यूगांडा में भी फैल रहा इबोला! सात हुई संक्रमितों की संख्या, कांगो में 900 से ज्यादा संदिग्ध मामले

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Ebola Virus

इबोला वायरस का प्रकोप, फोटो- पीटीआई

Ebola Virus:यूगांडा में में इबोला वायरस के दो नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की संख्या सात हो गई है. बढ़ते संक्रमण और स्वास्थ्यकर्मियों के संक्रमित होने से पूरे क्षेत्र में चिंता और सतर्कता बढ़ गई है. वहीं कांगो में इबोला का कहर सामने आ रहा है. संदिग्ध संक्रमितों की संख्या बढ़कर 900 से ज्यादा हो गई है.

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Ebola Virus: यूगांडा के स्वास्थ्य अधिकारियों ने सोमवार को इबोला वायरस के दो नए मामलों की पुष्टि की है. इसके साथ ही देश में संक्रमित मरीजों की कुल संख्या बढ़कर सात हो गई है. सभी मामले पड़ोसी देश कांगो में फैले प्रकोप से जुड़े बताए जा रहे हैं. स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, संक्रमण की शुरुआत कांगो में आधिकारिक घोषणा से कई दिन या सप्ताह पहले हो चुकी थी. राजधानी कंपाला के एक अस्पताल में 59 साल के कांगो निवासी को 11 मई को भर्ती कराया गया था, जिसकी तीन दिन बाद मौत हो गई. बाद में जांच में उसके इबोला संक्रमित होने की पुष्टि हुई. इसके बाद इलाज के लिए युगांडा पहुंचे दो अन्य कांगोवासियों में भी इबोला संक्रमण पाया गया.

स्वास्थ्यकर्मियों में भी संक्रमण की पुष्टि

युगांडा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को पहले स्थानीय संक्रमण की जानकारी दी थी. संक्रमितों में एक वाहन चालक और एक स्वास्थ्यकर्मी शामिल थे, जो उस कांगोवासी मरीज के संपर्क में आए थे जिसकी मौत हो गई थी. सोमवार को मंत्रालय ने बताया कि कंपाला के एक निजी अस्पताल के दो और स्वास्थ्यकर्मियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है.

कांगो में 900 से ज्यादा संदिग्ध मामले

अधिकारियों ने बताया कि कांगो में संदिग्ध इबोला मामलों की संख्या बढ़कर 900 के पार पहुंच चुकी है. इनमें अधिकतर मामले पूर्वी इटुरी प्रांत से सामने आए हैं, जिसे मौजूदा प्रकोप का केंद्र माना जा रहा है. इबोला वायरल को लेकर स्थानीय लोगों में डर, गुस्सा और प्रशासन के प्रति अविश्वास के कारण डर का माहौल है. इसके कारण राहत और उपचार कार्यों में परेशानी आ रही हैं. उपचार केंद्रों पर हमलों की घटनाएं भी सामने आई हैं. यह इलाका लंबे समय से सशस्त्र हिंसा से प्रभावित रहा है.

वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित

इबोला के इस प्रकोप को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर चुका है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार इबोला से मरने वालों के शव अत्यधिक संक्रामक हो सकते हैं और अगर उन्हें दफनाने की तैयारी करने या अंतिम संस्कार के दौरान लोग इकट्ठा होते हैं तो इससे संक्रमण और फैल सकता है. संक्रमण के लिए जिम्मेदार बुंडीबुग्यो प्रकार के इबोला वायरस का फिलहाल कोई स्वीकृत टीका या प्रभावी इलाज उपलब्ध नहीं है.

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प्रीतीश सहाय

लेखक के बारे में

By प्रीतीश सहाय

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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