अन्नपूर्णा योजना में बड़ी गड़बड़ी से हड़कंप, 12 पन्नों का फॉर्म भरने के बाद भी महिलाओं का पैसा पुरुष के खाते में ट्रांसफर

Annapurna Yojana West Bengal Suvendu Adhikari Government
Annapurna Yojana: पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार की अन्नपूर्णा योजना में बड़ी प्रशासनिक लापरवाही सामने आयी है. 12 पन्नों का फॉर्म भरने के बाद भी महिलाओं का पैसा पुरुष के खाते में चला गया. इस पर टीएमसी ने कड़ा विरोध जताया है.
खास बातें
Annapurna Yojana: पश्चिम बंगाल की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार की महत्वाकांक्षी ‘अन्नपूर्णा भंडार योजना’ (Annapurna Bhandar Yojana) में एक बड़ी गड़बड़ी सामने आयी है. महिला सशक्तिकरण और कल्याण के लिए शुरू की गयी योजना का लाभ एक पुरुष को मिला है. लक्ष्मी भंडार योजना जैसी गंभीर विसंगति के सामने आते ही विपक्षी दल तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया.
12 पन्नों का फॉर्म भरने के बाद भी गड़बड़ी?
इस सरकारी योजना का लाभ पाने के लिए महिलाओं ने 12 पन्नों का विस्तृत आवेदन फॉर्म भरा था. इस फॉर्म में पहचान पत्र से लेकर बैंक विवरण तक की जानकारी ली गयी थी. इतने कड़े और लंबे वेरिफिकेशन प्रोसेस के बावजूद, जब सरकार ने योजना की राशि जारी की, तो वह महिलाओं के साथ-साथ एक पुरुष के बैंक अकाउंट में भी क्रेडिट हो गयी.
तृणमूल का वार- ममता की लक्ष्मी भंडार बेहतर थी
इस प्रशासनिक चूक को लपकते हुए तृणमूल कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व और प्रवक्ताओं ने शुभेंदु सरकार की नयी नीति और कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल किये हैं. टीएमसी ने आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार ने ममता बनर्जी सरकार की बेहद लोकप्रिय ‘लक्ष्मी भंडार योजना’ का मुकाबला करने के लिए बिना किसी ठोस तैयारी और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर के जल्दबाजी में ‘अन्नपूर्णा भंडार योजना’ को लागू कर दिया.
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प्रशासनिक अक्षमता का प्रमाण
टीएमसी नेताओं ने कहा कि जो सरकार 12 पन्नों का फॉर्म भरवाने के बाद भी यह जांचने में अक्षम है कि लाभार्थी महिला है या पुरुष, वह राज्य की करोड़ों महिलाओं के साथ न्याय कैसे करेगी? उन्होंने मांग की है कि इस पूरे घोटाले या चूक की तुरंत उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए.
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सरकार बैकफुट पर, जांच और डेटा में सुधार के आदेश
इस मामले के तूल पकड़ते ही राज्य के खाद्य और आपूर्ति विभाग तथा महिला कल्याण विभाग के भीतर हड़कंप मच गया है. गड़बड़ी को तकनीकी खामी (Technical Glitch) या डेटा एंट्री ऑपरेटर की गलती माना जा रहा है. संबंधित विभाग ने बैंकों और आईटी टीम को तत्काल प्रभाव से इस विसंगति को सुधारने और प्रभावित महिला लाभार्थियों के खातों में सही तरीके से राशि भेजने का निर्देश दिया है.
Annapurna Yojana: डेटाबेस री-वेरिफिकेशन
भविष्य में ऐसी फजीहत से बचने के लिए प्रशासन अब अन्नपूर्णा भंडार योजना के तहत जमा हुए सभी आवेदनों के डिजिटल डेटाबेस का दोबारा भौतिक सत्यापन (Re-verification) करने की तैयारी में है, ताकि अपात्र लोगों या गलत खातों को सिस्टम से तुरंत बाहर किया जा सके.
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क्या है पूरा मामला? कैसे सामने आयी गड़बड़ी
मामला नदिया जिले के भीमपुर थाना क्षेत्र के चांदपुर गांव का है. संजीत विश्वास पेशे से ग्रामीण चिकित्सक हैं. उन्हें सरकारी वृद्धावस्था पेंशन का लाभ मिलता है. नियमित रूप से पेंशन की राशि निकालने के लिए बैंक के कस्टमर सर्विस सेंटर (सीएससी) जाते हैं. संजीत विश्वास ने बताया कि हाल ही में पेंशन की राशि निकालने के दौरान उन्हें जानकारी मिली कि उनके खाते में वृद्धावस्था पेंशन के अलावा अन्नपूर्णा भंडार योजना के 3,000 रुपए भी जमा हुए हैं. यह देखकर वह खुद हैरान रह गये.
संजीत बोले- खाते में अन्नपूर्णा भंडार के पैसे कैसे आये, नहीं मालूम
संजीत विश्वास ने कहा कि उन्होंने कभी अन्नपूर्णा योजना के लिए आवेदन नहीं किया. न ही वह इस योजना के पात्र लाभार्थी हैं. ऐसे में उनके खाते में यह राशि कैसे पहुंची, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है. संजीत विश्वास ने कहा- मैं वृद्धावस्था पेंशन के पैसे निकालने गया था. वहीं पता चला कि मेरे खाते में अन्नपूर्णा योजना के 3,000 रुपए जमा हुए हैं. मुझे समझ नहीं आ रहा कि यह कैसे हुआ. मैंने पैसा नहीं निकाला. मैंने केवल पेंशन की राशि निकाली.
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सरकारी पैसा वापस करने के लिए उठायेंगे कदम
संजीत ने कहा कि वह इस मामले की जानकारी स्थानीय पंचायत सदस्य और ग्राम पंचायत प्रधान को देंगे. यदि जांच में पता चलता है कि यह राशि गलती से उनके खाते में जमा हुई है, तो वह सरकारी नियमों के अनुसार इसे वापस करने के लिए आवश्यक कदम उठायेंगे.
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By मिथिलेश झा
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