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विश्व प्लास्टिक बैग फ्री दिवस पर सामाजिक कार्यकर्ता ने बांटा जूट की थैली

Updated at : 03 Jul 2024 7:03 PM (IST)
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विश्व प्लास्टिक बैग फ्री दिवस पर सामाजिक कार्यकर्ता ने बांटा जूट की थैली

लोगों को किया जागरूक

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लोगों को किया जागरूक सहरसा विश्व प्लास्टिक बैग फ्री दिवस के अवसर पर बुधवार को सामाजिक कार्यकर्ता अनंत रौशन झा एवं रौशन मिश्रा ने जनजागृति अभियान सह जूट बैग वितरण कार्यक्रम चलाया. शहर के मुख्य बाजारों में घूम घूम कर लोगों को जूट से बने थैले का वितरण किया. साथ ही लोगों को सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग नहीं करने के लिए जागरूक किया. लोगों को संकल्प दिलाया कि दैनिक जीवन में कम से कम प्लास्टिक का उपयोग करेंगे. अनंत रौशन झा ने लोगों को जागरूक करते कहा कि प्लास्टिक थैले का उपयोग पूरी तरह वर्जित है. लेकिन प्रशासनिक उदासीनता की वजह से यह लागू नहीं हो पाता है. प्लास्टिक वर्षों में भी नष्ट नहीं हो पाता. दुनिया भर में हर सेकंड 16 लाख प्लास्टिक बैग का उपयोग किया जाता है. प्लास्टिक बैग का उपयोगी जीवन लगभग 12 से 25 मिनट है. लेकिन प्लास्टिक की थैलियों को नष्ट होने में पांच सौ से एक हजार वर्ष तक का समय लगता है. प्लास्टिक के मलबे से 260 से अधिक समुद्री प्रजातियांं नष्ट हुई हैं. प्लास्टिक बैग का उत्पादन पेट्रोलियम का उपयोग करके किया जाता है. समाजसेवी रौशन मिश्रा ने लोगों से अपील की कि प्लास्टिक कचरा विघटित नहीं होता है. जिसका अर्थ है कि यह लैंडफिल, मिट्टी, नदियों एवं महासागरों में सदियों तक बना रह सकता है. जिससे पर्यावरण के साथ-साथ वन्यजीवों को भी लगातार नुकसान पहुंंचता है. प्लास्टिक प्रदूषण से निपटने एवं हमारे ग्रह को बचाने के लिए एक सामूहिक प्रयास की जरूरत है. स्थानीय लोगों ने इस प्रयास की सराहना की. ………………………………………………………………………………………………………………………….. पॉलीथिन जानलेवा है, कपड़े के थैले का करें उपयोगः प्रवीण आनंद सहरसा सदर अस्पताल के निकट सोमवार को कोसी विकास संघर्ष मोर्चा के बैनर तले कपड़े के थैले को जनहित में कई लोगों को बांटे गया. मोर्चा अध्यक्ष विनोद कुमार झा, संरक्षक प्रवीण आनंद, फ्रैंड्स ऑफ आनंद के ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू, भाजपा नेता व पूर्व प्रमुख शंभुनाथ झा ने जागरूकता अभियान को संबोधित कहा कि हम सभी को पॉलीथिन को छोड़ना होगा. यह बहुत ही जानलेवा साबित हो रहा है. पॉलीथिन का असर मानव के साथ साथ पशु पक्षी पर भी पड़ता है. दुकानदारों को भी आगे आने की जरूरत है. सरकार को शराब बंदी की तरह अभियान चलाने की जरूरत है. सरकार इसके निर्माण को भी रोके. इसे अभियान चलाकर रोका जा सकता है. मौके पर कई लोगों को कपड़े के थैले से फायदा के बारे में जानकारी दी गयी एवं थैले भी बांटे गये.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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