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Samastipur News:केजीबीवी की बच्चियों भी जेईई व नीट परीक्षा की करेंगी तैयारी

Updated at : 02 Aug 2025 7:03 PM (IST)
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Samastipur News:केजीबीवी की बच्चियों भी जेईई व नीट परीक्षा की करेंगी तैयारी

हर विद्यार्थी को समान शिक्षा का अवसर मिलना चाहिए, चाहे वह किसी गांव से हो या शहर से, अमीर हो या गरीब.

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Samastipur News:समस्तीपुर : हर विद्यार्थी को समान शिक्षा का अवसर मिलना चाहिए, चाहे वह किसी गांव से हो या शहर से, अमीर हो या गरीब. इसी सोच को हकीकत में बदलने के लिए बिहार सरकार ने एक बड़ी पहल की है. कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में बालिकाओं को अब नीट प्रतियोगिता परीक्षा की बारीकियां सिखाई जायेगी. इसके जरिए बालिकाओं की मेडिकल शिक्षा को पंख लगेंगे. माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के माध्यमिक-उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में आधारभूत संरचना विकास योजना के तहत जिले के पांच कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों को स्मार्ट टीवी से लैस किया जायेगा. इसके लिए प्रति विद्यालय डेढ़ लाख रुपये खर्च किये जायेंगे. नौवीं से बारहवीं कक्षाओं की छात्राओं को जेईई व नीट प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी के लिए फांउडेशन व एडवांस ट्रेनिंग की सुविधा दी जायेगी. विद्यालय स्तर पर इस योजना के अनुश्रवण की जिम्मेवारी संबंधित विद्यालय के प्रबंध समिति की होगी.

– जिले में संचालित टाइप 4 पांच विद्यालय किये गये चिन्हित

जिलास्तर पर डीईओ तो राज्य स्तर बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य परियोजना निदेशक की होगी. विदित हो कि दो साल पहले सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की तकनीकी व चिकित्सा शिक्षा (नीट/आईआईटी-जेईई) में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली परीक्षा की तैयारी के लिए आइसीटी लैब की ई-लाईब्रेरी में बच्चों का माक टेस्ट कराने का निर्णय शिक्षा विभाग ने लिया था. माॅक टेस्ट के माध्यम से तैयारी परखी जा रही है. माॅक टेस्ट अभ्यास परीक्षण होता है, जिन्हें वास्तविक परीक्षाओं के समान बनाया जाता है. इनका उपयोग छात्रों को वास्तविक परीक्षा के समान परिस्थितियों में प्रश्नों के उत्तर देने का अभ्यास करने की अनुमति देकर परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए किया जाता है. माॅक टेस्ट परीक्षण लेने के कौशल काे बढ़ाने का एक बेहतर तरीका है. बार-बार अभ्यास से उम्मीदवार समय सीमा के भीतर प्रश्नों का उत्तर देना सीख और समझ सकते हैं कि अधिकतम अंकों के लिए परीक्षा की तैयारी कैसे करें.

माध्यमिक स्तर पर पढ़ाई छोड़ने की दर में आई कमी

केजीबीवी स्कूलों ने ग्रामीण क्षेत्रों में लड़कियों के नामांकन दर में उल्लेखनीय वृद्धि की है. जिससे माध्यमिक स्तर पर पढ़ाई छोड़ने की दर में कमी आई है. लेकिन अभी और प्रयास की जरूरत है. बताते चलें कि बिथान, खानपुर, पूसा, दलसिंहसराय, समस्तीपुर में संचालित केजीबीवी टाइप फोर को इस योजना के तहत चयनित किया गया है. करीब चार सौ लड़कियों को नीट/आईआईटी-जेईई में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली परीक्षा की तैयारी कराई जायेगी. डीपीओ एसएसए जमालुद्दीन ने बताया कि स्कूल की पढ़ाई के साथ-साथ नीट की तैयारी करना भारी लग सकता है. नीट का विस्तृत पाठ्यक्रम और स्कूल पाठ्येतर गतिविधियों के साथ मिलकर, अक्सर छात्रों को तनावग्रस्त कर देता है और उन्हें तैयारी में बने रहने के लिए संघर्ष करना पड़ता है. स्कूल और नीट की तैयारी में संतुलन बनाना आसान नहीं है. नीट का पाठ्यक्रम भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान को गहराई से कवर करता है, जिसके लिए समर्पित अध्ययन समय की आवश्यकता होती है. इन समस्याओं को ध्यान में रखकर पहले एक संतुलित अध्ययन कार्यक्रम तैयार किया जायेगा और बच्चियों को नीट की तैयारी कराई जायेगी. सीखने के लिए सुरक्षित वातावरण प्रदान करके, केजीबीवी ने लड़कियों को सामाजिक मानदंडों को चुनौती देने और उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए सशक्त बनाया है. डीईओ कामेश्वर प्रसाद गुप्ता ने बताया कि केजीबीवी केवल एक योजना नहीं, बल्कि भारत की ग्रामीण और हाशिए पर पड़ी लड़कियों के भविष्य को आकार देने वाली एक परिवर्तनकारी पहल है. अपनी चुनौतियों का समाधान करने के निरंतर प्रयासों के साथ, केजीबीवी में सार्वभौमिक शिक्षा और लैंगिक समानता के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण प्रभाव डालने की क्षमता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ABHAY KUMAR

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ABHAY KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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