कोलकाता हिंसा मामले में 2 और गिरफ्तार, आरोपियों को घटनास्थल तक नंगे पैर ले गयी पुलिस

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पुलिस हिरासत में प्रदर्शन के दौरान हिंसा करने के आरोपी. सभी को नंगे पांव डोरिना क्रॉसिंग तक ले गयी पुलिस.

पुलिस हिरासत में प्रदर्शन के दौरान हिंसा करने के आरोपी. सभी को नंगे पांव डोरिना क्रॉसिंग तक ले गयी पुलिस.

NEET 2026 प्रश्नपत्र लीक के विरोध में और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर कोलकाता निकले मार्च के दौरान हिंसा मामले में कोलकाता पुलिस ने 2 और लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों को अपराध के घटनाक्रम को दोहराने के लिए नंगे पैर घटनास्थल पर ले जाया गया. हमले के विरोध में पत्रकारों ने कोलकाता में विरोध मार्च निकाला.

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कोलकाता पुलिस ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET 2026) प्रश्नपत्र लीक के विरोध में निकाले गये मार्च के दौरान हुई हिंसा मामले में सोमवार को 2 और लोगों को गिरफ्तार किया. इसके साथ ही इस मामले में गिरफ्तार किये गये लोगों की संख्या बढ़कर 16 हो गयी है. वकार आजम (35) पार्क सर्कस के कड़ेया और जावेद अख्तर (32) गार्डनरीच के पास नाडियाल थाना क्षेत्र का रहने वाला है. दूसरी तरफ, 24 जुलाई को मीडियाकर्मियों पर हुए हमले के विरोध में पत्रकारों ने सोमवार को कोलकाता में विरोध मार्च निकाला.

नीट पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन के दौरान मीडियाकर्मियों पर हमले के विरोध में पत्रकारों ने निकाला मार्च.
नीट पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन के दौरान मीडियाकर्मियों पर हमले के विरोध में पत्रकारों ने निकाला मार्च.

5 आरोपियों को डोरिना क्रॉसिंग ले गयी पुलिस

अपराध के घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने के लिए गिरफ्तार 5 लोगों को जांच के तहत सोमवार को फिर से एस्प्लेनेड के डोरिना क्रॉसिंग ले जाया गया. जांच अधिकारियों ने अपराध के घटनाक्रम को फिर से दोहराया यानी सीन री-क्रियेट किया, तो आरोपियों को पुलिस की सुरक्षा में नंगे पैर वहां तक ले जाते हुए देखा गया.

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प्रदर्शनकारियों ने पत्रकार और पुलिस पर किये थे हमले

  • प्रदर्शन को कवर कर रहे कई पत्रकारों पर हमले किये गये. उन पर जूते और बोतलें फेंकी गयीं.
  • प्रदर्शन के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर भी हमले की कोशिशें की गयीं.
  • हिंसा के सिलसिले में हेयर स्ट्रीट और एंटाली थाने में कुल 7 प्राथमिकी दर्ज की गयी हैं.

सबूतों के आधार पर आगे बढ़ रही जांच : पुलिस

कोलकाता पुलिस ने कहा है कि सबूतों के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है, जिसमें वीडियो फुटेज, डिजिटल सामग्री और गवाहों के बयान शामिल हैं. अगर और लोगों की भूमिका का पता चलता है, तो और गिरफ्तारियां की जायेंगी.

मुख्यमंत्री का दावा- हिंसा में शामिल 70 लोगों की हुई पहचान

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया है कि हिंसा के सिलसिले में कम से कम 70 लोगों की पहचान की गयी है, जो न तो छात्र थे, न ही कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के सदस्य. नीट प्रश्नपत्र लीक से भी उनका कोई संबंध नहीं था.

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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर निकला था मार्च

नीट प्रश्नपत्र लीक के विरोध में और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) और वामपंथी विचारधारा वाले अन्य छात्र संगठनों ने 24 जुलाई को कोलकाता में विरोध मार्च निकाला था. कॉजपा ने भी कोलकाता में अलग से जनसभा की थी.

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मिथिलेश झा

लेखक के बारे में

By मिथिलेश झा

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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