कुलपति समेत सभी अधिकारी जाम के कारण देर से पहुंचे. इतना ही नहीं, जाम की समस्या के चलते प्रशासनिक अधिकारियों को भी विभिन्न क्षेत्रों में जाने में समस्या हो रही है.
हाइप्रोफाइल वाहन तो निकल जा रहे हैं लेकिन आम यात्रियों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ता है. जाम के कारण सदर अस्पताल इलाज के लिए आने वाले मरीजों को भी समस्या हो रही है. इमरजेंसी में अस्पताल रेफर किये गये मरीज कई बार रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं. इतना ही नहीं, सदर अस्पताल से पीएमसीएच रेफर किये जाने वाले मरीज भी जाम की समस्या से त्रस्त रहते हैं.
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