सहरसा के खोचरदेवा में पेयजल संकट गहराया, ग्रामीणों ने डीएम से लगाई गुहार
Published by : Pratyush Prashant Updated At : 11 Jun 2026 11:08 AM
ग्रामीण डीएम को अपनी समस्या बताई
Saharsa News: आंगनबाड़ी केंद्र के उद्घाटन में विकास की चर्चा से ज्यादा पानी की समस्या गूंजी. ग्रामीणों ने डीएम के सामने रखी वर्षों पुरानी परेशानी, जल्द समाधान की मांग की.
सहरसा से वशिष्ठ कुमार की रिपोर्ट
Saharsa News: सलखुआ प्रखंड के खोचरदेवा गांव में पेयजल संकट एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है. मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र के उद्घाटन कार्यक्रम में पहुंचे जिलाधिकारी दीपेश कुमार के समक्ष ग्रामीणों ने हर घर नल-जल योजना की अधूरी स्थिति का मुद्दा उठाया और नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित कराने की मांग की. ग्रामीणों का कहना है कि योजना का लाभ अब तक पूरी तरह नहीं मिल सका है, जिसके कारण लोगों को रोजाना पेयजल की समस्या से जूझना पड़ रहा है.
उद्घाटन समारोह में उठा पेयजल संकट का मुद्दा
खोचरदेवा में आयोजित मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र के उद्घाटन समारोह के दौरान समाजसेवी एवं मुखिया प्रतिनिधि मंटून पासवान सहित कई ग्रामीणों ने जिलाधिकारी का ध्यान गांव की सबसे बड़ी समस्या की ओर आकर्षित किया. ग्रामीणों ने बताया कि सरकार की महत्वाकांक्षी हर घर नल-जल योजना के तहत कई कार्य अब तक अधूरे हैं. पाइपलाइन बिछाने का काम पूरी तरह नहीं हुआ है और वार्ड संख्या-1 में नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है.
पानी के लिए रोजाना करना पड़ता है संघर्ष
ग्रामीणों का कहना है कि नल-जल योजना के अधर में लटके रहने से उन्हें पेयजल के लिए वैकल्पिक स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है. कई परिवारों को दूर-दराज के चापाकलों और अन्य जल स्रोतों से पानी लाना पड़ता है. गर्मी के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब पानी की मांग बढ़ जाती है और उपलब्धता कम हो जाती है.
महिलाओं ने भी कार्यक्रम के दौरान अपनी समस्याएं खुलकर रखीं. उनका कहना था कि घर के दैनिक कार्यों से लेकर पीने के पानी तक के लिए उन्हें अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है. कई बार सुबह और शाम का काफी समय केवल पानी की व्यवस्था करने में निकल जाता है.
डीएम ने दिया जांच और कार्रवाई का भरोसा
ग्रामीणों की शिकायत सुनने के बाद जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने मामले को गंभीरता से लिया. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया. डीएम ने आश्वासन दिया कि पेयजल जैसी बुनियादी समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा और योजना की प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.
समाधान की उम्मीद में ग्रामीण
जिलाधिकारी के आश्वासन के बाद ग्रामीणों में उम्मीद जगी है कि लंबे समय से लंबित नल-जल योजना का कार्य जल्द पूरा होगा और गांव के लोगों को नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सकेगा. ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन सक्रियता दिखाए तो हजारों लोगों की यह समस्या जल्द दूर हो सकती है. फिलहाल खोचरदेवा के लोगों की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं.
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लेखक के बारे में
By Pratyush Prashant
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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