एनसीईआरटी ने 11 विषयों के लिए 28 पाठ्यक्रम बनाये

11वीं-12वीं के छात्र 11 विषयों की ऑनलाइन पढ़ाई करेंगे. एनसीईआरटी (नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग) ने 11 विषयों के 28 पाठ्यक्रम बनाये हैं.
समस्तीपुर : 11वीं-12वीं के छात्र 11 विषयों की ऑनलाइन पढ़ाई करेंगे. एनसीईआरटी (नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग) ने 11 विषयों के 28 पाठ्यक्रम बनाये हैं. एससीईआरटी (राज्य शैक्षिक अनुसंधान व प्रशिक्षण परिषद) ने इसे लेकर सभी जिले के डीईओ को बच्चों का रजिस्ट्रेशन कराने का आदेश दिया है. इन 11 विषयों की पढ़ाई वर्चुअल मोड में बच्चे करेंगे ताकि बेहतर ढंग से इनकी पढ़ाई हो सके. पढ़ाई सामग्री और विषयों तक पहुंचने के तरीके को समझने के लिए शिक्षक और अभिभावक भी इससे जुड़ेंगे. किस स्कूल में कितने बच्चों को इससे जोड़ा गया, इस पर रिपोर्ट मांगी गई है. राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद की संयुक्त निदेशक रश्मि प्रभा ने इसे लेकर निर्देश दिया है. आरडीडीई अपने प्रमंडल के सभी जिलों की मॉनिटरिंग करेंगे कि बच्चे इससे लाभ ले पा रहे हैं या नहीं. इस स्थिति से उन्हें अवगत कराने का भी निर्देश दिया गया है. डीपीओ सर्वशिक्षा अभियान अपने-अपने जिला में इसके नोडल अधिकारी होंगे. इसका लाभ अधिक-से अधिक बच्चों को मिल सके. डीपीओ एसएसए मानवेंद्र कुमार राय ने बताया कि एनसीईआरटी ने 11वीं और 12वीं के लिए ऑनलाइन कक्षाएं तैयार की हैं. इसे अलग-अलग चरण में चलाया जायेगा. एनसीईआरटी 22 अप्रैल से इसकी शुरूआत की है. इसमें 11 विषयों की बच्चे कक्षा करेंगे, जिनमें अकाउंटेंसी, बिजनेस स्टडीज, जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान, अर्थशास्त्रत्त्, भूगोल, गणित, भौतिकी, मनोविज्ञान, अंग्रेजी और समाजशास्त्र शामिल हैं. इन 11 विषयों में 28 ऑनलाइन पाठ्यक्रमों को रखा गया है. डीपीओ ने कहा कि ये ऑनलाइन पाठ्यक्रम वर्चुअल मोड में छात्रों की शिक्षा को और समृद्ध कर सकते हैं. डीपीओ को पाठ्यक्रम लिंक उपलब्ध कराया गया है. सामग्री और विषयों तक पहुंचने के तरीकों को समझने के लिए शिक्षक और अभिभावक भी इन पाठ्यक्रमों में भाग ले सकते हैं. पाठ्यक्रमों में नामांकन करने और इसके माध्यम से लाभ लेने के लिए सभी को प्रोत्साहित करना है. बता दें कि जिले के 11वीं-12वीं के लगभग 68 हजार बच्चों को इसका लाभ मिलेगा.डीपीओ ने बताया कि कक्षा नौवीं और 10वीं में अंग्रेजी और सामाजिक विज्ञान विषयों की विषय वस्तु में बदलाव की योजना है. राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद ने इस मामले में सर्व साधारण एवं विषय विशेषज्ञों से आवश्यक संशोधन मांगे हैं.
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