झमाझम बारिश से मौसम सुहाना, जलजमाव से बढ़ी परेशानी, धान की खेती में जुटे किसान

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फोटो : धबौली बैंक चौक के समीप  पीसीसी सड़क पर जलजमाव से आवागमन में आमजनों को परेशानी | Prabhat Khabar Network

फोटो : धबौली बैंक चौक के समीप पीसीसी सड़क पर जलजमाव से आवागमन में आमजनों को परेशानी | Prabhat Khabar Network

Saharsa Weather: क्षेत्र में हुई झमाझम बारिश ने किसानों को गर्मी से राहत दी है और धान की खेती के लिए खेतों में नमी आ गई है। किसान बुवाई की तैयारी में जुट गए हैं, जिससे खाद-बीज दुकानों पर किसानों की भीड़ देखी जा रही है।

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Saharsa Weather: पतरघट क्षेत्र में रविवार देर शाम से शुरू हुई झमाझम और रिमझिम बारिश ने लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत जरूर दिलाई, लेकिन कई इलाकों में जलजमाव ने नई परेशानी खड़ी कर दी. बाजारों से लेकर ग्रामीण सड़कों तक पानी भर गया, जिससे लोगों का आवागमन प्रभावित हुआ. दूसरी ओर लंबे इंतजार के बाद सक्रिय हुए मानसून ने किसानों के चेहरे खिला दिए हैं. खेतों में जुताई तेज हो गई है और खाद-बीज की दुकानों पर किसानों की भीड़ बढ़ने लगी है.

बारिश के बाद बाजार और सड़कों पर भर गया पानी

लगातार हुई बारिश के कारण पतरघट बाजार, पस्तपार बाजार और आसपास के कई ग्रामीण इलाकों की सड़कें जलमग्न हो गईं. कई जगहों पर पानी जमा रहने से लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.

धबौली बैंक चौक, कहरा बस्ती, कहरा मोड़ चौक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर और गोलमा बैंक चौक के पास पीसीसी सड़क पर भारी जलजमाव देखा गया. इन रास्तों से रोजाना गुजरने वाले छात्र-छात्राओं, टोटो चालकों, बाइक सवारों और पैदल राहगीरों की मुश्किलें बढ़ गईं.

जलभराव से बढ़ा हादसों का खतरा

सड़क पर जमा पानी के कारण गड्ढे दिखाई नहीं दे रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे दुर्घटना की आशंका लगातार बनी हुई है. कई मोहल्लों में स्थिति ऐसी हो गई कि लोगों के लिए पैदल चलना भी मुश्किल हो गया.

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बरसात से पहले जलनिकासी की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि हर साल होने वाली इस समस्या से राहत मिल सके.

किसानों के लिए राहत लेकर आई बारिश

जहां शहर और बाजार के लोगों के लिए बारिश परेशानी बनी, वहीं किसानों के लिए यह किसी राहत से कम नहीं है. लंबे समय से पर्याप्त बारिश का इंतजार कर रहे किसान अब धान की खेती की तैयारी में जुट गए हैं.

बारिश के बाद खेतों में पर्याप्त नमी आने से ट्रैक्टरों से जुताई शुरू हो गई है. किसान बिचड़ा तैयार करने और खेतों को रोपाई के लिए तैयार करने में जुटे हैं.

खाद और बीज की दुकानों पर बढ़ी भीड़

मानसून सक्रिय होने के साथ ही कृषि गतिविधियों में तेजी आ गई है. इसका असर स्थानीय बाजारों में भी देखने को मिल रहा है. खाद और बीज की दुकानों पर किसानों की अच्छी-खासी भीड़ जुट रही है.

किसानों का कहना है कि अब तक कम बारिश और नहरों में पर्याप्त पानी नहीं मिलने से खेती प्रभावित हो रही थी. लेकिन हाल की बारिश ने खेती की उम्मीदों को नई ताकत दी है. यदि आने वाले दिनों में भी समय-समय पर अच्छी बारिश होती रही तो इस वर्ष धान की बेहतर पैदावार की संभावना है.

Saharsa Weather: जलनिकासी व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

बारिश ने एक बार फिर क्षेत्र की जलनिकासी व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर कर दिया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि हर मानसून में यही स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में ठोस पहल नहीं होती.

लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि बाजार और प्रमुख सड़कों पर जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था विकसित की जाए ताकि बरसात के दौरान लोगों को बार-बार जलजमाव की समस्या का सामना न करना पड़े.

बारिश ने जहां मौसम को खुशनुमा बनाया है, वहीं यह भी साफ कर दिया है कि बेहतर ड्रेनेज सिस्टम के बिना हर मानसून में लोगों की परेशानी कम होने वाली नहीं है.

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Rajesh Kr Singh

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